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मैं तो बावरे के रंग में रंगी...
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 14 Dec 2014 11:09 PM IST
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ठाकुर राधारमण मंदिर में चल रहे शीतकालीन निकुंज सेवा महोत्सव में भक्त राग, भोग और शृंगार के दर्शन पाकर निहाल हो रहे हैं। राग सेवा के अंतर्गत ख्यातिलब्ध कलाकारों की प्रस्तुति मंदिर प्रांगण को भक्तिरस रस से सराबोर कर रही है।
शुक्रवार की शाम को मैत्रयी राय दादकर ने ठाकुर राधारमण के समक्ष अपनी मनमोहक प्रस्तुति दी। इस दौरान राग श्याम कल्याण में श्याम छवि... और सांझ की बेली... पद प्रस्तुत किया।
राग केदार में मैं तो बावरे के रंग में रंगी..., बंगाली में गुठेर रखाल... और ब्रजगोपी होली खेले... पद प्रस्तुत किए। भक्ति संगीत की इन धुनों के बीच मंदिर परिसर का वातावरण मंत्रमुग्ध करने वाला रहा।
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इसके बाद ठाकुर राधारमण लाल विशेष शृंगार में भक्तों को दर्शन देने आए। सुबह वेदपाठी ब्राह्मणों ने हरिनाम संकीर्तन और भागवत पाठ किया था। डा. अच्युतलाल भट्ट ने भक्तों को चैतन्य भागवत का श्रवण कराया।
सेवायत वेणुगोपाल गोस्वामी और अभिनव गोस्वामी ने आगंतुकों का स्वागत किया। इसके बाद सुवर्ण गोस्वामी ने ठाकुर राधारमण लाल की आरती उतारी। इस मौके पर आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी ने ठाकुर राधारमणलाल के शृंगार, भोग और राग सेवा के महत्व से परिचित कराया।
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शुक्रवार की शाम को मैत्रयी राय दादकर ने ठाकुर राधारमण के समक्ष अपनी मनमोहक प्रस्तुति दी। इस दौरान राग श्याम कल्याण में श्याम छवि... और सांझ की बेली... पद प्रस्तुत किया।
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राग केदार में मैं तो बावरे के रंग में रंगी..., बंगाली में गुठेर रखाल... और ब्रजगोपी होली खेले... पद प्रस्तुत किए। भक्ति संगीत की इन धुनों के बीच मंदिर परिसर का वातावरण मंत्रमुग्ध करने वाला रहा।
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इसके बाद ठाकुर राधारमण लाल विशेष शृंगार में भक्तों को दर्शन देने आए। सुबह वेदपाठी ब्राह्मणों ने हरिनाम संकीर्तन और भागवत पाठ किया था। डा. अच्युतलाल भट्ट ने भक्तों को चैतन्य भागवत का श्रवण कराया।
सेवायत वेणुगोपाल गोस्वामी और अभिनव गोस्वामी ने आगंतुकों का स्वागत किया। इसके बाद सुवर्ण गोस्वामी ने ठाकुर राधारमण लाल की आरती उतारी। इस मौके पर आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी ने ठाकुर राधारमणलाल के शृंगार, भोग और राग सेवा के महत्व से परिचित कराया।