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लाइन लगाकर होती थी रामवृक्ष के बाजार से खरीदारी
अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 11 Jun 2016 11:22 PM IST
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jawahar bagh
- फोटो : अमर उजाला
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रामवृक्ष ने मार्च के शुरुआत में जवाहर बाग में बाजार लगाकर सस्ता सामान बेचा था। इस बाजार में चीनी, मसाले, नमक, फल और सब्जियों के दाम अन्य जगह से काफी कम दामों में होती तो लाइन लगी रहती थी। हालांकि यहां शर्त थी कि किसी को भी एक बार में एक किलो से ज्यादा सामान या सब्जी नहीं दी जाएगी।
रामवृक्ष पब्लिक को सिस्टम के खिलाफ भड़काने की पूरी साजिश रच रहा था। उसने पहले जगह-जगह पोस्टर लगाकर लोगों को समझाया कि खाद्य पदार्थ इतने महंगे नहीं हैं जितना सरकार बेच रही है। बाद में उसने मार्च में जवाहर बाग में पूरा बाजार ही सजा डाला। बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते। जो भी सामान लेने आता था उसका बाकायदा नाम और पता लिखा जाता था।
स्थानीय निवासी भगवान सिंह, रामवीर सिंह, विमला देवी, उदयवीर सिंह निवासी चंदन वन ने बताया कि चीनी उस वक्त 25 रुपये किलो दी गई थी जबकि अंगूर चालीस रुपये किलो। बताया जाता है कि यहां बिकने वाला हर सामान मार्केट रेट से सस्ता था। ऐसे में यहां लाइन लगती। खास बात यह है कि करीब हफ्ते भर तक बाजार चलता रहा लेकिन प्रशासन ने फिर भी ध्यान नहीं दिया।
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रामवृक्ष पब्लिक को सिस्टम के खिलाफ भड़काने की पूरी साजिश रच रहा था। उसने पहले जगह-जगह पोस्टर लगाकर लोगों को समझाया कि खाद्य पदार्थ इतने महंगे नहीं हैं जितना सरकार बेच रही है। बाद में उसने मार्च में जवाहर बाग में पूरा बाजार ही सजा डाला। बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते। जो भी सामान लेने आता था उसका बाकायदा नाम और पता लिखा जाता था।
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स्थानीय निवासी भगवान सिंह, रामवीर सिंह, विमला देवी, उदयवीर सिंह निवासी चंदन वन ने बताया कि चीनी उस वक्त 25 रुपये किलो दी गई थी जबकि अंगूर चालीस रुपये किलो। बताया जाता है कि यहां बिकने वाला हर सामान मार्केट रेट से सस्ता था। ऐसे में यहां लाइन लगती। खास बात यह है कि करीब हफ्ते भर तक बाजार चलता रहा लेकिन प्रशासन ने फिर भी ध्यान नहीं दिया।
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