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Mathura News: संत प्रेमानंद महाराज पहुंचे केलीकुंज आश्रम
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संत प्रेमानंद पदयात्रा करते हुए श्रीहित राधा केलि कुंज जाते हुए।
वृंदावन। संत प्रेमानंद महाराज शुक्रवार सुबह मांट क्षेत्र स्थित अपने यमुना विहार स्थित नए आश्रम से वृंदावन के श्रीहित राधा केलीकुंज आश्रम पहुंचे। आश्रम से पहले परिक्रमा मार्ग में जैसे ही संत कार से उतरे तो उनके अनुयायियों की भीड़ लग गई। संत दर्शन को उत्सुक लोगों ने राधे-राधे और श्रीहरिवंश के जयकारे लगाए।
संत पदयात्रा करते हुए अपने आश्रम पहुंचे संत यहां करीब 15 मिनट ठहरने के बाद वह पुन: नए आश्रम के लिए चले गए। संत को सुबह छह बजे अचानक परिक्रमा मार्ग में पदयात्रा करते हुए देख श्रद्धालु चकित रह गए। पुलिस और साधकों की सुरक्षा की व्यवस्था के बीच वराहा घाट तिराहे से पदयात्रा करते हुए संत प्रेमानंद केलिकुंज आश्रम तक आए। श्रद्धालुओं ने उनका पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
संत प्रेमानंद 14 दिन बाद केलिकुंज आश्रम आए हैं। इससे पहले वे आठ अक्तूबर को नए आश्रम से वृंदावन आए थे। वह न सिर्फ अपने आश्रम आए थे बल्कि वराह घाट क्षेत्र स्थित अपने गुरु गौरांगी शरण महाराज के आश्रम पर पहुंचकर आशीर्वाद लिया था। उनके आश्रम के शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत के बाद यह दूसरा अवसर है, जब वह अपने केलिकुंज आश्रम आए हैं।
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संत पदयात्रा करते हुए अपने आश्रम पहुंचे संत यहां करीब 15 मिनट ठहरने के बाद वह पुन: नए आश्रम के लिए चले गए। संत को सुबह छह बजे अचानक परिक्रमा मार्ग में पदयात्रा करते हुए देख श्रद्धालु चकित रह गए। पुलिस और साधकों की सुरक्षा की व्यवस्था के बीच वराहा घाट तिराहे से पदयात्रा करते हुए संत प्रेमानंद केलिकुंज आश्रम तक आए। श्रद्धालुओं ने उनका पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
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संत प्रेमानंद 14 दिन बाद केलिकुंज आश्रम आए हैं। इससे पहले वे आठ अक्तूबर को नए आश्रम से वृंदावन आए थे। वह न सिर्फ अपने आश्रम आए थे बल्कि वराह घाट क्षेत्र स्थित अपने गुरु गौरांगी शरण महाराज के आश्रम पर पहुंचकर आशीर्वाद लिया था। उनके आश्रम के शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत के बाद यह दूसरा अवसर है, जब वह अपने केलिकुंज आश्रम आए हैं।
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