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‘आतंक को समाप्त करने का अस्त्र अध्यात्म’
अमर उजाला काेेसीकलां/वृंदावन
Updated Wed, 13 Apr 2016 11:29 PM IST
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आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर ने आतंकवाद को बताया दुनिया की सबसे बड़ी समस्या
- फोटो : अमर उजाला वृंदावन
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द्वेष और तनाव के शिकार, शिक्षा-संस्कार से वंचित लोगों में बदला लेने की भावना जन्म लेती है। इन्हीं कारणों से आतंकवाद जन्म लेता है। दुनिया के सामने इस समय सबसे बड़ी समस्या यही है। आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर ने बुधवार को ये बात कही।
हाईवे पर तपस्वी विष्णुदास आश्रम में प्रवचन के दौरान श्रीश्री ने कहा कि आतंक को समाप्त करने का सबसे सशक्त अस्त्र अध्यात्म है। मन में आध्यात्मिक चेतना जागृत होने पर मनुष्य को बुरा-भला, लाभ-हानि का बोध होता है। इससे वह जगत के समस्त प्राणियों से प्रेम करने लगता है और ऐसे में आतंकवाद टिक नहीं सकता। आध्यात्मिक गुरु ने बताया कि मैंने कई लोगों को अध्यात्म की शरण में आने के बाद बुराइयों का त्याग करते हुए देखा है।
यमुना शुद्धीकरण के विषय पर श्रीश्री ने कहा कि ब्रज ही नहीं दिल्ली में भी यमुना को साफ करने की जरूरत है। दिल्ली में यमुना तट पर आर्ट ऑफ लिविंग के कार्यक्रम का उद्देश्य यमुना स्वच्छता के प्रति जागरूकता के साथ भारतीय संस्कृति को विश्वपटल पर रखना था।
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ब्रजभूमि आगमन के बारे में श्रीश्री बोले कि यह श्रीकृष्ण और महान संतों की भूमि है, यहां आने के लिए निमंत्रण की जरूरत नहीं। इससे पहले श्रीश्री ने तपस्वी विष्णुदास महाराज की प्रतिमा पर पूजा अर्चना की। यमुना मुक्तिकरण अभियान के सुनील सिंह, राधाकांत शास्त्री ने श्रीश्री से यमुना शुद्धीकरण पर चर्चा की। संगीतकार बनवारीलाल ने भजन पेश किए। इस मौके पर महंत बृजभूषण दास महाराज, सुमेर सिंह, जिले सिंह, हरीओम गुप्ता आदि थे।
यमुना शुद्धीकरण मेें सहयोग की मांग
धर्म रक्षा संघ के प्रतिनिधि मंडल ने श्रीश्री रविशंकर से कोटवन स्थित तपस्वी आश्रम मुलाकात की। संघ के अध्यक्ष सौरभ गौड़ ने श्रीश्री को यमुना शुद्धीकरण के लिए ब्रज में चलाए जा रहे आंदोलन के बारे में विस्तार से बताया और इसमें सहयोग मांगा।
इस पर श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि दिल्ली में यमुना किनारे आयोजन के बाद उन्होंने अनुभव किया है कि यमुना का जल इंसान ही नहीं अन्य जीव-जंतुओं के लिए भी हानिकारक है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में सकारात्मक सोच लेकर आम लोगों को शासन-प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करना पडे़गा। इस अवसर पर महामंडलेश्वर नवल गिरि, महंत हरिबोल बाबा, स्वामी आदित्यानंद आदि उपस्थित थे।
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हाईवे पर तपस्वी विष्णुदास आश्रम में प्रवचन के दौरान श्रीश्री ने कहा कि आतंक को समाप्त करने का सबसे सशक्त अस्त्र अध्यात्म है। मन में आध्यात्मिक चेतना जागृत होने पर मनुष्य को बुरा-भला, लाभ-हानि का बोध होता है। इससे वह जगत के समस्त प्राणियों से प्रेम करने लगता है और ऐसे में आतंकवाद टिक नहीं सकता। आध्यात्मिक गुरु ने बताया कि मैंने कई लोगों को अध्यात्म की शरण में आने के बाद बुराइयों का त्याग करते हुए देखा है।
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यमुना शुद्धीकरण के विषय पर श्रीश्री ने कहा कि ब्रज ही नहीं दिल्ली में भी यमुना को साफ करने की जरूरत है। दिल्ली में यमुना तट पर आर्ट ऑफ लिविंग के कार्यक्रम का उद्देश्य यमुना स्वच्छता के प्रति जागरूकता के साथ भारतीय संस्कृति को विश्वपटल पर रखना था।
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ब्रजभूमि आगमन के बारे में श्रीश्री बोले कि यह श्रीकृष्ण और महान संतों की भूमि है, यहां आने के लिए निमंत्रण की जरूरत नहीं। इससे पहले श्रीश्री ने तपस्वी विष्णुदास महाराज की प्रतिमा पर पूजा अर्चना की। यमुना मुक्तिकरण अभियान के सुनील सिंह, राधाकांत शास्त्री ने श्रीश्री से यमुना शुद्धीकरण पर चर्चा की। संगीतकार बनवारीलाल ने भजन पेश किए। इस मौके पर महंत बृजभूषण दास महाराज, सुमेर सिंह, जिले सिंह, हरीओम गुप्ता आदि थे।
यमुना शुद्धीकरण मेें सहयोग की मांग
धर्म रक्षा संघ के प्रतिनिधि मंडल ने श्रीश्री रविशंकर से कोटवन स्थित तपस्वी आश्रम मुलाकात की। संघ के अध्यक्ष सौरभ गौड़ ने श्रीश्री को यमुना शुद्धीकरण के लिए ब्रज में चलाए जा रहे आंदोलन के बारे में विस्तार से बताया और इसमें सहयोग मांगा।
इस पर श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि दिल्ली में यमुना किनारे आयोजन के बाद उन्होंने अनुभव किया है कि यमुना का जल इंसान ही नहीं अन्य जीव-जंतुओं के लिए भी हानिकारक है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में सकारात्मक सोच लेकर आम लोगों को शासन-प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करना पडे़गा। इस अवसर पर महामंडलेश्वर नवल गिरि, महंत हरिबोल बाबा, स्वामी आदित्यानंद आदि उपस्थित थे।