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Mathura News: नगर निगम की बोर्ड बैठक बनी अखाड़ा, पार्षदों में हुई हाथापाई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 10 Oct 2025 01:35 AM IST
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The Municipal Corporation board meeting turned into a brawl, with councillors scuffling.
नगर निगम अधिवेशन में आपस में भिड़ते भाजपा कांग्रेस के पार्षद।
मथुरा। कान्हा की नगरी के विकास के लिए बृहस्पतिवार को आयोजित नगर निगम बोर्ड की बैठक अखाड़े में बदल गई। विकास के बजाय भाजपा और कांग्रेस पार्षद आपस में ही भिड़ गए। इस दौरान कांग्रेस पार्षद धनंजय चौधरी पर चटनी फेंकने से बात हाथापाई तक जा पहुंची। विकास कार्यों पर चर्चा के लिए जो समय निर्धारित था, वह विवाद शांत कराने में ही बीत गया। बोर्ड ने किसी तरह 40 प्रस्तावों को मंजूरी दी, जबकि चार प्रस्ताव निरस्त कर दिए।
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भूतेश्वर स्थित मुकुंद धाम में नगर निगम बोर्ड की बैठक की शुरुआत सामान्य रूप से हुई। जैसे ही शहर में विकास कार्यों की धीमी गति और लचर सफाई व्यवस्था पर बात आई तो माहौल गरमाने लगा। वार्ड-63 के पार्षद संजय अग्रवाल ने उनके क्षेत्र में हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए। यह भी बताया कि शिकायत के बाद भी अधिकारियों ने सुनवाई नहीं की, उल्टा उनके क्षेत्र में कार्य रुकवा दिए गए। इतना सुनते ही कांग्रेस पार्षद धनंजय चौधरी व अन्य कुछ पार्षदों ने डबल इंजन सरकार विरोधी नारे लगाने शुरू कर दिए। इस पर सदन में मौजूद भाजपा पार्षद अभिजीत और कुलदीप पाठक ने विरोध किया तो बात हंगामे तक जा पहुंची।
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कई पार्षद एकजुट हो गए और नारेबाजी कर रहे कांग्रेस पार्षदों को बाहर भेजने की मांग पर अड़ गए। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद धक्का मुक्की और फिर हाथापाई होने लगी। इसी बीच किसी ने मेज पर रखी चटनी उठाकर कांग्रेस पार्षद धनंजय चौधरी पर फेंक दी, जिससे माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया। काफी देर तक हाथापाई चलती रही। महापौर विनोद अग्रवाल की बार-बार अपील के बाद भी कोई पीछे हटने को तैयार नहीं था। पार्षद एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते हुए हंगामा करते रहे। करीब 10 मिनट बाद सदन में मौजूद सिटी मजिस्ट्रेट राकेश कुमार और अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह ने पुलिसकर्मियों की सहायता से विवाद शांत कराया।
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हंगामे के बीच ही किसी तरह विकास के 44 प्रस्तावों में से 40 पास कर दिए गए। इसमें आधा सैकड़ा गलियों और नालियों के निर्माण के साथ ही सरकारी योजनाओं के लिए जमीन आवंटन जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। किसी विशेष योजना के लिए न तो चर्चा हो सकी और न ही ऐसा कोई उल्लेखनीय प्रस्ताव पास हो सका। बैठक में मंच पर नगर आयुक्त जग प्रवेश, महापौर विनोद अग्रवाल, उपसभापति मुकेश सारस्वत, पार्षद दल के उपनेता बालकृष्ण चतुर्वेदी मौजूद रहे।
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1492 करोड़ रुपये का पुनरीक्षित बजट हुआ पास
बोर्ड की बैठक में पुनरीक्षित बजट का भी प्रस्ताव रखा गया। निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 1073 करोड़ का मूल बजट प्रस्तावित किया गया था। विकास कार्यों की संख्या और लागत बढ़ने के चलते यह बजट बढ़ गया। इसके लिए बोर्ड की बैठक में 1492 करोड़ रुपये का पुनरीक्षित बजट पेश किया गया। सदन ने इसे पास कर दिया। इस दौरान पार्षद राकेश भाटिया, चंदन अहूजा, नीलम गोयल, जितेंद्र, देवेंद्र, सरस्वती धर्मेश नौहवार, वैभव अग्रवाल, सुमित गौतम, शशांक शर्मा समेत अन्य पार्षद मौजूद रहे।

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ये मुख्य प्रस्ताव हुए पास
- जैंत में हाईकोर्ट के गेस्ट हाउस निर्माण के लिए भूमि आवंटन
- भूतेश्वर पर रेलवे लाइन चौड़ीकरण के लिए भूमि स्थानांतरण
- कृष्णा नगर में उत्सव भवन और मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण
- मथुरा बांगर में मिनी स्टेडियम निर्माण के लिए भूमि आवंटन
- दो ई-सिटी बस स्टेशन निर्माण के लिए भूमि आवंटन
- महोली में कल्याणमंडपम के निर्माण के लिए भूमि आवंटन
- वार्ड संख्या 44 राधिका विहार मीट प्रतिबंधित क्षेत्र में शामिल
- 49 सड़कों और नालियों के निर्माण की स्वीकृति
- महोली में दो मंजिला मल्टीपर्पज डिजास्टर शेल्टर होम के लिए भूमि आवंटन
- सुनरख बांगर में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल निर्माण के लिए भूमि आवंटन
- शहजादपुर सोनई में एनर्जी पार्क विकसित करने के लिए भूमि आवंटन

बैठक में चार प्रस्ताव निरस्त किए गए हैं, बाकी सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पास किया गया है। इससे मथुरा-वृंदावन को विकास की नई राह मिलेगी। बैठक के दौरान कांग्रेस के पार्षद ने सरकार व पार्टी विरोधी नारे लगाए, यह सदन की मर्यादा के विपरीत है। मैंने सभी की बारी-बारी से बात सुनी, लेकिन सदन में हंगामा करके पक्ष रखना बिल्कुल भी उचित नहीं है।

विनोद अग्रवाल, महापौर
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