अमर उजाला लाइव: एक्सप्रेसवे पर दिन-रात काम का दावा निकला झूठा, दिसंबर तक कैसे पूरा होगा निर्माण
- एनएचएआई और जीआर इंफ्रा कंपनी के वादे की खुली पोल
- दिसंबर-2020 तक कैसे पूरा हो पाएगा एक्सप्रेसवे का काम
विस्तार
केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दिसंबर-2020 तक दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। हर बार बैठक में दिन-रात काम करने के दावे किए जाते हैं। लेकिन सुबह के समय ही काम होता दिख रहा है।
इतने बड़े प्रोजेक्ट में श्रमिकों की संख्या भी नाकाफी दिखाई देती है। एक-दो मशीनें इधर-उधर मिट्टी डालकर काम करती नजर आती हैं। परतापुर इंटरचेंज पर अन्य कोई काम होता नहीं दिखाई दे रहा है। जबकि अधिकारी रात में भी काम करवाने का दंभ भर रहे हैं।
एक लाइट तक का इंतजाम नहीं
एनएचएआई को रैपिड रेल का काम कर रही एलएंडटी कंपनी से सीख लेनी चाहिए। दिल्ली रोड पर शताब्दीनगर स्थित होंडा शोरूम के सामने रात में लाइट जलाकर वाहनों की सुरक्षा को देखते हुए काम किया जा रहा है। वहीं, एनएचएआई की तरफ से परतापुर इंटरचेंज पर कोई रिफ्लेक्टर नहीं लगाए गए हैं। इससे साफ है कि रात में काम करवाने की एनएचएआई की कोई मंशा भी नहीं है।
तीन अंडरपास और गोलचक्कर बनाना है
परतापुर इंटरचेंज पर अभी काफी काम बाकी है। यहां तीन अंडरपास का निर्माण होना है। अभी तक एक भी अंडरपास को खोलने की व्यवस्था नहीं हो सकी है। हाल ही में एक अंडरपास को दस दिनों के अंदर खोलने का दावा किया जा रहा है। इसके अलावा पूरा गोलचक्कर तैयार किया जाना है। रेलवे ओवरब्रिज से फ्लाईओवर को जोड़ने के लिए मिट्टी की लेवलिंग का काम भी बाकी है।