{"_id":"a03f3384bc5b7124ead372c78444c914","slug":"no-highmast-light-on-highway-in-mathura-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईवे को रोशन करना भूल गया प्रशासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईवे को रोशन करना भूल गया प्रशासन
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 03 Nov 2015 07:37 PM IST
विज्ञापन
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण प्रतिदिन टोल के रूप में यात्रियों से लाखों रुपये वसूल रहा है, लेकिन मार्ग पर मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई हैं। यहां तक कि मार्ग पर प्रकाश की भी व्यवस्था नहीं की गई है। इसके चलते अक्सर दुर्घटनाएं हो रहीं हैं।
प्राधिकरण का कहना है कि उसने मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन को सौंपी है।
मथुरा की सीमा में राष्ट्रीय राजमार्ग 72 किलोमीटर लंबा है।
इसमें छटीकरा से लेकर बाद तक का हाईवे शहर की घनी आबादी से गुजरता है। हाईवे पर शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है, ऐसे में साइकिल, रिक्शा, दोपहिया वाहन अंधेरे में गड्ढे आदि के कारण दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं।
स्थानीय प्रशासन को करनी थी व्यवस्था
आरटीआई कार्यकर्ताओं की संस्था ‘परिवर्तन’ की ओर से एक्टिविस्ट राम गुप्ता ने इस मामले में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से जनसूचना अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी थी। इस पर प्राधिकरण ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
विज्ञापन
जनहित के इस मामले में सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर शिकायत की गई। इस पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 27 अक्तूबर को भेजे पत्र में अवगत कराया है कि हाईवे पर प्रकाश की व्यवस्था स्थानीय प्रशासन द्वारा की जाती है, लेकिन नजारा आम ये है कि सांझ ढलते ही हाईवे अंधेरे में डूब जाता है।
यह मामला केंद्रीय सूचना आयोग में भी विचाराधीन है।
विज्ञापन
प्राधिकरण का कहना है कि उसने मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन को सौंपी है।
मथुरा की सीमा में राष्ट्रीय राजमार्ग 72 किलोमीटर लंबा है।
इसमें छटीकरा से लेकर बाद तक का हाईवे शहर की घनी आबादी से गुजरता है। हाईवे पर शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है, ऐसे में साइकिल, रिक्शा, दोपहिया वाहन अंधेरे में गड्ढे आदि के कारण दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं।
विज्ञापन
स्थानीय प्रशासन को करनी थी व्यवस्था
आरटीआई कार्यकर्ताओं की संस्था ‘परिवर्तन’ की ओर से एक्टिविस्ट राम गुप्ता ने इस मामले में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से जनसूचना अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी थी। इस पर प्राधिकरण ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
विज्ञापन
जनहित के इस मामले में सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर शिकायत की गई। इस पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 27 अक्तूबर को भेजे पत्र में अवगत कराया है कि हाईवे पर प्रकाश की व्यवस्था स्थानीय प्रशासन द्वारा की जाती है, लेकिन नजारा आम ये है कि सांझ ढलते ही हाईवे अंधेरे में डूब जाता है।
यह मामला केंद्रीय सूचना आयोग में भी विचाराधीन है।