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14 हजार व्यापारियों को अंतिम मौका, आज ही कराए जीएसटीएन पोर्टल पर पंजीकरण
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
Updated Tue, 10 Jan 2017 10:16 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में पंजीकरण कराने की आज मंगलवार को अंतिम तिथि है। अभी तक मेरठ में करीब 14 हजार व्यापारी जीएसटीएन पोर्टल पर पंजीकरण कराने से बचे हैं, जिनके लिए अब अंतिम मौका है। वाणिज्य कर कमिश्नर ने प्रदेश के सभी जोनल कार्यालयों को आदेश दिए हैं कि वे अंतिम दिन प्रत्येक खंड में विशेष कैंप लगाएं। जिसमें विभागीय अधिकारी व कर्मचारी लैपटॉप के साथ मौजूद रहें। ताकि अधिक संख्या में व्यापारियों का पंजीकरण कराया जा सके।
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खंड नहीं पूरा क्षेत्र होगा कवर
वाणिज्य कर कमिश्नर ग्रेड-2 विनोद कुमार सिंह का कहना है कि हमारे पास मेरठ शहर में 13 खंड हैं। हम प्रत्येक खंड के बजाय पूरे क्षेत्र को कवर करना चाहते हैं। लक्ष्य बड़ा है। अभी तक करीब 13 हजार से अधिक व्यापारियों का जीएसटीएन पंजीकरण होना है। इसलिए हमने प्रत्येक खंड में तीन कैंप लगाने का फैसला लिया है। इस हिसाब से शहर के अंदर 39 कैंप लगाए जाएंगे। इस बारे में व्यापारियों को फोन के माध्यम से भी जानकारी दी गई है, ताकि वे अन्य व्यापारियों को भी कैंप में ला सकें। इस बीच सोमवार शाम भी वकीलों के साथ भी विभागीय अधिकारियों की वार्ता में बताया गया है कि बस अब मंगलवार को पंजीकरण कराने का अंतिम मौका है।
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यूपी में मेरठ अव्वल
वाणिज्य कर विभाग के टिन नंबर से जीएसटीएन पोर्टल पर पंजीकरण करा माइग्रेट होने वाले व्यापारियों की संख्या भले ही यूपी में काफी कम हो। लेकिन उसके बाद भी यूपी में मेरठ जोनल कार्यालय नंबर वन है। विनोद कुमार सिंह का कहना है कि कार्यालय के अधीन करीब 27 हजार से अधिक पंजीकृत है, जिनमें से करीब 5 हजार का टिन नंबर के साथ पैन कार्ड नंबर वैलिड नहीं है या फिर अपग्रेड नहीं है। ऐसे में अभी तक वैलिड टिन नंबर वाले व्यापारियों में से करीब 13 हजार व्यापारी जीएसटीएन पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा चुके हैं, जो कुल पंजीकृत व्यापारियों का 48 फीसदी के आसपास है। जबकि बाकी जोन में 40 फीसदी से भी कम व्यापारियों ने जीएसटीएन पर पंजीकरण कराया है। बड़ी संख्या में अब व्यापारी अपने टिन नंबर के साथ वैलिड पैन नंबर अपडेट करा रहे हैं, तो वहीं जीएसटीएन पर पंजीकरण कराने वाले व्यापारियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
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कोई दिक्कत हो तो करें संपर्क
जीएसटीएन पंजीकरण कराने में अगर किसी तरह की कोई परेशानी है तो ऐसे व्यापारी वाणिज्य कर कार्यालय में अपने खंड के अधिकारी संपर्क करे। विनोद कुमार सिंह ने भी स्पष्ट किया है कि व्यापारियों के लिए विभाग के सभी अधिकारी मौजूद रहेंगे। फील्ड में जहां कैंप लगाये जाएंगे तो कार्यालय में भी बड़े अधिकारी मौजूद रहेंगे।
नहीं तो अवैध माना जाएगा कारोबार
अभी केंद्र सरकार की तरफ से स्पष्ट नहीं है कि जो व्यापारी मंगलवार को पंजीकरण नहीं कर पाते हैं। उन्हें बाद में पंजीकरण का मौका मिलेगा या नहीं। ऐसी स्थिति में विभागीय सूत्रों का कहना है कि अगर पंजीकरण कराने की कोई छूट नहीं बढ़ाई जाती है तो पंजीकरण न कराने वाले व्यापारियों का कारोबार वाणिज्य कर अवैध समझेगा। क्योंकि जीएसटी में कारोबार करने के लिए जीएसटीएन पंजीकरण होना आवश्यक है। वहीं, ऐसी संभावना है कि जो व्यापारी अभी पंजीकरण नहीं कर पाते हैं, उन्हें टिन नंबर भी दोबारा लेना पड़ सकता है। क्योंकि केंद्र सरकार दो बार अंतिम डेट लाइन बढ़ा चुका है। पहले 31 दिसंबर 2016 तक का वक्त दिया गया था। उसके बाद 5 जनवरी तक की पंजीकरण तिथि को बढ़ाकर 10 जनवरी कर दिया गया था।
भेजा जा चुका है मेसेज
जीएसटीएन पंजीकरण के लिए वाणिज्य कर विभाग में 31 दिसंबर 2015 तक टिन नंबर पाने वाले व्यापारियों को पंजीकृत मोबाइल नंबर पर मेसेज व ई-मेल आईडी पर प्रोविजनली लॉगिन आईडी व पासवर्ड भेजा गया है। संबंधित व्यापारी को जीएसटीएन पोर्टल पर जाकर यूजर आईडी व पासवर्ड डालकर अपनी नई आईडी तैयार करनी है। फिर उसके बाद पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी है।