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अब तलाशे जा रहे रामवृक्ष के सियासी ताल्लुकात
अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 30 Jun 2016 11:58 PM IST
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रामवृक्ष के सियासी ताल्लुकात की जांच शुरू हो गई है। चंदनबोस, राकेश गुप्ता और वीरेश यादव से पूछताछ में जवाहर बाग में आने-जाने वाले लोगों के बारे में जो सूचनाएं मिली हैं उनकी तस्दीक कराई जा रही है।
बुधवार को वीरेश यादव ने बताया था कि जवाहर बाग में आरएसएस के पूर्व पदाधिकारी आगरा निवासी राजवीर सिंह भी आते थे। वह यहां ट्रेनिंग भी देते थे। जवाहर बाग में उन्हें सब गुरुजी के नाम से जानते थे। जवाहर बाग में होने वाली सभी बैठकों में भी वो शामिल रहते थे। बताया जाता है कि वह रामवृक्ष से काफी समय से जुड़े थे।
जब पुलिस ने चंदनबोस को गिरफ्तार किया था तो उसने भी रामवृक्ष के सियासी ताल्लुकात के बारे में बताया था। चंदनबोस के अनुसार कई हूटर लगी गाड़ियां भी जवाहर बाग में आती थीं। बत्ती लगी गाड़ियों का आना-जाना भी यहां रहता था। राकेश गुप्ता के साथ भी जवाहर बाग में कई सियासी लोगों का आना-जाना लगा रहता था। पुलिस की पूछताछ में राकेश गुप्ता के सपा में ताल्लुकात होने की बात भी सामने आने की बात कही जा रही है।
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गुरुजी समेत 15 लोगों से की जाएगी पूछताछ
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि वीरेश से पूछताछ में जो आरएसएस के पूर्व पदाधिकारी आगरा निवासी राजवीर का नाम सामने आया है उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। आगरा की एलआईयू को लगाया गया है। क्या हकीकत है पता कराया जा रहा है। उनका क्या रोल था। यहां आते भी थे या नहीं सभी बिंदुओं पर पड़ताल कराई जा रही है। वीरेश से पूछताछ में करीब 15 लोगों के नाम प्रकाश में आए हैं। इन सभी की जन्म कुंडली तलाशी जा रही है।
नेटवर्क खंगाल रही एसटीएफ
चंदनबोस, राकेश गुप्ता और वीरेश यादव की गिरफ्तारी के बाद मिली सूचनाओं के बाद अब एसटीएफ रामवृक्ष की ‘डर्टी कंपनी’ का नेटवर्क खंगालने में जुट गई है। रामवृक्ष के बेटे की भी तलाश की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश के कई जनपदों में दबिश भी दी जा चुकी है।
रामवृक्ष की मौत के बाद उसके जो खास सिपहसलार थे सभी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। अब पुलिस रामवृक्ष के बेटे की तलाश कर रही है। वहीं चंदनबोस, राकेश गुप्ता और वीरेश यादव से हुई पूछताछ के आधार पर एसटीएफ रामवृक्ष के नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश में लगी है। माना जा रहा है कि कई अहम जानकारियां अभी मिल सकती हैं।
गृह विभाग ने जवाहर बाग पर ली रिपोर्ट
गृह विभाग ने जवाहर बाग पर रिपोर्ट तलब की है। अब तक कितने लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और क्या नेटवर्क सामने आया है सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी गई है। पुलिस अधिकारियों के खिलाफ की जा रही जांच पर भी आख्या तलब की गई है।
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बुधवार को वीरेश यादव ने बताया था कि जवाहर बाग में आरएसएस के पूर्व पदाधिकारी आगरा निवासी राजवीर सिंह भी आते थे। वह यहां ट्रेनिंग भी देते थे। जवाहर बाग में उन्हें सब गुरुजी के नाम से जानते थे। जवाहर बाग में होने वाली सभी बैठकों में भी वो शामिल रहते थे। बताया जाता है कि वह रामवृक्ष से काफी समय से जुड़े थे।
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जब पुलिस ने चंदनबोस को गिरफ्तार किया था तो उसने भी रामवृक्ष के सियासी ताल्लुकात के बारे में बताया था। चंदनबोस के अनुसार कई हूटर लगी गाड़ियां भी जवाहर बाग में आती थीं। बत्ती लगी गाड़ियों का आना-जाना भी यहां रहता था। राकेश गुप्ता के साथ भी जवाहर बाग में कई सियासी लोगों का आना-जाना लगा रहता था। पुलिस की पूछताछ में राकेश गुप्ता के सपा में ताल्लुकात होने की बात भी सामने आने की बात कही जा रही है।
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गुरुजी समेत 15 लोगों से की जाएगी पूछताछ
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि वीरेश से पूछताछ में जो आरएसएस के पूर्व पदाधिकारी आगरा निवासी राजवीर का नाम सामने आया है उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। आगरा की एलआईयू को लगाया गया है। क्या हकीकत है पता कराया जा रहा है। उनका क्या रोल था। यहां आते भी थे या नहीं सभी बिंदुओं पर पड़ताल कराई जा रही है। वीरेश से पूछताछ में करीब 15 लोगों के नाम प्रकाश में आए हैं। इन सभी की जन्म कुंडली तलाशी जा रही है।
नेटवर्क खंगाल रही एसटीएफ
चंदनबोस, राकेश गुप्ता और वीरेश यादव की गिरफ्तारी के बाद मिली सूचनाओं के बाद अब एसटीएफ रामवृक्ष की ‘डर्टी कंपनी’ का नेटवर्क खंगालने में जुट गई है। रामवृक्ष के बेटे की भी तलाश की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश के कई जनपदों में दबिश भी दी जा चुकी है।
रामवृक्ष की मौत के बाद उसके जो खास सिपहसलार थे सभी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। अब पुलिस रामवृक्ष के बेटे की तलाश कर रही है। वहीं चंदनबोस, राकेश गुप्ता और वीरेश यादव से हुई पूछताछ के आधार पर एसटीएफ रामवृक्ष के नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश में लगी है। माना जा रहा है कि कई अहम जानकारियां अभी मिल सकती हैं।
गृह विभाग ने जवाहर बाग पर ली रिपोर्ट
गृह विभाग ने जवाहर बाग पर रिपोर्ट तलब की है। अब तक कितने लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और क्या नेटवर्क सामने आया है सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी गई है। पुलिस अधिकारियों के खिलाफ की जा रही जांच पर भी आख्या तलब की गई है।