फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   आज से काम बंद कराने का ऐलान

आज से काम बंद कराने का ऐलान

Sun, 05 Oct 2014 05:32 AM IST
Meerut
Meerut Updated Sun, 05 Oct 2014 05:32 AM IST
विज्ञापन
मेरठ। लोहियानगर और वेदव्यासपुरी योजना में अतिरिक्त अनुग्रह राशि के मसले पर बुधवार को हुई बैठक में एमडीए अधिकारी और किसान किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सके। इस पर किसानों ने बृहस्पतिवार से काम बंद कराने का ऐलान कर दिया। वीसी राजेश कुमार ने आश्वासन दिया कि नवंबर में संभावित बोर्ड बैठक में प्रतिकर का प्रस्ताव रखा जाएगा। किसान इस पर भी नहीं माने। इस हंगामेदार बैठक में वीसी राजेश कुमार, एफसी वसी हैदर, चीफ इंजीनियर इंदु शेखर सिंह, तहसीलदार मांगेराम चौहान के अलावा किसान पोपीन प्रधान, अशफाक अली, महक सिंह, सुरेंद्र भड़ाना, सुनील, सतीश, रॉबिन, वीर सिंह, रोहित गुर्जर, मुस्तफा, अनिल चौधरी, सुभाष, मंगत सिंह, श्याम सिंह, प्रमोद, राजपाल सिंह, आजाद सिंह आदि मौजूद रहे। इस दौरान वेदव्यासपुरी के किसानों ने 490 की दर से सहमति पत्र भी सौंपा।
विज्ञापन

भड़क गए किसान:
बैठक शुरू हुई तो चीफ इंजीनियर ने कह दिया कि उन्हें नहीं बता कि पहले किसानों की बैठक कब हुई थी। इससे भड़के किसान उन्हें खरी-खोटी सुनाने लगे। बड़ी मुश्किल से उन्हें समझाया गया।
विज्ञापन

यह है मामला:
लोहियानगर योजना (वर्ष-1987) में काजीपुर, घोसीपुर और जाहिदपुर बुढेरा गांव के किसानों को उनकी जमीन के बदले पहले 42 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा दिया गया। छह माह बाद 21 रुपये तो वर्ष-2003 में 165 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से प्रतिकर दिया गया। अब किसान शताब्दीनगर की तर्ज पर 690 रुपये प्रतिकर की मांग कर रहे हैं, लेकिन 490 पर सहमति बनी। इसी तरह वेदव्यासपुरी योजना में पूठा, डूंगरावली, मलियाना और कुंडा गांव के किसानों को पहले 29.60 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा मिला। इसके बाद किसानों से 261 रुपये की दर पर समझौता हुआ, लेकिन मिले सिर्फ 165 रुपये। किसान बकाया 96 रुपये ब्याज के साथ मांग रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

------------------------------------
एमडीए वीसी और किसान आमने-सामने:
किसान : हम कई बार मीटिंग कर चुके हैं मिला क्या?
वीसी : शताब्दीनगर योजना में दिए गए अतिरिक्त पैसे की जांच शासन से शुरू हो गई है। अब नियमानुसार काम होगा।
किसान : शताब्दीनगर के किसानों ने पैसा लेने के बाद भी कब्जा नहीं दिया। एमडीए ने वेदव्यासपुरी में कब्जे के लिए पीएसी क्यों भेजी?
वीसी : शताब्दीनगर में भी फोर्स कब्जा लेने जाती है। आपका 75 फीसदी काम हो गया है। 25 फीसदी का मामला बोर्ड में रखना बाकी है।
किसान : बैठक कब होगी?
वीसी : 20 नवंबर तक।
किसान : आपातकालीन बैठक क्यों नहीं?
वीसी : मेरे हाथ में नहीं है। कमिश्नर से समय लेना पड़ता है।
किसान : ये बहाना है। इंतजार नहीं करेेंगे। योजना में फ्लैटों का निर्माण बंद करा देंगे।
वीसी : काम बंद कराने का क्या लाभ, प्रक्रिया चल रही है।
किसान : हम कुछ नहीं जानते। हमे पैसा दिलाओ और लिखकर दो कि बोर्ड मेें प्रस्ताव पास होगा।
वीसी : यह मेरे हाथ में नहीं है। मैं बस प्रस्ताव रख सकता हूं।
किसान : हम भी बोर्ड मीटिंग में आएंगे।
वीसी : उसमें बोर्ड सदस्यों के अलावा कोई और नहीं आ सकता।
किसान : यह बताइये कि दो माह से पहले कुछ होगा या नहीं?
वीसी : बोर्ड मीटिंग से पहले कुछ नहीं।
किसान- (शोर मचाते हुए) यहां कुछ नहीं होगा। हम कल से काम बंद करा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed