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पानी रे पानी, समस्या बड़ी सयानी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jun 2022 12:45 AM IST
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Pani re water, problem big wise
मथुरा। जनपद में खारे पानी की समस्या से जूझ रहे डेढ़ लाख परिवार खरीदकर पानी पीते हैं। इससे पानी का कारोबार तेजी के साथ जनपद में बढ़ रहा है। एक हजार से अधिक प्लांट यहां इस कारोबार में जुडे़ हुए हैं, इसमें सिर्फ १५ प्लांट अधिकृत है, बाकी सभी अनाधिकृत रूप से पानी का कारोबार कर रहे हैं। ज्यादातर खरीदे जाने वाले पानी की खपत शहरी क्षेत्रों में ही है। जिले में पानी की समस्या बहुत बड़ी है।
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मथुरा जनपद का अधिकांश हिस्सा खारे पानी से प्रभावित है। इसमें शहरी क्षेत्र के साथ ग्रामीण अंचल के अधिकांश इलाके भी हैं। इस स्थिति में अधिकांश लोगों को मजबूरी में पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। जनपद में ऐसे लोगों की संख्या दो लाख से अधिक है। इसका लाभ पानी के कारोबार से जुडे़ लोग उठा रहे हैं।
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इसमें सबसे बड़ी संख्या पानी के अवैध कारोबारियों की है। जानकारों के मुताबिक जनपद में एक हजार से अधिक यूनिट पानी का शोधन करने में जुटी हैं। पानी शोधन की इन यूनिटों से प्रतिदिन करीब 60 लाख लीटर पानी उत्पादित किया जाता है। इसमें भी अधिकांश यूनिट पानी के जार का काम करती हैं। जानकार बताते हैं कि जनपद में पानी का यह कारोबार करीब ४० से 50 लाख रुपये प्रतिदिन का हो रहा है।
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पानी में खतरनाक तत्व
मथुरा जनपद के भूगर्भ जल में खतरनाक तत्वों की मौजूदगी है। इसमें फ्लोराइड, लैड, आर्सेनिक सहित अन्य हानिकारक तत्व शामिल हैं। इन भारी तत्वों की निर्धारित से अधिक मौजूदगी लोगों के लिए बीमारी का कारण बनी हुई हैं। जनपद में पानी का शोधन कर रहीं अधिकांश अवैध इकाइयों में इन तत्वों को खत्म करने की तकनीकी का प्रयोग सवालों के घेरे में है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन इस स्थिति से जानबूझकर अनजान बना हुआ है। हालांकि ये इकाइयां टीडीएस को अवश्य कम करते हुए पानी की आपूर्ति घरों में कर रही हैं।
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पानी की सिर्फ १५ यूनिट पंजीकृत
मथुरा जनपद में एक हजार से अधिक पानी शोधन करने वाली इकाइयों का संचालन हो रहा है। इसमें सिर्फ १५ ही पंजीकृत हैं, जो भारतीय मानक ब्यूरो आईएसआई से अधिकृत हैं। इनके अलावा बाकी इकाइयां अनाधिकृत रूप से पानी की आपूर्ति कर रही हैं। अनाधिकृत इकाइयों के माध्यम से ही प्रतिदिन जनपद में करीब ६० लाख लीटर पानी की आपूर्ति जार के माध्यम से की जाती है।
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खारे पानी की समस्या है। नगर की आपूर्ति में भले ही गंगाजल मिल रहा है। लेकिन उसे पीने योग्य नहीं माना जा सकता है। इसी के चलते पानी खरीदकर पीना पड़ता है। - विवेक शर्मा, होलीगेट

स्वच्छ पानी की आपूर्ति घर-घर तक पहुंचाने की योजना पर नगर निगम काम कर रहा है। इसके तहत गंगाजल की आपूर्ति शुरू हो गई है। कई क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाई जा रही है। कई आरओ प्लांट भी शहर में संचालित हैं। अनुनय झा, नगर आयुक्त
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