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सार्वजनिक शौचालयों पर लटका ताला, सामुदायिक शौचालय पर तैनात नहीं कर्मचारी
Updated Mon, 10 Dec 2018 02:12 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
मवाना। नगर को ओडीएफ घोषित करने के लिए सामुदायिक एवं सार्वजनिक शौचालय बनाने के लिए नगर पालिका ने लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। हालांकि जागरूकता के अभाव में ज्यादातर शौचालयों का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। वहीं, कई शौचालयों पर ताले लटके हैं तो कई में सामान भरकर स्टोर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, गांवा में कर्मचारी नहीं होने के कारण सफाई व्यवस्था रामभरोसे है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुले में शौच की प्रथा को देशभर से खत्म करने के लिए घर-घर शौचालय बनवाएं जाने की योजना लागू की। इसके लिए सरकार करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है। इसके बावजूद सरकारी नुमाइंदों की लापरवाही के कारण प्रयास पूरा होता नहीं दिखाई नहीं दे रहा है। नगर पालिका मवाना की बात करें तो यहां व्यक्तिगत 1070 शौचालय बनाए जाने थे। 1494 आवेदन आने के बाद सभी के शौचालय बनाए जाने का कार्य शुरू कर दिया गया था। नगर में तीन सार्वजनिक, चार पेट्रोल पंप, छह सामुदायिक शौचालय हैं। नगर की मवाना चौकी की बात करें तो यहां फव्वारे के बराबर में सार्वजनिक शौचालय बना हुआ है, लेकिन पिछले कई महीनों से पुलिसकर्मियों ने इस शौचालय पर ताला डाल रखा है। वे स्वयं इसका उपयोग कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त भारत पेट्रोल पंप पिछले एक साल से बंद पड़ा है। कहने को तो यहां के शौचालय को नगर पालिका ने सार्वजनिक शौचालय घोषित कर दिया, लेकिन पेट्रोल पंप बंद होने के बाद से ही यह शौचालय बंद पड़ा है। शुगर मिल रोड स्थित सामुदायिक शौचालय में भी अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। हाल ही में नगर पालिका ने लाखों रुपये की लागत से इस शौचालय का निर्माण कराया था। यहां महिला व पुरुष के लिए पांच रुपये शुल्क रखा गया। हालांकि यहां कर्मचारी तैनात नहीं होने से सफाई व्यवस्था सुचारु नहीं है। शौचालय से उठती बदबू के कारण यहां आने जाने वाले राहगीर इस शौचालय से परहेज करते हैं। इसके चलते लोग सरकार के तमाम प्रयास के बावजूद अब भी कई लोग खुले में शौच कर रहे हैं। इससे अभियान को पलीता लगाया जा रहा है।
सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण राहगीरों के लिए कराया गया है, वह किसी निजी व्यक्ति का नहीं है। यदि पुलिसकर्मियों ने शौचालय पर ताला लटका रखा है तो उसे खुलवाया जाएगा। जल्द ही बाकी शौचालयों की सफाई व्यवस्था कराई जाएगी।-मोहम्मद अय्यूब कालिया, चेयरमैन नगर पालिका मवाना
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मुख्य बातें
सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई नहीं होने की वजह से इस्तेमाल करने से परहेज करते हैं लोग
सरकार की ओडीएफ बनाने योजना को पलीता लगा रहे लोग, कई लोगों ने शौचालयों को बना लिया स्टोर रूम
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मवाना। नगर को ओडीएफ घोषित करने के लिए सामुदायिक एवं सार्वजनिक शौचालय बनाने के लिए नगर पालिका ने लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। हालांकि जागरूकता के अभाव में ज्यादातर शौचालयों का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। वहीं, कई शौचालयों पर ताले लटके हैं तो कई में सामान भरकर स्टोर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, गांवा में कर्मचारी नहीं होने के कारण सफाई व्यवस्था रामभरोसे है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुले में शौच की प्रथा को देशभर से खत्म करने के लिए घर-घर शौचालय बनवाएं जाने की योजना लागू की। इसके लिए सरकार करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है। इसके बावजूद सरकारी नुमाइंदों की लापरवाही के कारण प्रयास पूरा होता नहीं दिखाई नहीं दे रहा है। नगर पालिका मवाना की बात करें तो यहां व्यक्तिगत 1070 शौचालय बनाए जाने थे। 1494 आवेदन आने के बाद सभी के शौचालय बनाए जाने का कार्य शुरू कर दिया गया था। नगर में तीन सार्वजनिक, चार पेट्रोल पंप, छह सामुदायिक शौचालय हैं। नगर की मवाना चौकी की बात करें तो यहां फव्वारे के बराबर में सार्वजनिक शौचालय बना हुआ है, लेकिन पिछले कई महीनों से पुलिसकर्मियों ने इस शौचालय पर ताला डाल रखा है। वे स्वयं इसका उपयोग कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त भारत पेट्रोल पंप पिछले एक साल से बंद पड़ा है। कहने को तो यहां के शौचालय को नगर पालिका ने सार्वजनिक शौचालय घोषित कर दिया, लेकिन पेट्रोल पंप बंद होने के बाद से ही यह शौचालय बंद पड़ा है। शुगर मिल रोड स्थित सामुदायिक शौचालय में भी अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। हाल ही में नगर पालिका ने लाखों रुपये की लागत से इस शौचालय का निर्माण कराया था। यहां महिला व पुरुष के लिए पांच रुपये शुल्क रखा गया। हालांकि यहां कर्मचारी तैनात नहीं होने से सफाई व्यवस्था सुचारु नहीं है। शौचालय से उठती बदबू के कारण यहां आने जाने वाले राहगीर इस शौचालय से परहेज करते हैं। इसके चलते लोग सरकार के तमाम प्रयास के बावजूद अब भी कई लोग खुले में शौच कर रहे हैं। इससे अभियान को पलीता लगाया जा रहा है।
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सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण राहगीरों के लिए कराया गया है, वह किसी निजी व्यक्ति का नहीं है। यदि पुलिसकर्मियों ने शौचालय पर ताला लटका रखा है तो उसे खुलवाया जाएगा। जल्द ही बाकी शौचालयों की सफाई व्यवस्था कराई जाएगी।-मोहम्मद अय्यूब कालिया, चेयरमैन नगर पालिका मवाना
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मुख्य बातें
सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई नहीं होने की वजह से इस्तेमाल करने से परहेज करते हैं लोग
सरकार की ओडीएफ बनाने योजना को पलीता लगा रहे लोग, कई लोगों ने शौचालयों को बना लिया स्टोर रूम