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दो बीघा खेत के लिए आधे घंटे फायरिंग, एक की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, मथुरा
Updated Mon, 17 Apr 2017 12:00 AM IST
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पलसो में हुई फायरिंग के दौरान हुआ घायल
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गोवर्धन के गांव पलसो में रविवार दोपहर करीब एक बजे खेत में गेहूं काटने का विरोध करने पर दो पक्षों में जमकर फायरिंग हुई। इस दौरान गोली लगने से एक युवक की मौत हो गई और उसका भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। खास बात यह है कि एसडीएम की अनुमति के बाद पुलिस की मौजूदगी में गेहूं काटने के दौरान यह खूनी संघर्ष हुआ।
बताया जाता है कि मौके पर तीन पुलिसकर्मी मौजूद थे, लेकिन वह खुद को ही बचाते नजर आए। बरसाना और गोवर्धन पुलिस मौके पर पहुंची तब भी फायरिंग हो रही थी। इस पर पुलिस ने भी फायरिंग की।
बताए अनुसार पलसो निवासी केशवदेव के बेटे मोहनश्याम और सुखदेव ने पिछले साल अपना दो बीघा खेत गांव के ही मकसूदन को 19 लाख रुपये में बेचा था। मकसूदन ने 12 लाख रुपये दे दिए थे और सात लाख दाखिल खारिज होने के बाद देना तय हुआ।
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मकसूदन ने जमीन कब्जे में ले ली और उसमें गेहूं की फसल भी तैयार कर ली थी। इसी बीच पता चला कि जमीन पर पहले से आठ लाख रुपये का लोन था जो ब्याज लगते लगते 14 लाख हो गया। इधर, मोहनश्याम और सुखदेव ने मकसूदन से खेत की बाकी रकम मांगी। मकसूदन ने रकम देने में आनाकानी की तो दोनों भाइयों ने गेहूं नहीं कटने देने का एलान कर दिया।
इस पर मकसूदन ने एसडीएम कोर्ट में अर्जी लगाकर गेहूं की तैयार फसल को काटने की अनुमति मांगी। एसडीएम गोवर्धन बसंत लाल अग्रवाल ने पुलिस बल की मौजूदगी में गेहूं काटने की अनुमति दी।
रविवार दोपहर करीब एक बजे मकसूदन अपने लोगों के साथ जैसे ही खेत में गेहूं काटने पहुंचे मोहनश्याम और सुखदेव ने अपने साथियों के साथ मिलकर फायरिंग शुरू कर दी। मकसूदन की तरफ से भी गोलियां चलाई गईं। पुलिस का कहना है कि मोहनश्याम के साथ हाथिया के जमालू गैंग के गुर्गे भी थे।
मकसूदन के पक्ष से भी हाथिया के कुछ लोग बताए जा रहे हैं। करीब आधे घंटे तक हुई फायरिंग के दौरान एक गोली मोहनश्याम (40) को लग गई इससे उसकी मौत हो गई। उसका छोटा भाई सुखदेव भी घायल हो गया। फायरिंग की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। दोनों पक्षों की ओर से थाने में तहरीर दी गई है।
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बताया जाता है कि मौके पर तीन पुलिसकर्मी मौजूद थे, लेकिन वह खुद को ही बचाते नजर आए। बरसाना और गोवर्धन पुलिस मौके पर पहुंची तब भी फायरिंग हो रही थी। इस पर पुलिस ने भी फायरिंग की।
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बताए अनुसार पलसो निवासी केशवदेव के बेटे मोहनश्याम और सुखदेव ने पिछले साल अपना दो बीघा खेत गांव के ही मकसूदन को 19 लाख रुपये में बेचा था। मकसूदन ने 12 लाख रुपये दे दिए थे और सात लाख दाखिल खारिज होने के बाद देना तय हुआ।
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मकसूदन ने जमीन कब्जे में ले ली और उसमें गेहूं की फसल भी तैयार कर ली थी। इसी बीच पता चला कि जमीन पर पहले से आठ लाख रुपये का लोन था जो ब्याज लगते लगते 14 लाख हो गया। इधर, मोहनश्याम और सुखदेव ने मकसूदन से खेत की बाकी रकम मांगी। मकसूदन ने रकम देने में आनाकानी की तो दोनों भाइयों ने गेहूं नहीं कटने देने का एलान कर दिया।
इस पर मकसूदन ने एसडीएम कोर्ट में अर्जी लगाकर गेहूं की तैयार फसल को काटने की अनुमति मांगी। एसडीएम गोवर्धन बसंत लाल अग्रवाल ने पुलिस बल की मौजूदगी में गेहूं काटने की अनुमति दी।
रविवार दोपहर करीब एक बजे मकसूदन अपने लोगों के साथ जैसे ही खेत में गेहूं काटने पहुंचे मोहनश्याम और सुखदेव ने अपने साथियों के साथ मिलकर फायरिंग शुरू कर दी। मकसूदन की तरफ से भी गोलियां चलाई गईं। पुलिस का कहना है कि मोहनश्याम के साथ हाथिया के जमालू गैंग के गुर्गे भी थे।
मकसूदन के पक्ष से भी हाथिया के कुछ लोग बताए जा रहे हैं। करीब आधे घंटे तक हुई फायरिंग के दौरान एक गोली मोहनश्याम (40) को लग गई इससे उसकी मौत हो गई। उसका छोटा भाई सुखदेव भी घायल हो गया। फायरिंग की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। दोनों पक्षों की ओर से थाने में तहरीर दी गई है।