लव जेहाद : नेहा हत्याकांड में नया मोड़, शोएब कुरैशी ने जज के सामने दिया बड़ा बयान
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सोमवार दोपहर 1:55 बजे थे। पुलिस ने शोएब कुरैशी को सीजेएम कोर्ट में पेश किया। दोपहर 2:05 बजे सीजेएम के सामने अभियोजन पक्ष ने दस्तावेज प्रस्तुत किए। तभी आरोपी पक्ष के अधिवक्ता प्रमोद त्यागी ने कहा कि मेरे मुवक्किल को फर्जी फंसाया जा रहा है। नेहा की हत्या और सुमनलता के अपहरण का आरोपी आदित्य गुप्ता है, जबकि मेरे मुवक्किल का नाम शोएब कुरैशी है। अभियोजन पक्ष ने इस दलील के जवाब में कहा कि विवेचक ने नेहा की बहन श्वेता के बयान अंकित किए हैं। जिसमें श्वेता ने बताया कि शोएब खुद का नाम आदित्य गुप्ता उर्फ बबलू बताकर उनके घर आता था। विवेचना में स्पष्ट हुआ कि आदित्य गुप्ता ही शोएब कुरैशी है। सीजेएम ने करीब एक घंटा 20 मिनट तक दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। कोर्ट ने माना कि आदित्य गुप्ता ही शोएब कुरैशी है। उसके बाद उसका न्यायिक रिमांड बनाया गया।
नाम बताओ, सर बबलू
सीजेएम ने कठघरे में खड़े शोएब से पूछा कि अपना नाम बताओ, तो वह बोला कि मेरा नाम शोएब है। घर में मुझे बबलू कहते हैं। मैं आदित्य गुप्ता नहीं हूं। आदित्य गुप्ता कौन है, इसकी मुझे जानकारी नहीं। इस दौरान अभियोजन पक्ष ने बबलू के नाम की आईडी कोर्ट के समक्ष रख दी।
फर्जीवाड़े का भी मामला बनेगा
कोर्ट के समक्ष इस बात को लेकर जोरदार बहस हुई कि न्यायालय में मौजूद शोएब नेहा की हत्या और सुमनलता के अपहरण का आरोपी आदित्य है या नहीं। इस पर आरोपी पक्ष ने कहा कि पुलिस के पास ऐसा कोई भी साक्ष्य नहीं कि शोएब ही आदित्य है। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट के समक्ष शोएब का पहचान पत्र दिखाते हुए बताया कि उसने अपना पहचान पत्र बबलू के नाम से बनवाया हुआ है, जबकि दुकान का किरायानामा शोएब उर्फ बबलू के नाम से है। अन्य स्थानों पर उसने अपने नाम अलग-अलग रूप से उल्लेखित किए हैं। जिसके चलते आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों को बनाकर गैरकानूनी कार्य किए हैं। सरकारी अधिवक्ता ने विवेचक को सख्त हिदायत दी कि आरोपी के साक्ष्य जुटाकर उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही करते हुए फर्जीवाडे़ सहित अन्य धाराओं में भी पर्चे काटे जाएं।
पुलिस को नहीं दूंगा बयान
न्यायिक रिमांड के दौरान आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने आरोपी के 164 सीआरपीसी के तहत बयान दर्ज कराने की मांग की। इसका सरकारी वकील ने विरोध करते कहा कि आज की तिथि सिर्फ न्यायिक रिमांड के वास्ते है। इस पर आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने प्रार्थना पत्र दिया कि आरोपी अपने बयान पुलिस को दर्ज कराना नहीं चाहता इसलिए उसके बयान पुलिस द्वारा दर्ज न कराए जाएं। परंतु इन प्रार्थनापत्रों पर बाद में कोई बल नहीं दिया गया।
विवेचना पर उठे सवाल
नेहा की हत्या और सुमनलता के अपहरण के मामले में विवेचक धीरज शुक्ला की विवेचना पर कोर्ट में सवाल उठाए गए। कोर्ट ने भी विवेचक के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार करते हुए कहा कि ऐसी विवेचना होती है क्या? न्यायालय में बहस के बाद विवेचक से मौके पर मौजूद तमाम अधिवक्ताओं ने कहा कि विवेचक महोदय, आरोपी शोएब नेहा की हत्या के बाद उसकी मां सुमनलता को एक होटल में लेकर गया, जहां उसको खाना भी खिलाया। उसके बाद ही सुमनलता की हत्या हुई है। क्या पुलिस ने उक्त होटल से रिकॉर्ड एकत्र किए, तो इस पर विवेचक चुप्पी साध गया। वहां मौजूद सीओ सदर देहात यूएन मिश्रा ने विवेचक को सलाह दी कि शीघ्र ही उस होटल से भी साक्ष्य एकत्रित कर केस डायरी का हिस्सा बनाओ। विवेचक ने मंगलवार को ही होटल से सभी रिकॉर्ड जब्त करने की बात कही।