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भद्रा रहित काल में करें होलिका का दहन
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 23 Mar 2016 12:12 AM IST
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मथुरा में होली
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होलिका दहन बुधवार को भद्रा रहित काल में करना श्रेष्ठ होगा। इसके लिए तड़के 4 बजकर 55 मिनट से शाम साढ़े पांच बजे तक का मुहूर्त है।
ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर चतुर्वेदी के अनुसार इस बार पूर्णिमा 23 मार्च को शाम 5 बजकर 30 मिनट तक रहेगी। जबकि भद्रा 23 मार्च को तड़के 4 बजकर 21 मिनट तक है। बुधवार को पूर्णिमा ने प्रतिपदा का मान बढ़ाया है। होली का पर्व द्वापर युग की राधा गोविंद भगवान की लीलाओं को याद कर मनाना चाहिए।
ज्योतिर्विद पंडित ओमप्रकाश गौतम के अनुसार होलिका पूजन के लिए साढ़े ग्यारह बजे से एक बजे तक सबसे शुभ घड़ी है। प्रतिपदा वृद्धिगामिनी होने के कारण बुधवार को गोधुली बेला में प्रदोषकाल सूर्यास्त के बाद 7:59 बजे तक होलिका दहन किया जा सकता है।
द्वारिकाधीश मंदिर में आज डोल महोत्सव
मथुरा। ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर में बुधवार को डोल महोत्सव मनाया जाएगा। फाल्गुनी उत्तरा नक्षत्र की आगमन की अवधि में पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के द्वारिकाधीश मंदिर में डोल महोत्सव बुधवार को मनाया जा रहा है। इसी के साथ मंदिर में आयोजित किए जा रहे होली के उत्सव संपन्न हो जाएंगे।
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इसके लिये दर्शनों के समय में भी परिवर्तन किया गया है। डोल के पहले दर्शन सुबह दस बजे से होंगे और विशेष दर्शन दोपहर डेढ़ बजे से ढाई बजे तक होंगे। इसके बाद उत्थापन, भोग, संध्या आरती और शयन के दर्शन साढे़ चार बजे से पांच बजे तक होंगे। गुुरुवार को दर्शन पूर्व नियमानुसार खुलेंगे।
श्रीमाथुर चतुर्वेद परिषद की ओर से में नगर में भव्य डोला निकाला जाएगा। परिषद के अध्यक्ष दिनेश पाठक ने बताया 23 मार्च की दोपहर दो बजे ये पारंपरिक मेला विश्राम घाट से निकलेगा। मेले में समाज की परंपरा के अनुरूप होली की तानों का गायन, वादन बना रहेगा।
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ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर चतुर्वेदी के अनुसार इस बार पूर्णिमा 23 मार्च को शाम 5 बजकर 30 मिनट तक रहेगी। जबकि भद्रा 23 मार्च को तड़के 4 बजकर 21 मिनट तक है। बुधवार को पूर्णिमा ने प्रतिपदा का मान बढ़ाया है। होली का पर्व द्वापर युग की राधा गोविंद भगवान की लीलाओं को याद कर मनाना चाहिए।
ज्योतिर्विद पंडित ओमप्रकाश गौतम के अनुसार होलिका पूजन के लिए साढ़े ग्यारह बजे से एक बजे तक सबसे शुभ घड़ी है। प्रतिपदा वृद्धिगामिनी होने के कारण बुधवार को गोधुली बेला में प्रदोषकाल सूर्यास्त के बाद 7:59 बजे तक होलिका दहन किया जा सकता है।
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द्वारिकाधीश मंदिर में आज डोल महोत्सव
मथुरा। ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर में बुधवार को डोल महोत्सव मनाया जाएगा। फाल्गुनी उत्तरा नक्षत्र की आगमन की अवधि में पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के द्वारिकाधीश मंदिर में डोल महोत्सव बुधवार को मनाया जा रहा है। इसी के साथ मंदिर में आयोजित किए जा रहे होली के उत्सव संपन्न हो जाएंगे।
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इसके लिये दर्शनों के समय में भी परिवर्तन किया गया है। डोल के पहले दर्शन सुबह दस बजे से होंगे और विशेष दर्शन दोपहर डेढ़ बजे से ढाई बजे तक होंगे। इसके बाद उत्थापन, भोग, संध्या आरती और शयन के दर्शन साढे़ चार बजे से पांच बजे तक होंगे। गुुरुवार को दर्शन पूर्व नियमानुसार खुलेंगे।
श्रीमाथुर चतुर्वेद परिषद की ओर से में नगर में भव्य डोला निकाला जाएगा। परिषद के अध्यक्ष दिनेश पाठक ने बताया 23 मार्च की दोपहर दो बजे ये पारंपरिक मेला विश्राम घाट से निकलेगा। मेले में समाज की परंपरा के अनुरूप होली की तानों का गायन, वादन बना रहेगा।