{"_id":"57a8c8094f1c1bb661ee494d","slug":"safe-food-zone-clearance-in-mathura","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेफ फूड जोन बनने का रास्ता साफ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेफ फूड जोन बनने का रास्ता साफ
अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 08 Aug 2016 11:27 PM IST
विज्ञापन
हेमा मालिनी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सांसद हेमामालिनी की पहल आखिर रंग ले ही आई। खाद्य विभाग के प्रस्ताव के बाद मुख्य सचिव के पत्र से हरकत में आए प्रशासन ने सीडीओ की अध्यक्षता में वर्किंग कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है। ये कमेटी मंदिरों के आसपास फूड जोन विकसित करने की अड़चनों को दूर करेगी।
रेलवे स्टेशन, श्रीकृष्ण जन्मस्थान, द्वारिकाधीश मंदिर, वृंदावन में इस्कॉन, प्रेम मंदिर, बांकेबिहारी मंदिर, गोकुल, बरसाना, नंदगांव, बलदेव, गोवर्धन के प्रमुख मंदिरों के आसपास श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सेफ फूड जोन विकसित किया जाना है।
इसके लिए खाद्य विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया इसमें मंदिरों के निकट फूड स्ट्रीट विकसित कर उसमें चाट-पकौड़ी, आइसक्रीम, फास्ट फूड की स्टॉल को मुकम्मल स्थान दिलाना था। ये प्रस्ताव सांसद हेमामालिनी को भी खूब भाया। सांसद ने इसके लिए मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखा।
विज्ञापन
मुख्य सचिव के इस संबंध में पत्र के बाद प्रशासन ने मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में वर्किंग कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है। ये कमेटी मंदिरों के निकट सेफ फूड जोन विकसित करने की अड़चनों को दूर कर इस योजना को धरातल पर लाएगी।
ये है सेफ फूड जोन
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीके राठी ने बताया कि मथुरा में रेलवे स्टेशन और प्रमुख मंदिरों के निकट जगह चिह्नित कर वहां प्लेटफॉर्म, आरओ वाटर, टीन शेड, लाइट, कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था की जाएगी। इस जोन में मंदिरों के निकट खड़े होने वाले ठेल, ढकेल, छोटी-छोटी खान-पान की स्टॉलों को शिफ्ट किया जाएगा। इन स्टॉलों का आवंटन नगर निकाय, पीडब्ल्यूडी की ओर से होगा और उन्हीं को मेंटीनेंस की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी।
ये होगा सेफ फूड जोन का लाभ
-यात्रियों को पार्किंग के साथ ही एक ही स्थान पर मिलेगा फूड
-मंदिरों के निकट लगने वाले ठेल, ढकेलों से मिलेगी निजात
-चाट-पकौड़ी की ढकेलों से यातायात अवरुद्ध होने की समस्या से मिलेगी राहत
-सेफ फूड जोन में फूड एंड सेफ्टी एक्ट को आसानी से किया जा सकेगा लागू
-खाद्य पदार्थो की सेंपलिंग, पॉलीथिन, प्लास्टिक को किया जा सकेगा प्रतिबंधित
मथुरा में हर साल आते है 4.45 करोड़ श्रद्धालु
सेफ फूड जोन की आवश्यकता इसलिए भी है कि मथुरा में हर साल देशभर के तीर्थस्थानों से रिकॉर्ड 4.45 करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन होता है। अकेले वृंदावन में 1.20 करोड़ और गोवर्धन में एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु एक वर्ष में आते हैं। नंदगांव, बरसाना, गोकुल, बलदेव, मथुरा में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
विज्ञापन
रेलवे स्टेशन, श्रीकृष्ण जन्मस्थान, द्वारिकाधीश मंदिर, वृंदावन में इस्कॉन, प्रेम मंदिर, बांकेबिहारी मंदिर, गोकुल, बरसाना, नंदगांव, बलदेव, गोवर्धन के प्रमुख मंदिरों के आसपास श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सेफ फूड जोन विकसित किया जाना है।
विज्ञापन
इसके लिए खाद्य विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया इसमें मंदिरों के निकट फूड स्ट्रीट विकसित कर उसमें चाट-पकौड़ी, आइसक्रीम, फास्ट फूड की स्टॉल को मुकम्मल स्थान दिलाना था। ये प्रस्ताव सांसद हेमामालिनी को भी खूब भाया। सांसद ने इसके लिए मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखा।
विज्ञापन
मुख्य सचिव के इस संबंध में पत्र के बाद प्रशासन ने मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में वर्किंग कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है। ये कमेटी मंदिरों के निकट सेफ फूड जोन विकसित करने की अड़चनों को दूर कर इस योजना को धरातल पर लाएगी।
ये है सेफ फूड जोन
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीके राठी ने बताया कि मथुरा में रेलवे स्टेशन और प्रमुख मंदिरों के निकट जगह चिह्नित कर वहां प्लेटफॉर्म, आरओ वाटर, टीन शेड, लाइट, कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था की जाएगी। इस जोन में मंदिरों के निकट खड़े होने वाले ठेल, ढकेल, छोटी-छोटी खान-पान की स्टॉलों को शिफ्ट किया जाएगा। इन स्टॉलों का आवंटन नगर निकाय, पीडब्ल्यूडी की ओर से होगा और उन्हीं को मेंटीनेंस की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी।
ये होगा सेफ फूड जोन का लाभ
-यात्रियों को पार्किंग के साथ ही एक ही स्थान पर मिलेगा फूड
-मंदिरों के निकट लगने वाले ठेल, ढकेलों से मिलेगी निजात
-चाट-पकौड़ी की ढकेलों से यातायात अवरुद्ध होने की समस्या से मिलेगी राहत
-सेफ फूड जोन में फूड एंड सेफ्टी एक्ट को आसानी से किया जा सकेगा लागू
-खाद्य पदार्थो की सेंपलिंग, पॉलीथिन, प्लास्टिक को किया जा सकेगा प्रतिबंधित
मथुरा में हर साल आते है 4.45 करोड़ श्रद्धालु
सेफ फूड जोन की आवश्यकता इसलिए भी है कि मथुरा में हर साल देशभर के तीर्थस्थानों से रिकॉर्ड 4.45 करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन होता है। अकेले वृंदावन में 1.20 करोड़ और गोवर्धन में एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु एक वर्ष में आते हैं। नंदगांव, बरसाना, गोकुल, बलदेव, मथुरा में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।