फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Saint Premanand will give darshan devotees in vrindavan

Saint Premanand: पदयात्रा बंद होने से निराश भक्तों के लिए खुशखबरी, अब ऐसे हो सकेंगे संत प्रेमानंद के दर्शन

Wed, 12 Feb 2025 09:51 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: अरुन पाराशर Updated Wed, 12 Feb 2025 09:51 PM IST
सार

अपार्टमेंट निवासियों के विरोध पर संत प्रेमानंद ने अपनी पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी थी। ऐसे में उनके भक्तों में निराशा थी। लेकिन भक्तों की भावना को देखते हुए  संत प्रेमानंद ने दर्शन देने का फैसला लिया है।
 

विज्ञापन
Saint Premanand will give darshan devotees in vrindavan
संत प्रेमानंद महाराज। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

मथुरा के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज को कोई भगवान मानता है तो कोई गुरु। उनकी एक झलक पाने के लिए लोग घंटों इंतजार करते हैं। उनके आशीर्वाद के लिए अनुयायी बड़ी संख्या में उनके साथ पैदल यात्रा में शामिल होते हैं। कुछ लोगों के विरोध के बाद संत प्रेमानंद ने प्रतिदिन रात दो बजे करने वाली पदयात्रा के बजाय भोर में चार बजे केली कुंज आश्रम के बाहर गली में पैदल चलकर अपने अनुयायियों को दर्शन देने का फैसला किया है।
विज्ञापन


 

हर रोज देर रात दो बजे प्रेमानंद महाराज सुनरख रोड से श्री राधे हित केली कुंज आश्रम तक पैदल यात्रा करते थे, लेकिन हाल ही में सुनरख रोड स्थित एनआरआई ग्रीन अपार्टमेंट के कुछ निवासियों ने उनकी पदयात्रा के दौरान होने वाली आतिशबाजी और ढोल-नगाड़ों को लेकर आपत्ति जताई। 

लोगों का कहना था कि इससे अपार्टमेंट के लोगों को काफी असुविधा होती है। इसके बाद प्रेमानंद महाराज ने पदयात्रा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया और कार से आश्रम जाने लगे।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

भक्तों ने किया विरोध, महाराज को फिर चलना पड़ा पैदल
महाराज ने जब कार से यात्रा शुरू की, तो उनके अनुयायियों ने इसका विरोध किया और उनसे पदयात्रा जारी रखने की अपील की। अनुयायियों की भावनाओं को देखते हुए महाराज ने कुछ दूरी पैदल चलना शुरू किया और भक्तों को आशीर्वाद दिया। अब उन्होंने तय किया है कि वह रोजाना भोर में चार बजे केली कुंज आश्रम के बाहर गली में आने से पहले वह कार से उतरेंगे और पैदल ही चलकर भक्तों को दर्शन देंगे और आश्रम में उनसे मुलाकात भी करेंगे।

 
विज्ञापन

सोशल मीडिया पर छिड़ा विवाद, ब्रजवासियों में नाराजगी
इस घटना ने सोशल मीडिया पर बवाल मचा दिया। कई लोग एनआरआई ग्रीन अपार्टमेंट के निवासियों के विरोध को गलत ठहराते हुए उन्हें ब्रज की परंपराओं का अपमान करने वाला बताने लगे। बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने भी इस मामले में कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग संतों का विरोध करते हैं, वे राक्षस से कम नहीं हैं। ऐसे लोगों को वृंदावन छोड़कर दिल्ली चले जाना चाहिए। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने एनआरआई ग्रीन के निवासियों की जमकर आलोचना की।

 

सोसाइटी में दो गुटों में बंटे लोग
एनआरआई ग्रीन अपार्टमेंट में भी इस विवाद को लेकर दो गुट बन गए हैं। कुछ लोगों ने संत प्रेमानंद महाराज का विरोध करना गलत बताया। उनका कहना था कि अगर किसी को परेशानी थी तो सीधे आश्रम जाकर महाराज से बात की जा सकती थी। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन कर पूरे ब्रज की छवि को खराब करने का प्रयास किया गया। वहीं एक युवती ने तो यहां तक कह दिया कि धर्म की इस नगरी में संत के अपमान को भगवान कभी माफ नहीं करेगा। जिसने भी गलत किया है उसे स्वत: ही दंड मिलेगा।

 

सोसाइटी अध्यक्ष ने दी सफाई
इस विवाद के बाद एनआरआई ग्रीन अपार्टमेंट के अध्यक्ष आशु शर्मा ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य संत प्रेमानंद महाराज को ठेस पहुंचाना नहीं था। यहां के निवासियों को केवल आतिशबाजी और साउंड सिस्टम से आपत्ति थी, पदयात्रा से नहीं। महाराज ने इसे समझते हुए मार्ग बदल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि अब वे सभी लोग महाराज से व्यक्तिगत रूप से मिलकर अपनी बात स्पष्ट करेंगे।



 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed