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पुरकाजी में नाव से स्कूल जाने को विवश बच्चे
Updated Sat, 29 Sep 2018 12:25 AM IST
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दो महीने से बच्चे नाव से स्कूल जाने को विवश
पुरकाजी। खादर क्षेत्र की सोलानी नदी में पानी कम नहीं होने से ग्रामीण परेशान हैं। आलम यह है कि रास्तों पर पानी जमा होने से ग्रामीण जंगलों में नहीं जा पा रहे हैं। वहीं, करीब दो माह से बच्चों को नाव में बैठकर स्कूल जाना पड़ रहा है। इसके अलावा जंगलों में पानी नहीं सूखने से खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं।
खादर क्षेत्र में पिछले करीब दो माह में चार बार पहाड़ों से पानी छोड़ा जा चुका है। नतीजतन खादर क्षेत्र के ग्राम रामनगर, रजगल्लापुर, रतनपुरी, पांचली, भदौला, अलमावाला, जिंदावाला, सुहैली आदि गांवों के जंगल पानी से लबालब भरे हुए हैं। जंगलों में खड़ी हजारों बीघा धान की फसल जहां पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है, वहीं गन्ने की फसल को भी भारी नुकसान होने की संभावना बनी हुई है। इसके अलावा ग्रामीणों के समक्ष अपने खेतों पर नहीं पहुंच पाने के चलते पशुओं के लिए चारे की विकट समस्या है। ग्रामीण पशुओं को भूसा आदि खिलाने के लिए मजबूर हैं। इतना ही नहीं ग्राम रामनगर, रजगल्लापुर, रतनपुरी के बच्चों को करीब दो माह से नाव में बैठकर जान जोखिम में डालकर स्कूल जाना पड़ रहा है। ग्राम चानचक ,अलमावाला आदि के रास्तों की सड़कें इतनी खस्ता हाल हो चुकी हैं कि ग्रामीणों का वहां से पैदल गुजरना भी मुश्किल हो रहा है। ग्रामीण राजू प्रजापति, सरदार कांता सिंह, साधुराम, बिजेंद्र सिंह, रजनीश कुमार, राजेंद्र चौधरी, सरदार बोहड सिंह, राजेश कुमार आदि का कहना है कि जंगलों में खड़े पानी के महीनों तक सूखने के आसार दिखाई नहीं दे रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक जंगलों से पानी सूखेगा तब तक जंगलों में खड़ी गन्ने की फसलें भी अधिकांश बर्बाद हो जाएगी। ग्रामीणों ने पुरकाजी-लक्सर मार्ग पर बने दो लोहे के पुलों में से प्रशासन से एक पुल को रामनगर के रास्ते पर लगवाने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को नाव में बैठकर पानी से ना गुजरना पड़े।
पुरकाजी बाईपास पर बना गहरा गड्ढा बना मुसीबत
पुरकाजी। पुरकाजी बाईपास पर ग्राम सलेमपुर के रास्ते पर बना गहरा गड्ढा ग्रामीणों के लिए मुसीबत बना हुआ है, जिससे कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त गहरे गड्ढ़े से जहां ग्रामीणों को खेतों पर जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कई लोग गड्ढे में गिरकर घायल भी हो चुके हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद संबंधित विभाग गड्ढ़े की मरम्मत नहीं करा पा रहा है। प्रधान अर्जुन सिंह, जुगनू, प्रिंस चौधरी, प्रवीण राठी, जोगेंद्र राठी, सुरेंद्र राठी आदि ने गड्ढे की मरम्मत कराने की मांग की है।
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पुरकाजी। खादर क्षेत्र की सोलानी नदी में पानी कम नहीं होने से ग्रामीण परेशान हैं। आलम यह है कि रास्तों पर पानी जमा होने से ग्रामीण जंगलों में नहीं जा पा रहे हैं। वहीं, करीब दो माह से बच्चों को नाव में बैठकर स्कूल जाना पड़ रहा है। इसके अलावा जंगलों में पानी नहीं सूखने से खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं।
खादर क्षेत्र में पिछले करीब दो माह में चार बार पहाड़ों से पानी छोड़ा जा चुका है। नतीजतन खादर क्षेत्र के ग्राम रामनगर, रजगल्लापुर, रतनपुरी, पांचली, भदौला, अलमावाला, जिंदावाला, सुहैली आदि गांवों के जंगल पानी से लबालब भरे हुए हैं। जंगलों में खड़ी हजारों बीघा धान की फसल जहां पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है, वहीं गन्ने की फसल को भी भारी नुकसान होने की संभावना बनी हुई है। इसके अलावा ग्रामीणों के समक्ष अपने खेतों पर नहीं पहुंच पाने के चलते पशुओं के लिए चारे की विकट समस्या है। ग्रामीण पशुओं को भूसा आदि खिलाने के लिए मजबूर हैं। इतना ही नहीं ग्राम रामनगर, रजगल्लापुर, रतनपुरी के बच्चों को करीब दो माह से नाव में बैठकर जान जोखिम में डालकर स्कूल जाना पड़ रहा है। ग्राम चानचक ,अलमावाला आदि के रास्तों की सड़कें इतनी खस्ता हाल हो चुकी हैं कि ग्रामीणों का वहां से पैदल गुजरना भी मुश्किल हो रहा है। ग्रामीण राजू प्रजापति, सरदार कांता सिंह, साधुराम, बिजेंद्र सिंह, रजनीश कुमार, राजेंद्र चौधरी, सरदार बोहड सिंह, राजेश कुमार आदि का कहना है कि जंगलों में खड़े पानी के महीनों तक सूखने के आसार दिखाई नहीं दे रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक जंगलों से पानी सूखेगा तब तक जंगलों में खड़ी गन्ने की फसलें भी अधिकांश बर्बाद हो जाएगी। ग्रामीणों ने पुरकाजी-लक्सर मार्ग पर बने दो लोहे के पुलों में से प्रशासन से एक पुल को रामनगर के रास्ते पर लगवाने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को नाव में बैठकर पानी से ना गुजरना पड़े।
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पुरकाजी बाईपास पर बना गहरा गड्ढा बना मुसीबत
पुरकाजी। पुरकाजी बाईपास पर ग्राम सलेमपुर के रास्ते पर बना गहरा गड्ढा ग्रामीणों के लिए मुसीबत बना हुआ है, जिससे कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त गहरे गड्ढ़े से जहां ग्रामीणों को खेतों पर जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कई लोग गड्ढे में गिरकर घायल भी हो चुके हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद संबंधित विभाग गड्ढ़े की मरम्मत नहीं करा पा रहा है। प्रधान अर्जुन सिंह, जुगनू, प्रिंस चौधरी, प्रवीण राठी, जोगेंद्र राठी, सुरेंद्र राठी आदि ने गड्ढे की मरम्मत कराने की मांग की है।
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