{"_id":"57869b4f4f1c1b027d13f237","slug":"apharan-baspa","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपहृत बसपा प्रत्याशी का सुराग नहीं, खेतों में कांबिंग ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपहृत बसपा प्रत्याशी का सुराग नहीं, खेतों में कांबिंग
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Thu, 14 Jul 2016 02:18 AM IST
विज्ञापन
बसपा नेता के बारे में पुछताछ करते एसपी सिटी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कंकरखेड़ा बाईपास से अपहृत बुढ़ाना से बसपा प्रत्याशी मोहम्मद आरिफ जौला का 24 घंटे बाद भी पुलिस सुराग नहीं लगा सकी। दिन भर अफवाहों के बीच पुलिस फोर्स व लोगों की भीड़ दौड़ती रही, लेकिन कहीं कुछ नहीं मिला। आरिफ की तलाश में दिन भर खेतों में ड्रोन व डॉग स्क्वाएड लेकर कांबिंग की गई। गुस्साए लोग नेशनल हाइवे पर बार-बार जाम लगाते रहे और पुलिस उन्हें समझाने में जुटी रही।
मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना थानाक्षेत्र के जौला गांव निवासी मोहम्मद आरिफ जौला पुत्र हाजी हनीस बुढ़ाना से बसपा प्रत्याशी हैं। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे आरिफ दिल्ली से शामली के लिए चले थे। उन्होंने अपने रिश्तेदार साजिद निवासी जाकिर कॉलोनी मेरठ को दोपहर करीब दो बजे कंकरखेड़ा बाईपास पर पहुंचने को कहा था। आरिफ का तो कुछ पता नहीं चला था, जबकि उनकी स्कॉर्पियो गाड़ी कंकरखेड़ा बाईपास स्थित डाबका गांव के पास लावारिस हालत में खड़ी मिली थी।
आरिफ के अपहरण की जानकारी लगते ही जौला गांव और उसके मूल गांव हर्रा सरूरपुर से करीब एक हजार की संख्या में लोग कंकरखेड़ा हाइवे पर बुधवार सुबह सात बजे ही पहुंच गए। लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हाईवे जाम कर दिया। पुलिस फोर्स ने लोगों को समझा बुझाकर जाम खुलवाया। पुलिस और सैकड़ों ग्रामीण खेतों में कांबिंग करने में जुट गए। एसपी सिटी ओपी सिंह ने ड्रोन और डॉग स्क्वाएड को बुलाकर सर्च अभियान चलवाया। लेकिन सफलता नहीं मिली। इस बीच ग्रामीण और पुलिस में आरिफ की बरामदगी को लेकर तीखी झड़पें भी हुई।
विज्ञापन
भीड़ देखकर छूटे पुलिस के पसीने
आरिफ को ढूंढने के लिए करीब एक हजार लोग दिन भर हाईवे के आसपास गांव के जंगलों में जुटे रहे। हाइवे पर लोगों की भीड़ देखकर पुलिस के पसीने छूटते रहे। एसपी सिटी पुलिस अधिकारियों को बार-बार फोन कर भीड़ के बारे में बताते रहे। लोगों की बढ़ती भीड़ को देखकर पुलिस अफसरों ने पीएसी, आरएएफ व जनपद के सभी थानों की पुलिस फोर्स हाईवे पर बुला ली। गुस्साए लोगों को संभालने में दिन भर पुलिस मशक्कत करती रही।
अपहरण के पीछे क्या गहरा राज
एसपी सिटी ओपी सिंह ने बताया कि आरिफ के अपहरण होने के पीछे गहरा राज है। पुलिस मेरठ के ठेकेदार नईम समेत आठ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। बताते हैं कि नईम का टिकट काटकर ही बसपा ने आरिफ को प्रत्याशी घोषित किया था। पुलिस का दावा है कि विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर कोई ना कोई विवाद सामने आ सकता है।
जिस पर पुलिस की जांच टिकी है।
40 लाख रुपया बताया गया
आरिफ का दिल्ली, दुबई और पाक में बड़ा कारोबार है। परिजनों ने बताया कि आरिफ दिल्ली से 40 लाख रुपये लेकर चले थे। चर्चा है कि लूट के लिये उनका अपहरण हुआ है। गाड़ी से पैसा गायब मिला है। इस प्वाइंट पर भी पुलिस की जांच चल रही है। हालांकि पुलिस का कहना है आरिफ के परिजनों ने इतना पैसा न होने की बात उनसे नहीं बताई।
कहां से आई अचानक चाबी
पुलिस के मुताबिक आरिफ के अपहरण की सूचना पर मंगलवार को सीओ दौराला डॉ. अरविंद कुमार व एसओ कंकरखेड़ा यादराम यादव पुलिस फोर्स को लेकर घटनास्थल पर पहुंचे थे। जहां आरिफ की स्कॉर्पियो गाड़ी लॉक मिली थी। लोगों की भीड़ भी वहां पर मौजूद थी। एक घंटे बाद गाड़ी से दस कदम की दूरी पर अचानक स्कॉर्पियो की चाबी मिलती है। जबकि उनका मोबाइल फोन भी गाड़ी में था।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना थानाक्षेत्र के जौला गांव निवासी मोहम्मद आरिफ जौला पुत्र हाजी हनीस बुढ़ाना से बसपा प्रत्याशी हैं। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे आरिफ दिल्ली से शामली के लिए चले थे। उन्होंने अपने रिश्तेदार साजिद निवासी जाकिर कॉलोनी मेरठ को दोपहर करीब दो बजे कंकरखेड़ा बाईपास पर पहुंचने को कहा था। आरिफ का तो कुछ पता नहीं चला था, जबकि उनकी स्कॉर्पियो गाड़ी कंकरखेड़ा बाईपास स्थित डाबका गांव के पास लावारिस हालत में खड़ी मिली थी।
विज्ञापन
आरिफ के अपहरण की जानकारी लगते ही जौला गांव और उसके मूल गांव हर्रा सरूरपुर से करीब एक हजार की संख्या में लोग कंकरखेड़ा हाइवे पर बुधवार सुबह सात बजे ही पहुंच गए। लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हाईवे जाम कर दिया। पुलिस फोर्स ने लोगों को समझा बुझाकर जाम खुलवाया। पुलिस और सैकड़ों ग्रामीण खेतों में कांबिंग करने में जुट गए। एसपी सिटी ओपी सिंह ने ड्रोन और डॉग स्क्वाएड को बुलाकर सर्च अभियान चलवाया। लेकिन सफलता नहीं मिली। इस बीच ग्रामीण और पुलिस में आरिफ की बरामदगी को लेकर तीखी झड़पें भी हुई।
विज्ञापन
भीड़ देखकर छूटे पुलिस के पसीने
आरिफ को ढूंढने के लिए करीब एक हजार लोग दिन भर हाईवे के आसपास गांव के जंगलों में जुटे रहे। हाइवे पर लोगों की भीड़ देखकर पुलिस के पसीने छूटते रहे। एसपी सिटी पुलिस अधिकारियों को बार-बार फोन कर भीड़ के बारे में बताते रहे। लोगों की बढ़ती भीड़ को देखकर पुलिस अफसरों ने पीएसी, आरएएफ व जनपद के सभी थानों की पुलिस फोर्स हाईवे पर बुला ली। गुस्साए लोगों को संभालने में दिन भर पुलिस मशक्कत करती रही।
अपहरण के पीछे क्या गहरा राज
एसपी सिटी ओपी सिंह ने बताया कि आरिफ के अपहरण होने के पीछे गहरा राज है। पुलिस मेरठ के ठेकेदार नईम समेत आठ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। बताते हैं कि नईम का टिकट काटकर ही बसपा ने आरिफ को प्रत्याशी घोषित किया था। पुलिस का दावा है कि विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर कोई ना कोई विवाद सामने आ सकता है।
जिस पर पुलिस की जांच टिकी है।
40 लाख रुपया बताया गया
आरिफ का दिल्ली, दुबई और पाक में बड़ा कारोबार है। परिजनों ने बताया कि आरिफ दिल्ली से 40 लाख रुपये लेकर चले थे। चर्चा है कि लूट के लिये उनका अपहरण हुआ है। गाड़ी से पैसा गायब मिला है। इस प्वाइंट पर भी पुलिस की जांच चल रही है। हालांकि पुलिस का कहना है आरिफ के परिजनों ने इतना पैसा न होने की बात उनसे नहीं बताई।
कहां से आई अचानक चाबी
पुलिस के मुताबिक आरिफ के अपहरण की सूचना पर मंगलवार को सीओ दौराला डॉ. अरविंद कुमार व एसओ कंकरखेड़ा यादराम यादव पुलिस फोर्स को लेकर घटनास्थल पर पहुंचे थे। जहां आरिफ की स्कॉर्पियो गाड़ी लॉक मिली थी। लोगों की भीड़ भी वहां पर मौजूद थी। एक घंटे बाद गाड़ी से दस कदम की दूरी पर अचानक स्कॉर्पियो की चाबी मिलती है। जबकि उनका मोबाइल फोन भी गाड़ी में था।