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‘टेस्टिंग’ के बाद होगी पेयजल की सप्लाई
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 10 Jan 2017 11:54 PM IST
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solan water tank
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ग्रामीण इलाकों से लेकर वाटर वर्क्स तक शीघ्र ही पानी की टेस्टिंग के बाद ही इसकी आपूर्ति की जाएगी। गांव, कस्बा, तहसील और शहर में पानी की टेस्टिंग के लिए जल्द ही मोबाइल वाटर टेस्टिंग प्रोजेक्ट शुरू होने जा रहा है।
जल जनित बीमारियां रोकने के लिए प्रदेश सरकार पेयजल की टेस्टिंग करना शुरू कराएगी। इसके लिए मोबाइल वाटर टेस्टिंग लैब वाटर वर्क्स जाकर सप्लाई किए जाने वाले पानी के नमूने लेगी। भूगर्भ जल के खारी व कठोर होने के चलते प्रदेश में मथुरा और आगरा मंडल, अलीगढ़, हरदोई, बुलंदशहर, गोरखपुर, झांसी, हबीबपुर सहित 20 जिलों को पहले चरण में शामिल किया गया है।
इसमें रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, सरकारी स्कूल, अस्पताल, कार्यालय आदि सार्वजनिक स्थानों के पेयजल संस्थानों से मोबाइल टेस्टिंग लैब कर्मी नमूने लेंगे।
दूषित पानी की आपूर्ति रोकने के लिए मोबाइल वाटर टेस्टिंग प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। पानी की रिपोर्ट कलेक्ट करने के लिए जल निगम ने एप तैयार किया है। अभी इसका डेमो चल रहा है।
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- मनोज कुमार, एरिया रिसर्च ऑफिसर
मोबाइल एप पर देंगे टेस्टिंग रिपोर्ट
पेयजल आपूर्ति के लिए मोबाइल वाटर टेस्टिंग लैब के कर्मचारी जलनिगम के इस एप से जुड़े रहेंगे। इसके लिए जलनिगम लखनऊ ने एप तैयार कराया है। अभी उसका डेमो चल रहा है।
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जल जनित बीमारियां रोकने के लिए प्रदेश सरकार पेयजल की टेस्टिंग करना शुरू कराएगी। इसके लिए मोबाइल वाटर टेस्टिंग लैब वाटर वर्क्स जाकर सप्लाई किए जाने वाले पानी के नमूने लेगी। भूगर्भ जल के खारी व कठोर होने के चलते प्रदेश में मथुरा और आगरा मंडल, अलीगढ़, हरदोई, बुलंदशहर, गोरखपुर, झांसी, हबीबपुर सहित 20 जिलों को पहले चरण में शामिल किया गया है।
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इसमें रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, सरकारी स्कूल, अस्पताल, कार्यालय आदि सार्वजनिक स्थानों के पेयजल संस्थानों से मोबाइल टेस्टिंग लैब कर्मी नमूने लेंगे।
दूषित पानी की आपूर्ति रोकने के लिए मोबाइल वाटर टेस्टिंग प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। पानी की रिपोर्ट कलेक्ट करने के लिए जल निगम ने एप तैयार किया है। अभी इसका डेमो चल रहा है।
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- मनोज कुमार, एरिया रिसर्च ऑफिसर
मोबाइल एप पर देंगे टेस्टिंग रिपोर्ट
पेयजल आपूर्ति के लिए मोबाइल वाटर टेस्टिंग लैब के कर्मचारी जलनिगम के इस एप से जुड़े रहेंगे। इसके लिए जलनिगम लखनऊ ने एप तैयार कराया है। अभी उसका डेमो चल रहा है।