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नोटबंदी की मार, रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के लिए नहीं मिल रहे मजदूर
अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 24 Nov 2016 11:52 PM IST
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मजदूर
- फोटो : अमर उजाला
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रोज कमाकर पेट भरने वाले मजदूरों पर नोटबंदी की मार सर्वाधिक पड़ रही है। भवन निर्माण क्षेत्र में मजदूरों पर भी इसका असर है। ये असर आगे रियल एस्टेट कारोबार की हालत खस्ता कर रहा है। मजदूर न मिलने से वृंदावन में अधिकांश प्रोजेक्ट पर निर्माण कार्य ठप है या बहुत धीमा हो गया है। जबकि अभी 15 दिन पहले तक यहां प्रोजेक्ट पर कार्य काफी तेजी से चल रहा था।
नोटबंदी के बाद से भवन निर्माण क्षेत्र में मजदूरों की किल्लत हो गई है। ठेकेदारों के पास मजदूरों को देने के लिए छोटी (फुटकर) मुद्रा नहीं है। मजदूरों को रोज मजदूरी नहीं मिल पाती। हालांकि कई जगह पर उनको महीनेदारी के हिसाब से भी पगार दी जाती है लेकिन वहां भी कैश की किल्लत से समस्या आ रही है। ऐसे में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट पर मजदूरों की संख्या आधी भी नहीं रही है।
इसका असर प्रोजेक्ट में निर्माण कार्य पर पड़ रहा है।मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की नवविकसित रुक्मणी विहार कालोनी में कई जगह बहुमंजिला इमारतों के निर्माण पर ये असर देखा जा सकता है। केएमएफ बिल्डर के प्रोजेक्ट में निर्माण कार्य बंद पड़ा है।
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वृंदावन ग्रीन में भी कार्य पर नोटबंदी का असर है। मथुरा मार्ग पर रानीसती बिल्डर्स की बहुमंजिला इमारत पर काम रुका हुआ है। अन्य भी प्रोजेक्ट पर कार्य या तो रुक गया है या काफी धीमा हो गया है।
रियल एस्टेट के कारोबार में मजदूरों की संख्या घटकर 25 प्रतिशत रह गई है। फुटकर पेमेंट न होने के कारण 75 प्रतिशत मजदूर काम छोड़कर चले गए हैं।
-तुलसी स्वामी, एमडी जीके ग्रुप
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नोटबंदी के बाद से भवन निर्माण क्षेत्र में मजदूरों की किल्लत हो गई है। ठेकेदारों के पास मजदूरों को देने के लिए छोटी (फुटकर) मुद्रा नहीं है। मजदूरों को रोज मजदूरी नहीं मिल पाती। हालांकि कई जगह पर उनको महीनेदारी के हिसाब से भी पगार दी जाती है लेकिन वहां भी कैश की किल्लत से समस्या आ रही है। ऐसे में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट पर मजदूरों की संख्या आधी भी नहीं रही है।
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इसका असर प्रोजेक्ट में निर्माण कार्य पर पड़ रहा है।मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की नवविकसित रुक्मणी विहार कालोनी में कई जगह बहुमंजिला इमारतों के निर्माण पर ये असर देखा जा सकता है। केएमएफ बिल्डर के प्रोजेक्ट में निर्माण कार्य बंद पड़ा है।
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वृंदावन ग्रीन में भी कार्य पर नोटबंदी का असर है। मथुरा मार्ग पर रानीसती बिल्डर्स की बहुमंजिला इमारत पर काम रुका हुआ है। अन्य भी प्रोजेक्ट पर कार्य या तो रुक गया है या काफी धीमा हो गया है।
रियल एस्टेट के कारोबार में मजदूरों की संख्या घटकर 25 प्रतिशत रह गई है। फुटकर पेमेंट न होने के कारण 75 प्रतिशत मजदूर काम छोड़कर चले गए हैं।
-तुलसी स्वामी, एमडी जीके ग्रुप