{"_id":"9b4ac4aa844216b38af0c6c2efd5bc03","slug":"stay-on-fir-against-ex-minister-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व मंत्री ने कहा, मुकदमे पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्व मंत्री ने कहा, मुकदमे पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 06 Jan 2016 11:30 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व मंत्री श्यामसुंदर शर्मा ने विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि उन पर और उनके पुत्र पर दर्ज कराई गई एफआईआर पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। पूर्व मंत्री और उनके पुत्र के खिलाफ अवैध नियुक्तियां करने का आरोप लगाते हुए जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन जगदीश नौहवार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन जगदीश नौहवार द्वारा पूर्व मंत्री श्यामसुंदर शर्मा और उनके पुत्र जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी डॉ. ललित शर्मा पर अवैध नियुक्तियां करने, गलत तरीके से समायोजन करने और उन्हें वेतन दिए जाने समेत अन्य आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पूर्व मंत्री और विधायक श्यामसुंदर शर्मा ने कहा कि उनकी अपील पर हाईकोर्ट ने संपूर्ण प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।
कोर्ट ने 20 जनवरी की तारीख देते हुए सरकार से मामले की पत्रावली मांगी है। पूर्व मंत्री श्यामसुंदर शर्मा ने एफआईआर दर्ज होने के बाद प्रेसवार्ता में कहा था कि सरकार और उनके लोग जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान दबाव बनाने के लिए उन्हें और पुत्र ललित को किसी भी षड्यंत्र में फंसाने के लिए कोई भी हथकंडा अपना सकते हैं। इसलिए उन्होंने मथुरा से लेकर लखनऊ तक के अफसरों को इससे सूचित भी कर दिया था। अब यह षड्यंत्र उनके और ललित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने से साबित हो गया है। वह किसी भी निष्पक्ष जांच के लिए तैयार हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन जगदीश नौहवार द्वारा पूर्व मंत्री श्यामसुंदर शर्मा और उनके पुत्र जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी डॉ. ललित शर्मा पर अवैध नियुक्तियां करने, गलत तरीके से समायोजन करने और उन्हें वेतन दिए जाने समेत अन्य आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पूर्व मंत्री और विधायक श्यामसुंदर शर्मा ने कहा कि उनकी अपील पर हाईकोर्ट ने संपूर्ण प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।
विज्ञापन
कोर्ट ने 20 जनवरी की तारीख देते हुए सरकार से मामले की पत्रावली मांगी है। पूर्व मंत्री श्यामसुंदर शर्मा ने एफआईआर दर्ज होने के बाद प्रेसवार्ता में कहा था कि सरकार और उनके लोग जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान दबाव बनाने के लिए उन्हें और पुत्र ललित को किसी भी षड्यंत्र में फंसाने के लिए कोई भी हथकंडा अपना सकते हैं। इसलिए उन्होंने मथुरा से लेकर लखनऊ तक के अफसरों को इससे सूचित भी कर दिया था। अब यह षड्यंत्र उनके और ललित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने से साबित हो गया है। वह किसी भी निष्पक्ष जांच के लिए तैयार हैं।
विज्ञापन