उपद्रवियों से हर्जाना वसूलना भूल गया प्रशासन, पढ़िए अमर उजाला की ये खास रिपोर्ट
- 20 दिसंबर 2019 को शहर में उपद्रव के दौरान तोड़फोड़ में हुआ था नुकसान
- 134 उपद्रवियों से होनी थी 48 लाख की वसूली, अब तक नहीं लिया संज्ञान
विस्तार
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में 20 दिसंबर 2019 को उपद्रव के दौरान सरकारी संपत्ति का नुकसान करने वाले उपद्रवियों से पुलिस प्रशासन आठ माह बाद भी हर्जाना नहीं वसूल पाया है। पुलिस प्रशासन को करीब 48 लाख रुपये हर्जाना वसूलना था।
घटना के दौरान शहर में सैकड़ों की संख्या में उपद्रवियों ने पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा था। इस्लामाबाद और जाकिर कॉलोनी चौकी को आग के हवाले कर दिया था। उपद्रवियों ने तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट संजय पांडे, एक सीओ व पीएसी के 35 जवानों को बंधक बना लिया था।
आरएएफ के एक जवान और एक दरोगा भी गोली लगने से घायल हुए थे। हालात पर काबू पाने के लिए डीएम और एसएसपी को घंटों जूझना पड़ा था। इस दौरान हुई फायरिंग से छह लोगों की गोली लगने से मौत हो गई थी। पुलिस ने शहर और देहात के आठ थानों में 24 मुकदमे और दो एनसीआर दर्ज कराई थीं। 190 उपद्रवियों के पोस्टर सार्वजनिक स्थल पर चस्पा कराए गए थे और 72 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।
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सरकारी संपत्ति को हुआ था भारी नुकसान
हापुड़ रोड पर दो किमी की दूरी में उपद्रवियों ने डिवाइडर तोड़ डाले थे। ग्रिल उखाड़ फेंकी थी। पुलिस के एक दर्जन से ज्यादा वाहनों में तोड़फोड़ की थी। लिसाड़ी रोड पर भी उपद्रवियों ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था। 161 उपद्रवियों को चिन्हित किया गया था। इनमें से 134 से सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए 48 लाख रुपये की वसूली की जानी थी। उपद्रवियों को तहसील की तरफ से नोटिस भी भेजे गए। लेकिन नुकसान भरपाई के लिए ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासन का दावा है कि कुछ उपद्रवियों से तीन लाख रुपये वसूले गए हैं।
संपत्ति क्षति दावा अधिकरण का गठन
20 दिसंबर 2019 की घटना के बाद राजनीतिक जुलूस, विरोध प्रदर्शन और आंदोलन के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्तियों के नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार ने लखनऊ व मेरठ में संपत्ति क्षति दावा अधिकरण का गठन कर दिया है। हालांकि मेरठ में पहले भी बड़े बवाल हो चुके हैं। इसमें मछेरान बवाल और दो अप्रैल 2018 में हुआ बवाल भी है। इसमें उपद्रवियों ने सैकड़ों वाहनों में तोड़फोड़ के साथ शोभापुर पुलिस चौकी को आग के हवाले कर दिया था। 2011 में एल ब्लॉक के दंगे में भी शहर में भारी नुकसान हुआ था।
तीन लाख वसूले गए
20 दिसंबर के उपद्रव में हुए नुकसान को लेकर 48 लाख की हर्जाना वसूली होनी थी। तहसील के अमीन की तरफ से नोटिस दिए गए थे। करीब तीन लाख की वसूली भी की जा चुकी है। - अजय तिवारी, एडीएम सिटी
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