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एक हजार बंदरों की होगी नसबंदी
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 20 Nov 2016 11:49 PM IST
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नगर में नास्तिक सम्मेलन के बहाने धार्मिक ग्रंथों और संतों के खिलाफ विवादित टिप्पणी कर घिरे बालेंदू के साथ उनके दोनों भाइयों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस ने रविवार को नास्तिक सम्मेलन के आयोजन स्थल विंदू सेवा संस्थान, अम्माजी होटल की छानबीन की। उनके परिवार के लोगों से पूछताछ कर साक्ष्य एकत्रित किए। पुलिस तीनों भाइयों की तलाश में दबिश दे रही है।
विदित हो कि 14 अक्तूबर को नास्तिक सम्मेलन के आयोजक स्वामी बालेंदू पर धार्मिक ग्रंथों, ईश्वर और नगर के संतों पर विवादित टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने पिछले दिनों नास्तिक सम्मेलन के आयोजक बालेंदू और उनके भाई यशेंदू और पूर्णेंदू के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, सांप्रदायिक सद्भावना, अमन चैन को प्रभावित करने के और 67 आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया।
कोतवाली प्रभारी उदयवीर सिंह ने रविवार को वादी संत गोविंदानंदतीर्थ के साथ आयोजन स्थल पहुंचकर कार्यक्रम से संबंधित साक्ष्य एकत्रित किए। पुलिस ने मौके का नक्शा बनाया और आगे की कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने बालेंदू के पिता संत बालकराम के बयान दर्ज किए। बताया कि पिता बेटों के इस आयोजन से व्यथित दिखे। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि बालेंदू और उनके भाइयों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस के साथ महामंडलेश्वर नवलगिरी महाराज, संत हरिबोल बाबा, आचार्य बद्रीश भी थे।
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विदित हो कि 14 अक्तूबर को नास्तिक सम्मेलन के आयोजक स्वामी बालेंदू पर धार्मिक ग्रंथों, ईश्वर और नगर के संतों पर विवादित टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने पिछले दिनों नास्तिक सम्मेलन के आयोजक बालेंदू और उनके भाई यशेंदू और पूर्णेंदू के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, सांप्रदायिक सद्भावना, अमन चैन को प्रभावित करने के और 67 आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया।
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कोतवाली प्रभारी उदयवीर सिंह ने रविवार को वादी संत गोविंदानंदतीर्थ के साथ आयोजन स्थल पहुंचकर कार्यक्रम से संबंधित साक्ष्य एकत्रित किए। पुलिस ने मौके का नक्शा बनाया और आगे की कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने बालेंदू के पिता संत बालकराम के बयान दर्ज किए। बताया कि पिता बेटों के इस आयोजन से व्यथित दिखे। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि बालेंदू और उनके भाइयों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस के साथ महामंडलेश्वर नवलगिरी महाराज, संत हरिबोल बाबा, आचार्य बद्रीश भी थे।
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