फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   चार पिलरों में फंसी पांच लाख जिंदगी

चार पिलरों में फंसी पांच लाख जिंदगी

Sat, 20 Apr 2013 05:30 AM IST
Meerut
Meerut Updated Sat, 20 Apr 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
मेरठ। रक्षा मंत्रालय की एनओसी न मिलने से रोहटा रोड ओवरब्रिज पर रुके चार पिलरों का निर्माण लाखों लोगों के लिए मुसीबत बना है। स्कूली बच्चों से लेकर बुजुर्ग, महिला, पुरुष तक जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार कर रहे हैं। यहां एक साल से काम रुका है। मालूम हो कि सिटी स्टेशन के पास रेलवे फाटक पर मेरठ-बड़ौत को जोड़ने वाले ओवरब्रिज का निर्माण उप्र. सेतु निगम ने एक अप्रैल 2010 को शुरू किया था। नवंबर 2011 तक काम तेजी से चला। सेतु निगम ने छावनी की ओर वाले ओवरब्रिज का निर्माण पूरा भी कर दिया। सेतु निगम ने रोहटा की ओर से काम शुरू किया और तेजी से चार पिलरों का निर्माण करा दिया। रेलवे ने भी तेजी से काम किया।
विज्ञापन

यहां फंसा पेंच :
नवंबर 2011 में कैंट स्थित एक सैन्य यूनिट के अधिकारी ने सेना की जमीन पर बगैर एनओसी के चले काम को रोकने के लिए पत्र जारी कर दिया। सब एरिया मुख्यालय की मौखिक सहमति पर सेतु निगम ने काम जारी रखा। लेकिन कैंट बोर्ड का करीब 27 लाख रुपये डैमेज चार्ज न चुकाने पर 5 मई 2012 को सब एरिया मुख्यालय के निर्देश पर काम पूरी तरह बंद कर दिया गया। अब कैंट बोर्ड डैमेज चार्ज करीब 40 लाख रुपये मांग रहा है।
विज्ञापन

120 मीटर का काम अधूरा :
825 मीटर लंबे ओवरब्रिज निर्माण में 705 मीटर का निर्माण पूरा हो चुका है। एनओसी के चलते 120 मीटर का काम रुका है। निर्माण में लगे सेतु निगम अभियंताओं के अनुसार रक्षा मंत्रालय से एनओसी मिलने के बाद छह माह में ओवरब्रिज का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्या है प्रोजेक्ट :
कुल लंबाई : 825 मीटर
रेलवे का हिस्सा : 78 मीटर
उप्र सेतु निगम का हिस्सा : 747 मीटर
निर्माण कार्य शुरू करने की तिथि : 1 अप्रैल 2010
निर्माण कार्य पूरा करने की तिथि : 1 जून 2013
कुल लागत :
सेतु निगम की लागत : 2,207 लाख रुपये
रेलवे का खर्च : 345 लाख रुपये
उप्र सेतु निगम ने अब तक किया खर्च : 1,432 लाख रुपये
निर्माण कार्य में देरी के कारण बढ़ी लागत : 400 लाख रुपये
लोग झेल रहे मुसीबत :
ओवरब्रिज न बनने के कारण शहर और रोहटा की ओर रहने वाले लाखों लोग प्रभावित हो रहे हैं। इसमें शहर की ओर से जैन नगर, घंटाघर, ट्रांसपोर्ट नगर और कैंट क्षेत्र के करीब दो लाख लोग हैं। इसके अलावा रोहटा की ओर नगर निगम वार्ड 9, 10, 37 और छह में बसी कालोनियों में सरस्वती विहार, शिवराम पुरम, गोकुल विहार, गगन विहार, गगन एंकलेव, खड़ौली, नंद विहार, विकासपुरी, आजलपुर, तेजविहार, सैनिक विहार, जवाहर नगर आदि क्षेत्र शामिल हैं। यहां करीब तीन लाख की आबादी है। ये लोग पहले रेलवे क्रासिंग पर कर जाते थे। लेकिन पुल के चक्कर में क्रॉसिंग हटा दी गई। अब लोग करीब तीन किलोमीटर का चक्कर लगाकर रोहटा फाटक की ओर पहुंच रहे हैं।
------
रक्षा मंत्रालय से बात चल रही है। उनकी आपत्ति दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही एनओसी मिलने की उम्मीद है। - मृत्युंजय कुमार नारायण, मंडलायुक्त
--------
सेना से एनओसी नहीं मिल पाई है, जिसके कारण बार-बार काम रोक दिया जाता है। रक्षा मंत्रालय से एनओसी मिलने के बाद ही दोबारा काम शुरू होगा। - वीके गुप्ता, डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर, उप्र सेतु निगम, गाजियाबाद

------
रक्षा मंत्रालय से वार्ता हुई है, शीघ्र ही एनओसी मिल जाएगी। - वीके यादव, जीओसी मेजर जनरल, पश्चिम यूपी सब एरिया कमांडर
------
स्टेशन कमांडर मेरठ से लेकर रक्षा मंत्रालय तक कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। इस संबंध में शीघ्र ही रक्षा मंत्री से मुलाकात कर वार्ता करेंगे। - राजेंद्र अग्रवाल, सांसद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed