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: गिरीराज सिंह
Updated Mon, 22 Oct 2018 01:01 AM IST
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बागपत। केंद्रीय सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम राज्यमंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि देश के मुस्लिम मुगलों के नहीं, भगवान श्रीराम के वंशज है। श्रीराम मंदिर के निर्माण में शिया समाज की तरह अन्य मुस्लिमों को सहमति देनी चाहिए। अगर मुस्लिमों ने ऐसा नहीं किया तो हिंदुओं के मन में उनके प्रति नफरत बढ़ेगी। यह नफरत ज्वाला में बदल गई तो फिर क्या होगा। जनसंख्या कानून बनना चाहिए और जो लोग इसका पालन नहीं करें उनका वोट का अधिकार खत्म करना चाहिए। कानूनी कार्रवाई और आर्थिक दंड भी लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसंख्या कानून के लिए जनभागीदारी चाहिए।
केंद्रीय राज्यमंत्री गिरिराज सिंह रविवार को एसपीआरसी डिग्री कॉलेज में आयोजित जनसंख्या नियंत्रण कानून रैली में शामिल होने पहुंचे। पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण होना चाहिए। मुस्लिम भी भगवान श्रीराम के ही वंशज हैं, इस वजह से देश के सभी मुस्लिमों को मंदिर निर्माण में सहमति देनी चाहिए। देश के 54 ऐसे जिले हैं, जिनमें हिंदुओं की जनसंख्या घटने पर सामाजिक समरसता कम हुई है। जल्द ही समाधान नहीं किया गया तो ऐसे जिलों की संख्या बढ़ेगी। देश में हालात बिगड़ते जा रहे हैं, जहां हिंदुओं की संख्या घटी है वहां सामाजिक समरसता टूट गई है। अब अल्पसंख्यक की परिभाषा बदल देनी चाहिए। जहां 9-10 प्रतिशत वहां भी अल्पसंख्यक और 99 प्रतिशत हैं, वहां अल्पसंख्यक कैसे हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि जनसंख्या बढ़ोत्तरी का मुद्दा कैंसर के प्रथम चरण की तरह है, समय पर इलाज नहीं किया तो यह लाइलाज हो जाएगा।
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केंद्रीय राज्यमंत्री गिरिराज सिंह रविवार को एसपीआरसी डिग्री कॉलेज में आयोजित जनसंख्या नियंत्रण कानून रैली में शामिल होने पहुंचे। पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण होना चाहिए। मुस्लिम भी भगवान श्रीराम के ही वंशज हैं, इस वजह से देश के सभी मुस्लिमों को मंदिर निर्माण में सहमति देनी चाहिए। देश के 54 ऐसे जिले हैं, जिनमें हिंदुओं की जनसंख्या घटने पर सामाजिक समरसता कम हुई है। जल्द ही समाधान नहीं किया गया तो ऐसे जिलों की संख्या बढ़ेगी। देश में हालात बिगड़ते जा रहे हैं, जहां हिंदुओं की संख्या घटी है वहां सामाजिक समरसता टूट गई है। अब अल्पसंख्यक की परिभाषा बदल देनी चाहिए। जहां 9-10 प्रतिशत वहां भी अल्पसंख्यक और 99 प्रतिशत हैं, वहां अल्पसंख्यक कैसे हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि जनसंख्या बढ़ोत्तरी का मुद्दा कैंसर के प्रथम चरण की तरह है, समय पर इलाज नहीं किया तो यह लाइलाज हो जाएगा।
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