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Mathura News: संत प्रेमानंद ने की गिरिराज परिक्रमा, चैतन्य बाबा का जाना हाल
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गिरिराज परिक्रमा के दौरान चैतन्य बाबा से हालचाल जानते संत प्रेमानंद महाराज। स्रोत स्वयं
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गोवर्धन(मथुरा)। संत प्रेमानंद महाराज ने शनिवार को इंद्र मान भंग पूजा स्थल पहुंचकर गिरिराज प्रभु के दर्शन किए और परिक्रमा आरंभ की। जतीपुरा-गोवर्धन मार्ग स्थित सत्यनारायण मंदिर तक परिक्रमा के बाद वे लौट गए।
इस दौरान कच्चे मार्ग पर उनकी भेंट प्रतिदिन तीन परिक्रमा करने वाले संत चैतन्य बाबा से हुई। दोनों ने एक दूसरे का हाल चाल जाना। करीब आधा घंटे तक सत्संग किया। दरअसल, संत प्रेमानंद महाराज 25 जनवरी को सुबह 5 बजे राधाकुंड पहुंचे थे। वहां से उन्होंने गिरिराज जी की सप्तकोसीय परिक्रमा की शुरुआत की।
इस दिन करीब 7 किलोमीटर चलने के बाद बड़ी परिक्रमा मार्ग स्थित गांव आन्यौर के गोविंद कुंड पहुंचने पर उन्हें थकावट हुई तो गाड़ी में बैठकर वृंदावन चले। चार दिन बाद उन्होंने अधूरी परिक्रमा पूरी करने की प्रक्रिया शुरू की। शनिवार को इंद्र मान भंग पूजा स्थल पर सेवायत पवन मुखिया ने प्रभु की प्रसादी चुनरी ओढ़ाकर संत का स्वागत किया। इस दौरान उनके साथ आदित्य बाबा, कृष्ण दास बाबा, स्वरूप बाबा, राधारमण बाबा, जगन्नाथ बाबा आदि मौजूद रहे।
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इस दौरान कच्चे मार्ग पर उनकी भेंट प्रतिदिन तीन परिक्रमा करने वाले संत चैतन्य बाबा से हुई। दोनों ने एक दूसरे का हाल चाल जाना। करीब आधा घंटे तक सत्संग किया। दरअसल, संत प्रेमानंद महाराज 25 जनवरी को सुबह 5 बजे राधाकुंड पहुंचे थे। वहां से उन्होंने गिरिराज जी की सप्तकोसीय परिक्रमा की शुरुआत की।
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इस दिन करीब 7 किलोमीटर चलने के बाद बड़ी परिक्रमा मार्ग स्थित गांव आन्यौर के गोविंद कुंड पहुंचने पर उन्हें थकावट हुई तो गाड़ी में बैठकर वृंदावन चले। चार दिन बाद उन्होंने अधूरी परिक्रमा पूरी करने की प्रक्रिया शुरू की। शनिवार को इंद्र मान भंग पूजा स्थल पर सेवायत पवन मुखिया ने प्रभु की प्रसादी चुनरी ओढ़ाकर संत का स्वागत किया। इस दौरान उनके साथ आदित्य बाबा, कृष्ण दास बाबा, स्वरूप बाबा, राधारमण बाबा, जगन्नाथ बाबा आदि मौजूद रहे।
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