फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   तरुण के हत्यारे को आजीवन कारावास

तरुण के हत्यारे को आजीवन कारावास

Fri, 03 Nov 2017 02:42 AM IST
Updated Fri, 03 Nov 2017 02:42 AM IST
विज्ञापन
तरुण के हत्यारे को आजीवन कारावास
युवा अधिवक्ता तरुण हत्याकांड लविंद्र को आजीवन कारावास
विज्ञापन


- मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. ओपी शर्मा का इकलौता बेटा था तरूण

मेरठ। गाजियाबाद की ईसी एक्ट कोर्ट ने बृहस्पतिवार को युवा अधिवक्ता तरुण शर्मा हत्याकांड में दोषी शिवलोक पुरी कंकरखेड़ा निवासी लविंद्र तोमर को आजीवन कारावास की सजा सुना दी। स्पेशल जज (ईसी एक्ट) रामकिशोर शुक्ला ने लविंद्र पर 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आदेश के बाद लविंद्र को कड़ी सुरक्षा में डासना जेल भेजा दिया गया।
21 दिसंबर 2014 की रात मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता डा. ओपी शर्मा के पुत्र तरुण की हत्या कोतवाली क्षेत्र के स्वामीपाड़ा क्षेत्र में गोली मारकर कर दी गई थी। तरुण के घर पार्टी में उसके दोस्त लविंद्र, निखिल, विशाल और अतुल शामिल थे। तरुण और लविंद्र के बीच विवाद हुआ था, जिसे अन्य दोस्तोें ने शांत करा दिया था। बाद में घर से बाहर आकर लविंद्र ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर तरुण की हत्या कर दी थी। लविंद्र भाग गया था। प्रापर्टी डीलर एवं साइबर कैफे संचालक लविंद्र पर तरुण के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई जिला जज मेरठ के न्यायालय में चल रही थी, लेकिन 16 अक्तूबर 2015 को केस उच्चतम न्यायालय के आदेश पर जिला जज गाजियाबाद की कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि ईसी एक्ट कोर्ट ने आरोपी को मंगलवार को दोषी करार दिया था। साथ ही बृहस्पतिवार को सजा पर बहस के बाद लविंद्र को सजा सुनाई।
विज्ञापन


जिंदगी भर नहीं भूल सकेंगे ये दर्द
तरुण हत्याकांड को लेकर बृहस्पतिवार को सुबह से ही फैसले पर कचहरी में वकीलों की नजर लगी थी। तरुण के पिता और इस केस के वादी सीनियर अधिवक्ता डॉ. ओपी शर्मा ने कहा कि उनका बेटा तो जिंदगी भर के लिए चला गया। परिवार को ऐसा दर्द मिला जो जिंदगी भर वह नहीं और उनका परिवार नहीं भूल सकेगा। जब भी इकलौते बेटे की याद आती है तो बस आंखों में आंसू ही आने लगते हैं। पता नहीं वह कौन सी मनहूस रात थी, जिसने पल भर में मेरा सब कुछ छीन लिया था। बेटा तो मेरी आंखों के सामने जिंदा नहीं है। लेकिन जो कानूनी लड़ाई हमने लड़ी, उसमें कातिल को आजीवन कारावास मिला
विज्ञापन
विज्ञापन

शादी से पहले ही चला गया था दुनिया से
तरुण कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ रहा था। प्रारंभिक शिक्षा के बाद वह न्यूजीलैंड में पढ़ाई करने चला गया था। वहीं से एमबीए करने के बाद दो साल तक नौकरी भी की थी। इस दौरान बहन की शादी हुई तो वह अपने पति के साथ पहले मुंबई और फिर विदेश में चली गई। माता-पिता को देखकर तरुण दूर नहीं रहना चाहता था और विदेश से मेरठ आ गया। बाद में वह एमएलएम की पढ़ाई करने लगा था। फरवरी 2015 में तरुण की शादी होनी थी। लेकिन उससे दो माह पहले की कातिल ने उसकी जान ले ली थी। मेरठ कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई करने के बाद तरुण पिता के साथ ही प्रैक्टिस करने लगा था।

फोरेसिंक रिपोर्ट बदली गई थी
ओपी शर्मा ने कहा कि इस केस में इंस्पेक्टर अजय कुमार अग्रवाल ने गहनता से विवेचना की थी। लेकिन फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद नया मोड़ आया था कि जो पिस्टल बरामद हुई है, उससे गोली चली ही नहीं थी। बाद में पता चला कि फोरसिंक लैब आगरा से रिपोर्ट बदलवायी गई। लेकिन हमने लंबी लड़ी लड़ाई। एक सच्चाई की जीत हुई। इस पर जांच भी बैठा दी गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed