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जीएसटी: फर्जीवाड़ा कर किया टैक्स चोरी, अब शिकंजे की बारी

Tue, 12 Feb 2019 02:10 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 12 Feb 2019 02:10 AM IST
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GST: tax evasion made by forgery, now turn of screws
जीएसटी
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत टैक्स चोरी करने वालों पर मुख्य तौर पर पांच कैटेगिरी में शिकंजा कसा जाएगा। साथ ही 25 लाख से ज्यादा की टैक्स चोरी के मामलों की जीएसटी काउंसिल खुद मॉनिटरिंग करेगी। मेरठ में ऐसे 18 मामले निकले हैं, जिनकी सूची जीएसटी काउंसिल को भेजी गई है।
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प्रदेश में जीएसटी चोरी के मामलों में बढ़ोतरी होने के बाद जीएसटी काउंसिल ने इसकी सूची मांगी थी। विभाग ने 25 जनवरी को जोनल कार्यालय के अफसरों को पत्र भेजकर अब तक हुई इस तरह की कार्रवाई का विवरण मांगा गया था। इसमें उन मामलों को प्रमुखता से अलग करने को कहा गया था, जिनमें 25 लाख रुपये से अधिक कर चोरी पाई गई है।
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वाणिज्य कर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद शहर में अभी तक 18 मामले ऐसे हैं जिनमें 25 लाख रुपये से अधिक की टैक्स चोरी सामने आई है। इन सभी मामलों की सूचना निर्धारित प्रारूप में भेज दी गई है। इन सूचनाओं के तहत फर्म का नाम, जीएसटी नंबर, टैक्स चोरी की रकम, वसूली की रकम, फर्म नई या पुरानी और अनुमानित टर्नओवर आदि केतहत जानकारी भेजी गई है। जीएसटी के सूत्र बताते हैं कि जीएसटी काउंसिल की इन्वेस्टिगेशन विंग ऐसे मामलों की निगरानी करेगी।

इन फर्जीवाड़ों पर नजर
वाणिज्य कर विभाग और जीएसटी काउंसिल का मुख्य फोकस अब इस तरह के टैक्स चोरी के ऐसे मामलों पर होगा, जिनमें बिलबुक केजरिए फर्जीवाड़ा, टर्नओवर छिपाकर, रिफंड केजरिए, फर्जी बिल बनाकर और तथ्यों को छिपाकर फर्जीवाड़ा किया गया है।

10 दिन, 31 गाड़ी पकड़ी, 21 लाख वसूला टैक्स
ज्वाइंट कमिश्नर ओम प्रकाश ने बताया कि इस माह पिछले 10 दिन में 31 गाड़ियां पकड़ी गईं है, जिनमें करीब 21 लाख रुपये का टैक्स वसूूला गया है। इन गाड़ियों में टैक्स चोरी कर माल ले जाया जा रहा था। इनमें लोहा, परचून, रेडीमेड और लकड़ी आदि सामान था। यह बिना ईवे बिल और बिना बिल बुक के ले जाया जा रहा था। टैक्स वसूली के बाद गाड़ियों को छोड़ दिया गया।

अब ऑनलाइन दी जाती है सूचना
अब वाणिज्य कर विभाग को हर छापेमारी की मौके से ही विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन सूचना देनी होती है। बताना होता है कि कितना माल है, गाड़ी और सामान केपेपर हैं या नहीं। इसके अलावा चालक का बयान भी ऑनलाइन भेजना पड़ता है।

छह दस्ते कर रहे छापेमारी
वाणिज्य कर विभाग की इंवेस्टिगेशन विंग लगातार छापेमारी कर रही है। छह दस्ते इसकी जांच पड़ताल और कार्रवाई में लगे हैं। पांच दल मेरठ जिले में और एक दस्ता बागपत क्षेत्र में छापेमारी करता है। मुखबिरों केजरिए भी इनके पास सूचनाएं आती हैं।
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