{"_id":"5c5f371abdec2217fc33e6fe","slug":"101549743898-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एमडीए द्वारा ढुलमुल कार्रवाई के कारण ही हाजी इमरान पहुंचा हाईकोर्ट की शरण में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एमडीए द्वारा ढुलमुल कार्रवाई के कारण ही हाजी इमरान पहुंचा हाईकोर्ट की शरण में
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा। ग्राम अलीपुर में संचालित फैक्टरियों ने एमडीए से मानचित्र स्वीकृत नहीं कराए थे। जिस कारण अधिकतर फैक्टरियों को सील कर दिया गया था। हालांकि हाजी याकूब की मीट फैक्टरी पर कार्रवाई नहीं की गई।
हापुड़ रोड स्थित गांव अलीपुर से मीट फैक्टरियों को हटाने के लिए पर्यावरण सुरक्षा सघर्ष समिति ने अभियान चला रखा है। इसके लिए समिति ने पूरे जिले में कई छोटी एवं मेरठ स्थित जिमखाना मैदान में बड़ी जनसभा कर प्रशासन को मंशा बता दी है। इस बाबत समिति अध्यक्ष रविंद्र गुर्जर ने शनिवार को फिर से आंदोलन तेज कर फफूंडा में महताब पहलवान के आवास पर बैठक की। जिसमें कहा कि प्रशासन हाजी याकूब की फैक्टरी के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं चाह रहा है। भाजपा सरकार का प्रदेश में गठन होने के बाद अवैध मीट फैक्टरियों पर कार्रवाई की गई थी। जिसमें हापुड़ रोड पर भी करीब एक दर्जन मीट फैक्टरियों को सील किया गया था। इनके पास एमडीए से स्वीकृत मानचित्र नहीं थे। प्रशासन को पता था कि फैक्टरी में ग्रीन बेल्ट, सार्वजनिक भूमि, रोड बाइडिंग व औद्योगिक क्षेत्र की भूमि शामिल है। वहीं 26 अक्तूबर को एमडीए सचिव ने फैक्ट्री के ग्रीन बेल्ट पर बने भाग को सील करने का आदेश दिया था। कार्रवाई के लिए इतना लंबा समय दिया गया कि हाजी याकूब के बेटे इमरान की मांग पर शासन ने स्टे कर दिया था। फैक्ट्री मालिक द्वारा सबूत पेश नहीं करने पर फैक्ट्री को सील करने का आदेश जारी किया गया। इस कार्रवाई के लिए भी फैक्टरी मालिक को कोर्ट जाने के लिए पूरा समय दिया। हालांकि सांसद राजेंद्र अग्रवाल भी लोकसभा में इन फैक्टरियों का दूषित पानी रिबोर कर जमीन में उतारे जाने भूजल दूषित होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। इस मौके पर भोपाल सिंह, विजय फौजी, कूड़े सिंह, सतीश भड़ाना, देवराज नागर, श्याम सिंह फौजी, बुद्धप्रकाश, राहुल समेत कई लोग मौजूद रहे।
मुख्य बातें
पर्यावरण सुरक्षा सघर्ष समिति की फफूंडा में आयोजित बैठक में लगाए आरोप
विज्ञापन
खरखौदा। ग्राम अलीपुर में संचालित फैक्टरियों ने एमडीए से मानचित्र स्वीकृत नहीं कराए थे। जिस कारण अधिकतर फैक्टरियों को सील कर दिया गया था। हालांकि हाजी याकूब की मीट फैक्टरी पर कार्रवाई नहीं की गई।
हापुड़ रोड स्थित गांव अलीपुर से मीट फैक्टरियों को हटाने के लिए पर्यावरण सुरक्षा सघर्ष समिति ने अभियान चला रखा है। इसके लिए समिति ने पूरे जिले में कई छोटी एवं मेरठ स्थित जिमखाना मैदान में बड़ी जनसभा कर प्रशासन को मंशा बता दी है। इस बाबत समिति अध्यक्ष रविंद्र गुर्जर ने शनिवार को फिर से आंदोलन तेज कर फफूंडा में महताब पहलवान के आवास पर बैठक की। जिसमें कहा कि प्रशासन हाजी याकूब की फैक्टरी के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं चाह रहा है। भाजपा सरकार का प्रदेश में गठन होने के बाद अवैध मीट फैक्टरियों पर कार्रवाई की गई थी। जिसमें हापुड़ रोड पर भी करीब एक दर्जन मीट फैक्टरियों को सील किया गया था। इनके पास एमडीए से स्वीकृत मानचित्र नहीं थे। प्रशासन को पता था कि फैक्टरी में ग्रीन बेल्ट, सार्वजनिक भूमि, रोड बाइडिंग व औद्योगिक क्षेत्र की भूमि शामिल है। वहीं 26 अक्तूबर को एमडीए सचिव ने फैक्ट्री के ग्रीन बेल्ट पर बने भाग को सील करने का आदेश दिया था। कार्रवाई के लिए इतना लंबा समय दिया गया कि हाजी याकूब के बेटे इमरान की मांग पर शासन ने स्टे कर दिया था। फैक्ट्री मालिक द्वारा सबूत पेश नहीं करने पर फैक्ट्री को सील करने का आदेश जारी किया गया। इस कार्रवाई के लिए भी फैक्टरी मालिक को कोर्ट जाने के लिए पूरा समय दिया। हालांकि सांसद राजेंद्र अग्रवाल भी लोकसभा में इन फैक्टरियों का दूषित पानी रिबोर कर जमीन में उतारे जाने भूजल दूषित होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। इस मौके पर भोपाल सिंह, विजय फौजी, कूड़े सिंह, सतीश भड़ाना, देवराज नागर, श्याम सिंह फौजी, बुद्धप्रकाश, राहुल समेत कई लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
मुख्य बातें
पर्यावरण सुरक्षा सघर्ष समिति की फफूंडा में आयोजित बैठक में लगाए आरोप