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Mathura News: रिफाइनरी को 40 फीसदी बिजली सप्लाई करेगा नगर निगम
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मथुरा। स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग में 11वां स्थान प्राप्त करने के बाद मथुरा-वृंदावन नगर निगम एक और कीर्तिमान रचने जा रहा है। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के साथ-साथ अब ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में भी निगम अपने कदम बढ़ा रहा है। महत्वाकांक्षी योजना के तहत निगम अब मथुरा रिफाइनरी की 40 प्रतिशत बिजली की जरूरत को पूरा करेगा। इसके लिए नगला कोल्हू में 25 मेगावाट क्षमता का एक विशाल सोलर पावर प्लांट स्थापित होगा। इससे न केवल निगम की आय बढ़ेगी, बल्कि मथुरा-वृंदावन के विकास को भी रफ्तार मिलेगी।
अधिकारियों के मुताबिक, यह योजना प्रारंभिक चरण में है। इसके लिए नगर निगम ने नगला कोल्हू में भूमि चिन्हित कर ली है। इस गांव में नगर निगम की करीब 90 एकड़ भूमि है। भूमि के एक हिस्से में कूड़ा निस्तारण प्लांट है और कुछ हिस्सा खाली पड़ा है। इसी भूमि पर निगम की 25 मेगावाट क्षमता का एक विशाल सोलर पावर प्लांट स्थापित करने की योजना है। प्लांट को स्थापित करने में करीब 180 से 200 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
यह सोलर पावर प्लांट मथुरा रिफाइनरी की 40 फीसदी बिजली खपत को पूरा करेगा। इसके एवज में मथुरा रिफाइनरी हर माह नगर निगम को भुगतान करेगी। इससे नगर निगम की आय में भी वृद्धि होगी। इस राजस्व का उपयोग शहर के विकास कार्यों, जैसे सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छता में किया जा सकेगा। हालांकि इस महत्वाकांक्षी योजना पर मथुरा रिफाइनरी व नगर निगम के अधिकारी लगातार मंथन कर रहे हैं। साथ ही विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है।
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- मंथन के बाद शासन को भेजा जाएगा प्रस्ताव
पार्षद राजीव सिंह ने बताया कि नगर निगम की बोर्ड बैठक में यह प्रस्ताव पास हो गया है। अब यह स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद यह न केवल मथुरा नगर निगम, बल्कि प्रदेश के अन्य नगर निगमों के लिए भी एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में वरदान साबित होगा।
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ग्रीन एनर्जी को मिलेगा बढ़ावा
केंद्र और राज्य सरकार का पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने और हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) अपनाने पर फोकस है। ताकि हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा मिल सके। नवीकरणीय ऊर्जा भविष्य की जरूरत है। इसी दिशा में नगर निगम ने यह पहल शुरू की है।
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इस महत्वाकांक्षी योजना पर फिलहाल मंथन चल रहा है। इस योजना से नगर निगम और रिफाइनरी को फायदा मिलेगा। रिफाइनरी की पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता घटेगी और निगम की आय में वृद्धि होगी। मंथन पूरा होने के बाद करीब 25 मेघावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट स्थापति किया जाएगा। इसके निर्माण में करीब 180 से 200 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
जग प्रवेश, नगर आयुक्त
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अधिकारियों के मुताबिक, यह योजना प्रारंभिक चरण में है। इसके लिए नगर निगम ने नगला कोल्हू में भूमि चिन्हित कर ली है। इस गांव में नगर निगम की करीब 90 एकड़ भूमि है। भूमि के एक हिस्से में कूड़ा निस्तारण प्लांट है और कुछ हिस्सा खाली पड़ा है। इसी भूमि पर निगम की 25 मेगावाट क्षमता का एक विशाल सोलर पावर प्लांट स्थापित करने की योजना है। प्लांट को स्थापित करने में करीब 180 से 200 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
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यह सोलर पावर प्लांट मथुरा रिफाइनरी की 40 फीसदी बिजली खपत को पूरा करेगा। इसके एवज में मथुरा रिफाइनरी हर माह नगर निगम को भुगतान करेगी। इससे नगर निगम की आय में भी वृद्धि होगी। इस राजस्व का उपयोग शहर के विकास कार्यों, जैसे सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छता में किया जा सकेगा। हालांकि इस महत्वाकांक्षी योजना पर मथुरा रिफाइनरी व नगर निगम के अधिकारी लगातार मंथन कर रहे हैं। साथ ही विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है।
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- मंथन के बाद शासन को भेजा जाएगा प्रस्ताव
पार्षद राजीव सिंह ने बताया कि नगर निगम की बोर्ड बैठक में यह प्रस्ताव पास हो गया है। अब यह स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद यह न केवल मथुरा नगर निगम, बल्कि प्रदेश के अन्य नगर निगमों के लिए भी एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में वरदान साबित होगा।
ग्रीन एनर्जी को मिलेगा बढ़ावा
केंद्र और राज्य सरकार का पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने और हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) अपनाने पर फोकस है। ताकि हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा मिल सके। नवीकरणीय ऊर्जा भविष्य की जरूरत है। इसी दिशा में नगर निगम ने यह पहल शुरू की है।
इस महत्वाकांक्षी योजना पर फिलहाल मंथन चल रहा है। इस योजना से नगर निगम और रिफाइनरी को फायदा मिलेगा। रिफाइनरी की पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता घटेगी और निगम की आय में वृद्धि होगी। मंथन पूरा होने के बाद करीब 25 मेघावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट स्थापति किया जाएगा। इसके निर्माण में करीब 180 से 200 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
जग प्रवेश, नगर आयुक्त