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अब खुद निर्धारित करें वाटर और हाउस टैक्स
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 29 Aug 2016 12:23 AM IST
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हाउस टैक्स
- फोटो : DEMO Pics
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शहरी क्षेत्र के निवासी अब अपना हाउस और वाटर टैक्स खुद ही निर्धारित कर सकते हैं। एक सितंबर से स्वकर निर्धारण की यह प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इसमें टैक्स कर्मचारी घर-घर पहुंचकर टैक्स निर्धारण फॉर्म उपलब्ध कराएंगे।
राज्य सरकार ने वर्ष 2010 और 2012 में शहरी क्षेत्रों के लिए स्वकर निर्धारण नीति लागू की थी। मथुरा पालिका बोर्ड ने भी इस नीति को स्वीकारते हुए लागू करने का फैसला किया, लेकिन यह नीति मथुरा में प्रभावी नहीं हो सकी। अब एक सितंबर से इसे प्रभावी किया जा रहा है।
स्वकर निर्धारण प्रक्रिया के तहत मथुरा पालिका क्षेत्र के निवासियों को खुद ही अपना हाउस टैक्स और वाटर टैक्स तय करते हुए उसे जमा करना होगा। इसमें गलत सूचना अंकित करने की संभावना पर जांच कर टैक्स की वसूली की जाएगी।
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निर्धारण के बिंदु
- टैक्स निर्धारण की न्यूनतम दर 35 पैसे और अधिकतम दर 70 पैसे प्रतिवर्ग फीट।
- 12 मीटर तक चौड़ी सड़क, 12 से 24 मीटर चौड़ी और 24 से अधिक मीटर चौड़ी सड़क को बनाया गया मानक।
- आरसीसी लैंटर वाले मकान, गार्डर-पटिया वाले मकान और कच्चे मकानों को किया गया श्रेणीकृत।
- वार्षिक मूल्यांकन पर 7.5 प्रतिशत हाउस टैक्स और 15 प्रतिशत वाटर टैक्स देना होगा।
गलत सूचना पर लगेगा अर्थदंड
स्वकर निर्धारण प्रक्रिया में गलत सूचना देने वाले मकान मालिकों पर पालिका अर्थदंड लगाएगी। यह 1000 रुपये होगा। कोई भी व्यक्ति या फिर पालिका के टैक्स कर्मचारी बता सकेंगे कि किस व्यक्ति ने टैक्स बचाने के लिए गलत जानकारी दी है। इस पर जांच उपरांत अर्थदंड लगाया जाएगा।
स्वकर निर्धारण प्रक्रिया एक सितंबर से मथुरा नगर पालिका क्षेत्र में प्रभावी होने जा रही है। इसके लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं। पूर्व सर्वे के मुताबिक पालिका में 70,000 मकानों पर यह व्यवस्था लागू होगी। इसी के साथ सर्वे के दौरान टैक्स से बाहर चल रहे मकानों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
- आशुतोष गुप्ता, कर अधीक्षक नगर पालिका परिषद, मथुरा
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राज्य सरकार ने वर्ष 2010 और 2012 में शहरी क्षेत्रों के लिए स्वकर निर्धारण नीति लागू की थी। मथुरा पालिका बोर्ड ने भी इस नीति को स्वीकारते हुए लागू करने का फैसला किया, लेकिन यह नीति मथुरा में प्रभावी नहीं हो सकी। अब एक सितंबर से इसे प्रभावी किया जा रहा है।
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स्वकर निर्धारण प्रक्रिया के तहत मथुरा पालिका क्षेत्र के निवासियों को खुद ही अपना हाउस टैक्स और वाटर टैक्स तय करते हुए उसे जमा करना होगा। इसमें गलत सूचना अंकित करने की संभावना पर जांच कर टैक्स की वसूली की जाएगी।
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निर्धारण के बिंदु
- टैक्स निर्धारण की न्यूनतम दर 35 पैसे और अधिकतम दर 70 पैसे प्रतिवर्ग फीट।
- 12 मीटर तक चौड़ी सड़क, 12 से 24 मीटर चौड़ी और 24 से अधिक मीटर चौड़ी सड़क को बनाया गया मानक।
- आरसीसी लैंटर वाले मकान, गार्डर-पटिया वाले मकान और कच्चे मकानों को किया गया श्रेणीकृत।
- वार्षिक मूल्यांकन पर 7.5 प्रतिशत हाउस टैक्स और 15 प्रतिशत वाटर टैक्स देना होगा।
गलत सूचना पर लगेगा अर्थदंड
स्वकर निर्धारण प्रक्रिया में गलत सूचना देने वाले मकान मालिकों पर पालिका अर्थदंड लगाएगी। यह 1000 रुपये होगा। कोई भी व्यक्ति या फिर पालिका के टैक्स कर्मचारी बता सकेंगे कि किस व्यक्ति ने टैक्स बचाने के लिए गलत जानकारी दी है। इस पर जांच उपरांत अर्थदंड लगाया जाएगा।
स्वकर निर्धारण प्रक्रिया एक सितंबर से मथुरा नगर पालिका क्षेत्र में प्रभावी होने जा रही है। इसके लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं। पूर्व सर्वे के मुताबिक पालिका में 70,000 मकानों पर यह व्यवस्था लागू होगी। इसी के साथ सर्वे के दौरान टैक्स से बाहर चल रहे मकानों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
- आशुतोष गुप्ता, कर अधीक्षक नगर पालिका परिषद, मथुरा