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आगरा के लिए छोड़ा 20,000 क्यूसेक पानी
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 21 Jul 2016 11:57 PM IST
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यमुना
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पिछले सप्ताह ताजेवाला बांध से छोड़े गए 1.03 लाख क्यूसेक पानी का असर अब मथुरा में नजर आने लगा है। बुधवार से गुरुवार तक 24 घंटे के दौरान जलस्तर में 33 सेंटीमीटर का इजाफा दर्ज किया गया है। ऐसे में गोकुल बैराज से आगरा के लिए छोडे़ जाने वाले पानी की मात्रा बढ़ा दी गई है, लेकिन इसमें जल्द ही गिरावट का दौर शुरू होने जा रहा है।
गुरुवार शाम चार बजे विश्रामघाट पर यमुना का जल स्तर 164.90 मीटर पहुंच गया। बुधवार को इसी समय और इसी स्थान पर यमुना 164.57 मीटर पर बह रही थी। यमुना में जलस्तर बढ़ते ही गोकुल बैराज से आगरा के लिए छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा बढ़ा दी गई।
गुरुवार को 20,000 क्यूसेक पानी आगरा के लिए छोड़ा गया। हालांकि अब ताजेवाला बांध से यमुना में छोडे़ जा रहे पानी की मात्रा सिर्फ 352 क्यूसेक रह गई है, ऐसे में गोकुल बैराज से भी आगरा के लिए छोड़े जाने वाले पानी में कटौती शुरू कर दी है।
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इधर, वृंदावन के प्रमुख केशीघाट की मात्र तीन सीढ़ियां यमुना के जल में डूबने से शेष रह गई हैं। केशीघाट क्षेत्र में परिक्रम मार्ग भी बाधित हो गया है। यमुना में जलस्तर बढ़ता देख तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग चिंतित हो उठे हैं।
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गुरुवार शाम चार बजे विश्रामघाट पर यमुना का जल स्तर 164.90 मीटर पहुंच गया। बुधवार को इसी समय और इसी स्थान पर यमुना 164.57 मीटर पर बह रही थी। यमुना में जलस्तर बढ़ते ही गोकुल बैराज से आगरा के लिए छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा बढ़ा दी गई।
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गुरुवार को 20,000 क्यूसेक पानी आगरा के लिए छोड़ा गया। हालांकि अब ताजेवाला बांध से यमुना में छोडे़ जा रहे पानी की मात्रा सिर्फ 352 क्यूसेक रह गई है, ऐसे में गोकुल बैराज से भी आगरा के लिए छोड़े जाने वाले पानी में कटौती शुरू कर दी है।
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इधर, वृंदावन के प्रमुख केशीघाट की मात्र तीन सीढ़ियां यमुना के जल में डूबने से शेष रह गई हैं। केशीघाट क्षेत्र में परिक्रम मार्ग भी बाधित हो गया है। यमुना में जलस्तर बढ़ता देख तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग चिंतित हो उठे हैं।