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चेक डिसऑनर होने पर दंपति को सजा
Updated Fri, 26 Jan 2018 02:32 AM IST
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मेरठ। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-10 एनके बख्शी ने चेक डिसऑनर होने के मामले में दंपति को दोषी मानते हुए छह माह का कारावास और 3.50 लाख रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है।
अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार सांगवान ने बताया कि विपिन सिरोही ने जितेंद्र पाल सिंह वर्मा व उसकी पत्नी पूनम वर्मा को मकान के बाबत 03 लाख रुपये दिए थे। बैनामा न करने पर जब विपिन ने उनसे पैसे मांगे तो उनका रुपया वापस न करके चेक दे दिया, जो खाते में पैसा न होने के कारण डिसऑर्नर हो गया। जिसकी बाबत एसीजेएम-10 की अदालत में विपिन सिरोही ने जितेंद्र पाल सिंह वर्मा के विरुद्ध अदालत में परिवाद दर्ज कराया। जिसकी सुनवाई के बाद एसीजेएम-10 एनके बख्शी ने साक्ष्यों के आधार पर जितेंद्र पाल सिंह वर्मा व उसकी पत्नी पूनम वर्मा को कारावास व जुर्माने से दंडित किया है।
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अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार सांगवान ने बताया कि विपिन सिरोही ने जितेंद्र पाल सिंह वर्मा व उसकी पत्नी पूनम वर्मा को मकान के बाबत 03 लाख रुपये दिए थे। बैनामा न करने पर जब विपिन ने उनसे पैसे मांगे तो उनका रुपया वापस न करके चेक दे दिया, जो खाते में पैसा न होने के कारण डिसऑर्नर हो गया। जिसकी बाबत एसीजेएम-10 की अदालत में विपिन सिरोही ने जितेंद्र पाल सिंह वर्मा के विरुद्ध अदालत में परिवाद दर्ज कराया। जिसकी सुनवाई के बाद एसीजेएम-10 एनके बख्शी ने साक्ष्यों के आधार पर जितेंद्र पाल सिंह वर्मा व उसकी पत्नी पूनम वर्मा को कारावास व जुर्माने से दंडित किया है।
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