{"_id":"57f00e844f1c1b8c615741fe","slug":"ram-barat-in-mathura","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्याम की नगरी में हुई श्रीराम की जयजयकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्याम की नगरी में हुई श्रीराम की जयजयकार
अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 02 Oct 2016 12:59 AM IST
विज्ञापन
श्रीराम की बरात
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
योगेश्वर श्रीकृष्ण की नगरी में मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की बरात का पग-पग पर स्वागत हुआ। घरातियों का उत्साह, उमंग और बरातियों की मस्ती-धमाल से हर कोई आनंद के सागर में गोते लगा रहा था। जगह-जगह हुई पुष्प वर्षा से मार्ग खुशबू से सराबोर हो गया। अवध महकता दिखाई दे रहा था तो जनकपुरी की चहचहाहट तन-मन को झंकृत कर रही थी। ऐसे मनोहर माहौल में जनक के अपनी चारों कन्याओं का अवधेश के सपूतों के साथ विवाह कर दिया।
रामलीला सभा ने चित्रकूट धाम में स्वरूपों का शृंगार आदि की तैयारी दोपहर में ही शुरू कर दी। इसके बाद रामदल बाटीवाली कुंज में एकत्र हुआ। यहां से धूमधाम के साथ बारात आगे बढ़ी। राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न गुरु वशिष्ठ, विश्वामित्र और राजा दशरथ के स्वरूप को लोग एक टक निहारते रहे। एटा के अखाड़े अपने करतब दिखाते हुए जनता का मनोरंजन कर रहे थे। ब्रज की समस्त देवताओं की झांकियां आकर्षित कर रही थीं। बैंड पर रामधुन पर हर कोई मंत्रमुग्ध होता दिखा।
चौक बाजार स्थित कुशकगली में जगमगाती अवधपुरी में पंडित किशन चंद्र शर्मा चैरिटेबल ट्रस्ट के संचालक मनोज शर्मा, बादल शर्मा, रामगोपाल शर्मा, संजय शर्मा, वरुण शमा प्रदीप शर्मा, प्रदीप गोस्वामी, शैलू हकीम, बॉबी, सचिन शर्मा, नरायण हरि गुप्ता ने स्वरूपों की आरती उतारी। बरात का आगे बढ़ने पर स्वामी घाट, छत्ता बाजार, होली गेट कोतवाली रोड पर आदि पर जमकर स्वागत हुआ।
विज्ञापन
भरतपुर गेट पर बनी जनकपुरी में बरात पहुंची तो वहां जोरदार आतिशबाजी की गई। स्वागत को जनकपुर उमड़ पड़ा। हजारों नर-नारियों के साथ बच्चे भी पहुंचे। दुल्हन-सी सजी और जगमग जनकपुरी सेवकों कन्हैया लाल गुरु कृपा मदनमोहन श्रीवास्तव, वेद प्रकाश माहौर, प्रदीप कुमार आदि ने भरपूर सेवा की।
बरात में समिति के गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी, पंडित रामगोपाल शर्मा, जुगलकिशोर, कन्हैया लाल बजाज, सुरेश चंद्र, जमुना प्रसाद गर्ग, वीरेंद्र अग्रवाल, रविकांत गर्ग, उमेश अग्रवाल, प्रधानमंत्री बनवारी लाल गर्ग, अशोक कुमार बंसल, अशोक, सर्वेश शर्मा, अजय मास्टर, सुनील अग्रवाल आदि मौजूद रहे। बरात की व्यवस्था जुलूस मंत्री विनोद सराफ ने की।
विज्ञापन
रामलीला सभा ने चित्रकूट धाम में स्वरूपों का शृंगार आदि की तैयारी दोपहर में ही शुरू कर दी। इसके बाद रामदल बाटीवाली कुंज में एकत्र हुआ। यहां से धूमधाम के साथ बारात आगे बढ़ी। राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न गुरु वशिष्ठ, विश्वामित्र और राजा दशरथ के स्वरूप को लोग एक टक निहारते रहे। एटा के अखाड़े अपने करतब दिखाते हुए जनता का मनोरंजन कर रहे थे। ब्रज की समस्त देवताओं की झांकियां आकर्षित कर रही थीं। बैंड पर रामधुन पर हर कोई मंत्रमुग्ध होता दिखा।
विज्ञापन
चौक बाजार स्थित कुशकगली में जगमगाती अवधपुरी में पंडित किशन चंद्र शर्मा चैरिटेबल ट्रस्ट के संचालक मनोज शर्मा, बादल शर्मा, रामगोपाल शर्मा, संजय शर्मा, वरुण शमा प्रदीप शर्मा, प्रदीप गोस्वामी, शैलू हकीम, बॉबी, सचिन शर्मा, नरायण हरि गुप्ता ने स्वरूपों की आरती उतारी। बरात का आगे बढ़ने पर स्वामी घाट, छत्ता बाजार, होली गेट कोतवाली रोड पर आदि पर जमकर स्वागत हुआ।
विज्ञापन
भरतपुर गेट पर बनी जनकपुरी में बरात पहुंची तो वहां जोरदार आतिशबाजी की गई। स्वागत को जनकपुर उमड़ पड़ा। हजारों नर-नारियों के साथ बच्चे भी पहुंचे। दुल्हन-सी सजी और जगमग जनकपुरी सेवकों कन्हैया लाल गुरु कृपा मदनमोहन श्रीवास्तव, वेद प्रकाश माहौर, प्रदीप कुमार आदि ने भरपूर सेवा की।
बरात में समिति के गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी, पंडित रामगोपाल शर्मा, जुगलकिशोर, कन्हैया लाल बजाज, सुरेश चंद्र, जमुना प्रसाद गर्ग, वीरेंद्र अग्रवाल, रविकांत गर्ग, उमेश अग्रवाल, प्रधानमंत्री बनवारी लाल गर्ग, अशोक कुमार बंसल, अशोक, सर्वेश शर्मा, अजय मास्टर, सुनील अग्रवाल आदि मौजूद रहे। बरात की व्यवस्था जुलूस मंत्री विनोद सराफ ने की।