{"_id":"69752964abdb926f600cc68d","slug":"the-administration-should-apologize-for-insulting-shankaracharya-and-the-sadhus-devkinandan-maharaj-mathura-news-c-161-1-mt11010-101403-2026-01-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"शंकराचार्य और साधुओं के अपमान पर माफी मांगे प्रशासन: देवकीनंदन महाराज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शंकराचार्य और साधुओं के अपमान पर माफी मांगे प्रशासन: देवकीनंदन महाराज
विज्ञापन
वृंदावन। माघ मेला में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद महाराज को स्नान करने से रोकने और साधुओं से अभद्रता को लेकर नगर के धर्माचार्यों में रोष है। ब्राह्मण महासभा और धर्माचार्य जगह-जगह बैठक कर नाराजगी जता रहे हैं। मेला प्रशासन से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने को कह रहे हैं।
कथावाचक देवकीनंदन महाराज ने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज, संत और बटुकों के साथ जो अभद्रता और उनका अपमान हुआ है। वह असहनीय है। प्रयागराज की धरा पर सनातन का ध्वज ऊंचा होना चाहिए न कि सनातन का अपमान होना चाहिए। उन्होंने माघ मेला प्रशासन से कहा है कि जो घटी है। उसके लिए शंकराचार्य से क्षमा मांगनी चाहिए। प्रशासन ने जो भी गलती की है, वह प्रत्येक सनातनी को दुख पहुंचाने वाली है।
उधर, धर्माचार्यों ने हरिवंश नगर में बैठक आयोजित कर माघ मेला प्रशासन के प्रति रोष व्यक्त किया। उन्होंने प्रदेश सरकार से जिम्मेदार प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कर्मकांड आचार्य बनवारी महाराज ने कहा कि साधु-संतों और बटुकों के साथ गलत व्यवहार किया गया है। यह सनातन धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला काम है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने शंकराचार्य को सम्मानपूर्वक संगम में स्नान कराए जाने की मांग भी उठाई। बैठक में अखिलेश शास्त्री, देवेंद्र शास्त्री, मधुरम शास्त्री, दिनेश शास्त्री, गिरधर शास्त्री, गोपाल द्विवेदी, अरुण पाठक, सूरज शर्मा, भरत उपाध्याय, अंकित शर्मा, केशव मिश्र, अनुज शर्मा और ध्रुव गौतम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कथावाचक देवकीनंदन महाराज ने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज, संत और बटुकों के साथ जो अभद्रता और उनका अपमान हुआ है। वह असहनीय है। प्रयागराज की धरा पर सनातन का ध्वज ऊंचा होना चाहिए न कि सनातन का अपमान होना चाहिए। उन्होंने माघ मेला प्रशासन से कहा है कि जो घटी है। उसके लिए शंकराचार्य से क्षमा मांगनी चाहिए। प्रशासन ने जो भी गलती की है, वह प्रत्येक सनातनी को दुख पहुंचाने वाली है।
विज्ञापन
उधर, धर्माचार्यों ने हरिवंश नगर में बैठक आयोजित कर माघ मेला प्रशासन के प्रति रोष व्यक्त किया। उन्होंने प्रदेश सरकार से जिम्मेदार प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कर्मकांड आचार्य बनवारी महाराज ने कहा कि साधु-संतों और बटुकों के साथ गलत व्यवहार किया गया है। यह सनातन धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला काम है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने शंकराचार्य को सम्मानपूर्वक संगम में स्नान कराए जाने की मांग भी उठाई। बैठक में अखिलेश शास्त्री, देवेंद्र शास्त्री, मधुरम शास्त्री, दिनेश शास्त्री, गिरधर शास्त्री, गोपाल द्विवेदी, अरुण पाठक, सूरज शर्मा, भरत उपाध्याय, अंकित शर्मा, केशव मिश्र, अनुज शर्मा और ध्रुव गौतम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन