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थानों में महिलाओं को सिखाए सुरक्षा के टिप्स
Updated Fri, 08 Dec 2017 02:25 AM IST
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मेरठ। एसओ टीपी नगर ब्रजेश शर्मा और एसओ देहली गेट विजय गुप्ता के निर्देशन में थानों में आयोजित कार्यशालाओं में काफी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया। दोनों कार्यशालाओं में 60 से अधिक महिलाओं ने खुद एसपीओ बनने की इच्छा जताई।
यह सोच सुखद संदेश
टीपी नगर थाने में आयोजित कार्यशाला में पार्षद दीपिका गर्ग ने कहा कि वे एक गृहिणी है। पहली बार थाने में आई हैं। सरकार ने महिलाओं के बारे में सोचा, जो आने वाले समय के लिए सुखद संदेश है। आज लगा कि हम महिलाओं की भी कुछ अहमियत है।
खुद कम होंगी घटनाएं
पूनम गुप्ता ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए। यदि महिलाएं आत्मिक रूप से मजबूत हों तो अधिकांश घटनाएं खुद कम हो जाएंगी।
ज्यादा से ज्यादा बनें एसपीओ
कमला देवी का कहना था कि थानों में अधिक से अधिक महिला एसपीओ बनाए जाएं। थानों में इस तरह की नियमित मीटिंग होनी चाहिए ताकि महिलाओं की समस्याएं पुलिस के सामने आ सकें।
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सरकार वास्तव में गंभीर : नूरो
देहली गेट थाने में आयोजित कार्यशाला में समाज सेविका नूरो ने कहा कि उन्होंने थानों में पुरुषों की मीटिंग होती तो सुनी थी। लेकिन पहली बार महिलाओं को आमंत्रित करने पर वह बेहद खुश हैं। अब लग रहा है कि सरकार वास्तव में महिलाओं को लेकर कुछ गंभीर है।
केवल हौसले की जरूरत
रीना पटेल ने कहा कि ये अच्छी बात है कि सरकार नारी सुरक्षा के प्रति संवेदनशील है। लेकिन नारी में इतनी क्षमता है कि वो अपनी सुरक्षा खुद कर सकती है। केवल मनोबल और हौसले की जरूरत है। निडरता से मनचलों को सबक सिखाएं, इससे उनका मनोबल खुद बढ़ जाएगा।
यह अच्छा प्रयास
प्रीति त्यागी का कहना था कि महिलाओं को एसपीओ (स्पेशल पुलिस ऑफिसर ) बनाने का प्रयास अच्छा है। इससे महिलाओं को आगे आने का मौका मिलेगा। एसपीओ बनकर हम दूसरी महिलाओं तक भी अपनी बात आसानी से पहुंचा सकेंगी।
महिलाओं को दिए टिप्स
- रात को यदि ऑटो में जा रही हैं तो उसका नंबर और चालक का फोटो अपने मोबाइल में लेकर अपने परिजनों को सेंड कर दें। तेज आवाज में उन्हें इसकी जानकारी दें। ऐसे में चालक उल्टा उनकी सुरक्षा करेगा।
- कोई चेन या पर्स छीनकर भागता है तो शोर मचाएं। आसपास के लोगों से मदद दें। 1090 पर कॉल करें।
- संभव हो तो मिर्च पाउडर पर्स में रखें। वारदात करने वाले की आंख में झोक दें।
- घटना होने पर पुलिस को सूचना देने में देर ना करें।
- देर रात यदि सुनसान जगह कोई वाहन खराब हो गया है तो भी पुलिस को सूचित करें।
गया वो जमाना, पत्नियों को काम करने दो
मेरठ। टीपी नगर थाने में कुछ महिला जनप्रतिनिधियों के साथ उनके पति भी कार्यशाला में पहुंच गए। वे कार्यशाला में अपनी पत्नियों के पास बैठना चाहते थे। लेकिन एसओ ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी। एसओ ने साफ कहा अब वो जमाना गया। महिलाओं को जिम्मेदारी मिली है तो उन्हें अपना काम खुद करने दो।
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यह सोच सुखद संदेश
टीपी नगर थाने में आयोजित कार्यशाला में पार्षद दीपिका गर्ग ने कहा कि वे एक गृहिणी है। पहली बार थाने में आई हैं। सरकार ने महिलाओं के बारे में सोचा, जो आने वाले समय के लिए सुखद संदेश है। आज लगा कि हम महिलाओं की भी कुछ अहमियत है।
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खुद कम होंगी घटनाएं
पूनम गुप्ता ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए। यदि महिलाएं आत्मिक रूप से मजबूत हों तो अधिकांश घटनाएं खुद कम हो जाएंगी।
ज्यादा से ज्यादा बनें एसपीओ
कमला देवी का कहना था कि थानों में अधिक से अधिक महिला एसपीओ बनाए जाएं। थानों में इस तरह की नियमित मीटिंग होनी चाहिए ताकि महिलाओं की समस्याएं पुलिस के सामने आ सकें।
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सरकार वास्तव में गंभीर : नूरो
देहली गेट थाने में आयोजित कार्यशाला में समाज सेविका नूरो ने कहा कि उन्होंने थानों में पुरुषों की मीटिंग होती तो सुनी थी। लेकिन पहली बार महिलाओं को आमंत्रित करने पर वह बेहद खुश हैं। अब लग रहा है कि सरकार वास्तव में महिलाओं को लेकर कुछ गंभीर है।
केवल हौसले की जरूरत
रीना पटेल ने कहा कि ये अच्छी बात है कि सरकार नारी सुरक्षा के प्रति संवेदनशील है। लेकिन नारी में इतनी क्षमता है कि वो अपनी सुरक्षा खुद कर सकती है। केवल मनोबल और हौसले की जरूरत है। निडरता से मनचलों को सबक सिखाएं, इससे उनका मनोबल खुद बढ़ जाएगा।
यह अच्छा प्रयास
प्रीति त्यागी का कहना था कि महिलाओं को एसपीओ (स्पेशल पुलिस ऑफिसर ) बनाने का प्रयास अच्छा है। इससे महिलाओं को आगे आने का मौका मिलेगा। एसपीओ बनकर हम दूसरी महिलाओं तक भी अपनी बात आसानी से पहुंचा सकेंगी।
महिलाओं को दिए टिप्स
- रात को यदि ऑटो में जा रही हैं तो उसका नंबर और चालक का फोटो अपने मोबाइल में लेकर अपने परिजनों को सेंड कर दें। तेज आवाज में उन्हें इसकी जानकारी दें। ऐसे में चालक उल्टा उनकी सुरक्षा करेगा।
- कोई चेन या पर्स छीनकर भागता है तो शोर मचाएं। आसपास के लोगों से मदद दें। 1090 पर कॉल करें।
- संभव हो तो मिर्च पाउडर पर्स में रखें। वारदात करने वाले की आंख में झोक दें।
- घटना होने पर पुलिस को सूचना देने में देर ना करें।
- देर रात यदि सुनसान जगह कोई वाहन खराब हो गया है तो भी पुलिस को सूचित करें।
गया वो जमाना, पत्नियों को काम करने दो
मेरठ। टीपी नगर थाने में कुछ महिला जनप्रतिनिधियों के साथ उनके पति भी कार्यशाला में पहुंच गए। वे कार्यशाला में अपनी पत्नियों के पास बैठना चाहते थे। लेकिन एसओ ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी। एसओ ने साफ कहा अब वो जमाना गया। महिलाओं को जिम्मेदारी मिली है तो उन्हें अपना काम खुद करने दो।