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रोज डे: यह गुलाब नहीं मेरा भक्ति भाव
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हाथ में गुलाब लिए हिमाचल प्रदेश की श्रद्धालु नीता
वृंदावन (मथुरा)। प्रेम के सप्ताह यानी वैलेंटाइन वीक की शुक्रवार से शुरुआत हो गई। पहले दिन रोज डे मनाया गया। अपनी भक्ति का इजहार करने के लिए श्रद्धालु अपने आराध्य के पास भी आते हैं। इस भक्ति प्रेम की भावना से बांकेबिहारी मंदिर भी अछूता नहीं रहा। यहां कई युवतियों और महिलाओं के हाथ में गुलाब के फूल नजर आए।
प्रसिद्ध बांकेबिहारी मंदिर में रोज डे के अवसर पर सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में जुटने लगे। महिलाएं विशेष रूप से सज-धजकर गुलाब के फूल लेकर मंदिर पहुंचीं। ठाकुरजी के समक्ष गुलाब अर्पित कर बोलीं, यह गुलाब नहीं मेरा भक्ति भाव है। उन्होंने मनोकामना मांगी और अपनी श्रद्धा प्रकट की।
भक्ति में छिपा प्रेम का अनूठा संदेश
रोज डे आमतौर पर युवा प्रेमी जोड़ों के लिए खास दिन माना जाता है, लेकिन वृंदावन में इसका स्वरूप बिल्कुल अलग और आध्यात्मिक रहा। भक्तों ने गुलाब के फूलों के माध्यम से ठाकुरजी के प्रति अपने पवित्र प्रेम और समर्पण को अभिव्यक्त किया। अलीगढ़ से दर्शन करने आईं करुणा सिंह का कहना था कि रोज डे पर प्रेम जताने का यह सबसे पवित्र तरीका है। ठाकुरजी ही हमारे सच्चे प्रेम के प्रतीक हैं।
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उनके चरणों में गुलाब अर्पित कर आत्मिक शांति और आनंद की अनुभूति होती है। राधा दामोदर मंदिर पहुंचीं कविता चौधरी का कहना था कि प्रभु से उनका अद्भुत रिश्ता है। वह हर त्योहार अपने आराध्य श्रीकृष्ण के साथ मनाती हैं। रोज डे तो आज है लेकिन वह तो चाहती हैं कि प्रभु के लिए हर रोज गुलाब लेकर आएं।
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प्रसिद्ध बांकेबिहारी मंदिर में रोज डे के अवसर पर सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में जुटने लगे। महिलाएं विशेष रूप से सज-धजकर गुलाब के फूल लेकर मंदिर पहुंचीं। ठाकुरजी के समक्ष गुलाब अर्पित कर बोलीं, यह गुलाब नहीं मेरा भक्ति भाव है। उन्होंने मनोकामना मांगी और अपनी श्रद्धा प्रकट की।
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भक्ति में छिपा प्रेम का अनूठा संदेश
रोज डे आमतौर पर युवा प्रेमी जोड़ों के लिए खास दिन माना जाता है, लेकिन वृंदावन में इसका स्वरूप बिल्कुल अलग और आध्यात्मिक रहा। भक्तों ने गुलाब के फूलों के माध्यम से ठाकुरजी के प्रति अपने पवित्र प्रेम और समर्पण को अभिव्यक्त किया। अलीगढ़ से दर्शन करने आईं करुणा सिंह का कहना था कि रोज डे पर प्रेम जताने का यह सबसे पवित्र तरीका है। ठाकुरजी ही हमारे सच्चे प्रेम के प्रतीक हैं।
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उनके चरणों में गुलाब अर्पित कर आत्मिक शांति और आनंद की अनुभूति होती है। राधा दामोदर मंदिर पहुंचीं कविता चौधरी का कहना था कि प्रभु से उनका अद्भुत रिश्ता है। वह हर त्योहार अपने आराध्य श्रीकृष्ण के साथ मनाती हैं। रोज डे तो आज है लेकिन वह तो चाहती हैं कि प्रभु के लिए हर रोज गुलाब लेकर आएं।