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डीएम बताएं यमुना में गिरते नालों की स्थिति
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 14 Feb 2016 11:44 PM IST
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शासन ने डीएम से मथुरा-वृंदावन में सीधे यमुना में गिर रहे गंदे नालों की रिपोर्ट मांगी है। विधानसभा के पिछले सत्र के दौरान क्षेत्रीय विधायक प्रदीप माथुर ने नियम 51 के तहत यमुना में गंदे नाले गिरने का मुद्दा उठाया था।
विधानसभा में विधायक ने बताया था कि मथुरा-वृंदावन में यमुना में नालों का गंदा पानी जा रहा है, इसे नियंत्रित करने के उपाय निष्प्रभावी हैं। इससे यमुना बेहद प्रदूषित हो गई है।
उन्होंने यह भी कहा था कि मथुरा-वृंदावन में प्रति वर्ष कई करोड़ लोग श्रद्धा भाव से आते हैं और यमुना पूजन भी करते हैं, लेकिन वर्तमान स्थिति से उनकी भावनाएं आहत हो रहीं हैं। साथ ही यमुना में बेहद प्रदूषित जल के कारण आसपास के लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।
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यहां शहरी क्षेत्रों में यमुना से ही जलापूर्ति होती है, यह स्थिति बेहद खतरनाक है। विधायक के इस प्रश्न पर शासन की ओर से मथुरा डीएम से जवाब मांगा गया है। इस प्रश्न के जवाब सेे विधानसभा को अवगत कराने के लिए शासन के संयुक्त सचिव सुधीर सिंह चौहान ने डीएम मथुरा से जल्द जवाब भेजने को कहा है।
नहीं बंद हुए नाले, न ही सीवर कनेक्शन चालू हुआ
यमुना रक्षक दल को निरीक्षण के दौरान रविवार को विहार घाट से लेकर भंवर घाट तक के गंदे नालों का पानी सीधे यमुना में समाता मिला।
जबकि, शनिवार को जल निगम के अधिशासी अभियंता निजामुद्दीन ने यमुना रक्षक दल को अगले 24 घंटे में कालीदह से भंवर घाट तक के नालों को यमुना में गिरने से बंद करने और सीवर लाइन चालू होने का आश्वासन दिया था। लेकिन अभी ये कार्य पूर्ण नहीं हुआ।
निरीक्षण के दौरान पूछताछ में जल निगम के ठेकेदार ने बताया कि पाइप लाइन के अंदर काफी कचरा और प्लास्टिक फंसा हुआ है जिसे निकालने में परेशानी हो रही है। बताया कि कल मशीन से इसे साफ किया जाएगा तब सीवर लाइन चालू होगी।
यमुना रक्षक दल के प्रदेश युवा अध्यक्ष विवेक महाजन ने कहा कि प्रशासन और जल निगम यमुना भक्तों की चेतावनी को हल्के में ले रहे हैं। कार्य प्रगति देखकर लगता है कि जल निगम और प्रशासन कभी नालों को बंद नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि पागल बाबा के समीप बने एसटीपी की क्षमता एक करोड़ बीस लाख लीटर गंदे पानी को फिल्टर करने की है फिर भी नालों को टेप नहीं किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान नगर अध्यक्ष श्रीदास प्रजापति, अनूप अग्रवाल, सुरेंद्र गौतम, गोपाल शर्मा आदि मौजूद रहे।
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विधानसभा में विधायक ने बताया था कि मथुरा-वृंदावन में यमुना में नालों का गंदा पानी जा रहा है, इसे नियंत्रित करने के उपाय निष्प्रभावी हैं। इससे यमुना बेहद प्रदूषित हो गई है।
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उन्होंने यह भी कहा था कि मथुरा-वृंदावन में प्रति वर्ष कई करोड़ लोग श्रद्धा भाव से आते हैं और यमुना पूजन भी करते हैं, लेकिन वर्तमान स्थिति से उनकी भावनाएं आहत हो रहीं हैं। साथ ही यमुना में बेहद प्रदूषित जल के कारण आसपास के लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।
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यहां शहरी क्षेत्रों में यमुना से ही जलापूर्ति होती है, यह स्थिति बेहद खतरनाक है। विधायक के इस प्रश्न पर शासन की ओर से मथुरा डीएम से जवाब मांगा गया है। इस प्रश्न के जवाब सेे विधानसभा को अवगत कराने के लिए शासन के संयुक्त सचिव सुधीर सिंह चौहान ने डीएम मथुरा से जल्द जवाब भेजने को कहा है।
नहीं बंद हुए नाले, न ही सीवर कनेक्शन चालू हुआ
यमुना रक्षक दल को निरीक्षण के दौरान रविवार को विहार घाट से लेकर भंवर घाट तक के गंदे नालों का पानी सीधे यमुना में समाता मिला।
जबकि, शनिवार को जल निगम के अधिशासी अभियंता निजामुद्दीन ने यमुना रक्षक दल को अगले 24 घंटे में कालीदह से भंवर घाट तक के नालों को यमुना में गिरने से बंद करने और सीवर लाइन चालू होने का आश्वासन दिया था। लेकिन अभी ये कार्य पूर्ण नहीं हुआ।
निरीक्षण के दौरान पूछताछ में जल निगम के ठेकेदार ने बताया कि पाइप लाइन के अंदर काफी कचरा और प्लास्टिक फंसा हुआ है जिसे निकालने में परेशानी हो रही है। बताया कि कल मशीन से इसे साफ किया जाएगा तब सीवर लाइन चालू होगी।
यमुना रक्षक दल के प्रदेश युवा अध्यक्ष विवेक महाजन ने कहा कि प्रशासन और जल निगम यमुना भक्तों की चेतावनी को हल्के में ले रहे हैं। कार्य प्रगति देखकर लगता है कि जल निगम और प्रशासन कभी नालों को बंद नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि पागल बाबा के समीप बने एसटीपी की क्षमता एक करोड़ बीस लाख लीटर गंदे पानी को फिल्टर करने की है फिर भी नालों को टेप नहीं किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान नगर अध्यक्ष श्रीदास प्रजापति, अनूप अग्रवाल, सुरेंद्र गौतम, गोपाल शर्मा आदि मौजूद रहे।