फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   निगम की तिजोरी में धन बरसा, शहर विकास को तरसा

निगम की तिजोरी में धन बरसा, शहर विकास को तरसा

Mon, 04 Sep 2017 02:55 AM IST
Updated Mon, 04 Sep 2017 02:55 AM IST
विज्ञापन
निगम की तिजोरी में धन बरसा, शहर विकास को तरसा
मेरठ। नगर निगम की तिजोरी में धन तो खूब बरसा। लेकिन शहर की जनता विकास को तरस गई है। हालत यह है कि नगर निगम बोर्ड में पास हुए प्रस्तावों पर भी कार्य नहीं हो रहे हैं। यही कारण है कि शहर की सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गयी हैं, तो नालों की दीवारें भी बारिश के दौरान बह गयी हैं। कई क्षेत्रों की जनता जलभराव जैसी समस्या से जूझ रही है। निगम प्रशासन हाथ पर हाथ रखकर बैठा है।
विज्ञापन

नगर निगम बोर्ड में करीब 76 करोड़ रुपये के बजट प्रस्ताव पास किए गए थे। जिनकी टेंडर प्रक्रिया अपनाकर कार्य शुरू होने थे। बताया जा रहा है कि इस समय नगर निगम के खजाने में 80 करोड़ रुपये से भी अधिक धन जमा है। लेकिन यह पैसा शहर के विकास पर खर्च ही नहीं हो रहा है। स्मार्ट सिटी का सपना देखने वाली जनता अब कह रही है कि शहर की समस्याओं का ही निस्तारण हो जाए तो गनीमत है।
विज्ञापन

समस्याओं से घिरा है शहर
नगर निगम निर्माण विभाग के अधिकारी न तो शहर की टूटी सड़कों को लेकर गंभीर हैं और न ही अन्य विकास कार्य के लिए। वजह चाहे कोई हो। लेकिन शहर की जनता परेशान है। शहर की किसी भी सड़क पर निकल जाएं, कहीं जर्जर मिलेगी तो अधिकांश सड़के गड्ढों के चलते पैदल चलने लायक नहीं बची हैं। शारदा रोड पर हाल में बनी सड़क में गड्ढे हो चुके हैं। नूर नगर मार्ग की हालत तो इस कदर खस्ताहाल हो चुकी है कि कब हादसा हो जाए, कोई गारंटी नहीं। कई जगह जलभराव से नाले-नालियों के आसपास जमीन धंस चुकी है। कोटला नाले की दीवार कई जगह से गिर चुकी है, जिसके चलते यहां हादसा होने का अंदेशा बना रहता है। ओडियन नाले का भी यही हाल है।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रस्ताव हुए हवा
इनमें काफी सड़कें ऐसी हैं, जिनके प्रस्ताव पूर्व में महापौर और पार्षदों ने दिए हुए थे। उन पर भी कोई कार्य शुरू नहीं किया गया है। पिछले करीब चार माह से विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं।

हमें रेट नहीं मिल रहे थे
नगर निगम के चीफ इंजीनियर कुलभूषण वार्ष्णेय का कहना है कि विकास कार्यों के लिए रेट का निर्धारण पीडब्लूडी करती है। जीएसटी का निर्धारण नहीं हो पाया था। अब पीडब्लूडी से रेट मिल रहे हैं। शीघ्र ही टेंडर प्रक्रिया शुरू करके विकास कार्य शुरू कराए जाएंगे।
खास बात
76 करोड़ रुपये के बजट प्रस्ताव पास हुए नगर निगम बोर्ड बैठक में
80 करोड़ से ज्यादा धन जमा है निगम के खजाने में
04 माह से निगम अधिकारी रोके बैठे हैं शहर के विकास का रास्ता
- शहर की सड़कें गड्ढों में तब्दील, बारिश में बह चुकीं नालों की दीवारें
- जलभराव से जूझ रही जनता, एक भी प्रस्ताव पर शुरू नहीं हुआ काम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed