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हजरत शाह याकूब कादरी का 23 वां उर्स मनाया
Updated Fri, 15 Sep 2017 03:11 AM IST
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मेरठ। मदरसा इस्लामी अरबी अंदर कोट गुजरी बाजार में हजरत अल्लामा अलहाज शाह मुफ्ती कारी मौ. याकूब कादरी का 23 वां उर्स मनाया गया।
आयोजित जलसे को खिताब करते हुए हजरत सईद अख्तर भोजपुरी ने कहा कि हजरत याकूब कादरी ने तमाम जिंदगी शिक्षा सेवा में गुजारी। इल्म के बगैर इंसान किसी भी क्षेत्र में तरक्की नहीं कर सकता। इल्म नेक जिंदगी गुजारना सिखाता है और हर बुराई से बचाने की सीख देता है। मुफ्ती मौ. रहमतुल्लाह मिस्बाही ने कहा कि कुछ फिरकापरस्त ताकतें सौहार्दपूर्ण वातावरण को बिगाड़ने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने उर्स के माध्यम से केंद्र सरकार से मांग की कि बर्मा के पीड़ित मुसलमानों की मदद कर अत्याचार रोकने के लिए पहल करें।
उर्स का आगाज कुरानपाक की तिलावत से हुआ। अध्यक्षता शेख गुलाम फरीदउद्दीन साबरी ने की। मौ. फैजुर्रसूल कादरी मुंबई एवं हाफिज अब्दुल कदीर ने शायरी के माध्यम से हजरत याकूब कादरी के जीवन पर प्रकाश डाला। हाजी मौ. शम्स कादरी ने आभार जताया। सायं को अकीदतमंदों ने दादा शाहपीर कब्रिस्तान जाकर हजरत कारी याकूब कादरी के मजार पर चादर चढ़ाई और गुलपोशी की।
उर्स के अंत में हजरत हाफिज सैय्यद गुलाम सुबहानी मियां ने बुखार एवं स्वाइन फ्लू की चपेट में आए सभी रोगियों की सेहत के लिए, मुल्क की तरक्की, सांप्रदायिक सौहार्द, आपसी भाईचारे और सभी की जान-माल की हिफाजत के लिये दुआ कराई। मौलाना हमीदुल्ला खान, मौ. शाहबुद्दीन, ताजदार अहमद, गुलाम मुर्तजा, मजहरूद्दीन, मतीन खान, मौ. अली कादरी, जियाउद्दीन सहित बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की।
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आयोजित जलसे को खिताब करते हुए हजरत सईद अख्तर भोजपुरी ने कहा कि हजरत याकूब कादरी ने तमाम जिंदगी शिक्षा सेवा में गुजारी। इल्म के बगैर इंसान किसी भी क्षेत्र में तरक्की नहीं कर सकता। इल्म नेक जिंदगी गुजारना सिखाता है और हर बुराई से बचाने की सीख देता है। मुफ्ती मौ. रहमतुल्लाह मिस्बाही ने कहा कि कुछ फिरकापरस्त ताकतें सौहार्दपूर्ण वातावरण को बिगाड़ने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने उर्स के माध्यम से केंद्र सरकार से मांग की कि बर्मा के पीड़ित मुसलमानों की मदद कर अत्याचार रोकने के लिए पहल करें।
उर्स का आगाज कुरानपाक की तिलावत से हुआ। अध्यक्षता शेख गुलाम फरीदउद्दीन साबरी ने की। मौ. फैजुर्रसूल कादरी मुंबई एवं हाफिज अब्दुल कदीर ने शायरी के माध्यम से हजरत याकूब कादरी के जीवन पर प्रकाश डाला। हाजी मौ. शम्स कादरी ने आभार जताया। सायं को अकीदतमंदों ने दादा शाहपीर कब्रिस्तान जाकर हजरत कारी याकूब कादरी के मजार पर चादर चढ़ाई और गुलपोशी की।
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उर्स के अंत में हजरत हाफिज सैय्यद गुलाम सुबहानी मियां ने बुखार एवं स्वाइन फ्लू की चपेट में आए सभी रोगियों की सेहत के लिए, मुल्क की तरक्की, सांप्रदायिक सौहार्द, आपसी भाईचारे और सभी की जान-माल की हिफाजत के लिये दुआ कराई। मौलाना हमीदुल्ला खान, मौ. शाहबुद्दीन, ताजदार अहमद, गुलाम मुर्तजा, मजहरूद्दीन, मतीन खान, मौ. अली कादरी, जियाउद्दीन सहित बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की।
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