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मशीनें करेंगी ट्रांजेक्शन, बैंककर्मी मार्केटिंगः पल्लव महापात्रा
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा
Updated Sat, 08 Aug 2015 11:29 PM IST
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आने वाले दिनों में देश की जीडीपी बढ़ने के साथ ही बैंकों की सेहत में सुधार होगा। बैंककर्मी अब जनता के बीच जाकर बैंकिंग सेवाओं की मार्केटिंग करेंगे और बैंकों का बिजनेस बढ़ाएंगे। लेनदेन की प्रक्रिया पूरे तौर पर मशीन आधारित होगी। इसकी शुरूआत बैंकों में हो चुकी है। यह कहना है भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य महाप्रबंधक पल्लव महापात्रा का। पल्लव सेना की स्ट्राइक वन कोर के योद्धा पार्क के शुभारंभ अवसर पर मथुरा आए थे।
सेना के कार्यक्रम के बाद अमर उजाला से बातचीत में पल्लव महापात्रा ने बैंकिंग क्षेत्र में होने वाले परिवर्तनों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बैंकों में कर्मचारियों की कमी बैंकिंग कार्य में आड़े नहीं आएगी। इसके लिए आधुनिकीकरण किया जा रहा है। लेनदेन के लिए मशीनें लगाई जा रही हैं। बैंक कमियों को लोगों को बैंकिंग सेवाओं से ज्यादा से ज्यादा जोड़ने को लेकर मार्केटिंग कराई जाएगी। एनपीए खातों की बढ़ती संख्या और राशि के सवाल पर उन्होंने कहा कि एसबीआई के एनपीए खातों के बुरे दिन निकल गए हैं। इनमें औसतन कमी आ रही है।
अब देश की जीडीपी दर बढ़ने से बैंकों की सेहत सुधरेगी। जीडीपी दर बढ़ने से बैंकों के एनपीए खाते की बढ़ोत्तरी में कमी आ रही है। किसानों, इंडस्ट्री, होम और कार लोन की तुलना में किसान हित अनदेखी के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसमें किसानों की कर्ज वापसी को देखते हुए कर्ज सीमा बढ़ाई जा सकेगी। किसानों के लिए लोन की सीमा सरकारों ने तय की हैं। बैंक उसी गाइड लाइन पर काम कर रही हैं। इस दौरान महाप्रबंधक दिल्ली एस शैले, क्षेत्रीय प्रबंधक आगरा आरके पाश, नीरज गांधी और मथुरा कैंट ब्रांच के प्रबंधक मुकेश गुप्ता साथ थे।
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सेना के कार्यक्रम के बाद अमर उजाला से बातचीत में पल्लव महापात्रा ने बैंकिंग क्षेत्र में होने वाले परिवर्तनों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बैंकों में कर्मचारियों की कमी बैंकिंग कार्य में आड़े नहीं आएगी। इसके लिए आधुनिकीकरण किया जा रहा है। लेनदेन के लिए मशीनें लगाई जा रही हैं। बैंक कमियों को लोगों को बैंकिंग सेवाओं से ज्यादा से ज्यादा जोड़ने को लेकर मार्केटिंग कराई जाएगी। एनपीए खातों की बढ़ती संख्या और राशि के सवाल पर उन्होंने कहा कि एसबीआई के एनपीए खातों के बुरे दिन निकल गए हैं। इनमें औसतन कमी आ रही है।
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अब देश की जीडीपी दर बढ़ने से बैंकों की सेहत सुधरेगी। जीडीपी दर बढ़ने से बैंकों के एनपीए खाते की बढ़ोत्तरी में कमी आ रही है। किसानों, इंडस्ट्री, होम और कार लोन की तुलना में किसान हित अनदेखी के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसमें किसानों की कर्ज वापसी को देखते हुए कर्ज सीमा बढ़ाई जा सकेगी। किसानों के लिए लोन की सीमा सरकारों ने तय की हैं। बैंक उसी गाइड लाइन पर काम कर रही हैं। इस दौरान महाप्रबंधक दिल्ली एस शैले, क्षेत्रीय प्रबंधक आगरा आरके पाश, नीरज गांधी और मथुरा कैंट ब्रांच के प्रबंधक मुकेश गुप्ता साथ थे।
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