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सोने-चांदी की पोशाक धारण करेंगे ठाकुरजी
अमर उजाला वृंदावन
Updated Thu, 01 Dec 2016 11:54 PM IST
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बांकेबिहारी मंदिर
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जन-जन के आराध्य ठाकुर बांकेबिहारी महाराज का प्राकट्य महोत्सव चार दिसंबर को बिहार पंचमी के अवसर पर धर्मनगरी में धूमधाम से मनाया जाएगा। इसके लिए ठाकुर बांकेबिहारी महाराज की प्राकट्यस्थली निधिवनराज से लेकर बांकेबिहारी मंदिर तक में तैयारियां चल रही हैं।
सेवायत प्रणव गोस्वामी ने बताया कि चार दिसंबर को मंदिर को हजारों रंग बिरंगे गुब्बारों से सजाया जाएगा। मंदिर परिसर में गुलाब, केसर और हिना के इत्र का छिड़काव होगा। इस दिन ठाकुरजी स्वर्ण रजत निर्मित पोशाक धारण करेंगे। यह पोशाक दिल्ली के कारीगरों के द्वारा तैयार की गई है।
पोशाक के निर्माण में मोती, मूंगा, पन्ना आदि रत्नों की कारीगरी भी है। पोशाक धारण कर ठाकुरजी अपने भक्तों को दर्शन देंगे। वहीं ठाकुरजी को मुकुट, चंद्रिका, हार, टिपारा, कुंडल, बाजूबंद, कमरबंद सहित 16 वस्त्र धारण कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि बिहार पंचमी के दिन ठाकुर बांकेबिहारी की आरती के लिए विशेष स्वर्ण-रजत निर्मित आरती का निर्माण कराया गया है।
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सिर्फ एक दिन होता है ठाकुरजी का अभिषेक
वर्ष में केवल एक दिन बिहार पंचमी पर होने वाले ठाकुर बांकेबिहारी के अभिषेक की तैयारियां चल रहीं है। सेवायत प्रह्लाद वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि रविवार को सेवायत सुबह सात बजे ठाकुर बांकेबिहारी महाराज को चांदी के 30 किलोग्राम बजनी डोंगे में विराजित करेंगे।
इसके बाद घी, शहद, बूरा, दूध और दही के साथ साथ गुलाब जल से ठाकुरजी का अभिषेक कराया जाएगा। ठंड से बचाव के लिए इसी दिन से ठाकुरजी को चंदन के स्थान पर केसर लगाने का भी क्रम शुरू हो जाता है। अभिषेक के दर्शन सेवायतों के अलावा अन्य श्रद्धालुओं को सुुलभ नहीं होते। अभिषेक मंदिर में पर्दा डालकर किया जाता है। वर्ष में एक ही दिन बिहार पंचमी पर ही चरणामृत के स्थान पर भक्तों को पंचामृत बांटा जाता है।
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सेवायत प्रणव गोस्वामी ने बताया कि चार दिसंबर को मंदिर को हजारों रंग बिरंगे गुब्बारों से सजाया जाएगा। मंदिर परिसर में गुलाब, केसर और हिना के इत्र का छिड़काव होगा। इस दिन ठाकुरजी स्वर्ण रजत निर्मित पोशाक धारण करेंगे। यह पोशाक दिल्ली के कारीगरों के द्वारा तैयार की गई है।
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पोशाक के निर्माण में मोती, मूंगा, पन्ना आदि रत्नों की कारीगरी भी है। पोशाक धारण कर ठाकुरजी अपने भक्तों को दर्शन देंगे। वहीं ठाकुरजी को मुकुट, चंद्रिका, हार, टिपारा, कुंडल, बाजूबंद, कमरबंद सहित 16 वस्त्र धारण कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि बिहार पंचमी के दिन ठाकुर बांकेबिहारी की आरती के लिए विशेष स्वर्ण-रजत निर्मित आरती का निर्माण कराया गया है।
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सिर्फ एक दिन होता है ठाकुरजी का अभिषेक
वर्ष में केवल एक दिन बिहार पंचमी पर होने वाले ठाकुर बांकेबिहारी के अभिषेक की तैयारियां चल रहीं है। सेवायत प्रह्लाद वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि रविवार को सेवायत सुबह सात बजे ठाकुर बांकेबिहारी महाराज को चांदी के 30 किलोग्राम बजनी डोंगे में विराजित करेंगे।
इसके बाद घी, शहद, बूरा, दूध और दही के साथ साथ गुलाब जल से ठाकुरजी का अभिषेक कराया जाएगा। ठंड से बचाव के लिए इसी दिन से ठाकुरजी को चंदन के स्थान पर केसर लगाने का भी क्रम शुरू हो जाता है। अभिषेक के दर्शन सेवायतों के अलावा अन्य श्रद्धालुओं को सुुलभ नहीं होते। अभिषेक मंदिर में पर्दा डालकर किया जाता है। वर्ष में एक ही दिन बिहार पंचमी पर ही चरणामृत के स्थान पर भक्तों को पंचामृत बांटा जाता है।