फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   no change in the schedule of officers in mathura

बदली सरकार पर न सुधरे सरकारी दफ्तरों के हालात

Mon, 20 Mar 2017 10:52 PM IST
अमर उजाला मथुरा
अमर उजाला मथुरा Updated Mon, 20 Mar 2017 10:52 PM IST
विज्ञापन
no change in the schedule of officers in mathura
सोमवार को अमर उजाला के लाइव ने खोली पोल - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश में सरकार नई बन गई है, लेकिन अफसरों का काम करने का रवैया आज भी वही पुराना है। देर से आफिस पहुंचना और जल्दी चले जाने की आदत वर्षों पुरानी है लिहाजा छूटने में वक्त तो लगेगा ही। सोमवार को जब अमर उजाला की टीम ने आफिसों का जायजा लिया तो सभी उसी पुराने ढर्रे पर थे। कई दफ्तरों से अधिकारी गायब थे। अर्जी लेकर फरियादी भटक रहे थे। कई पटल खाली पड़े थे।
विज्ञापन


सोमवार को सुबह 10 से 11 बजे तक अमर उजाला के लाइव कवरेज के दौरान कलक्ट्रेट में पहली गाड़ी सिटी मजिस्ट्रेट की पहुंची। उनके बाद एडीएम कानून व्यवस्था की गाड़ी कलक्ट्रेट में दाखिल हुई। एडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट के बाद डीएम नितिन बंसल कार्यालय पहुंचे। बाकी तो सारे दफ्तरों में अफसरों की कुर्सियां खाली पड़ी थीं। प्रशासनिक अफसरों के अलावा कलक्ट्रेट स्थित अन्य विभागों के प्रमुख भी 11 बजे तक कार्यालय नहीं पहुंचे। पीडब्लूडी के अफसरों की कुर्सियां तो दोपहर तक खाली रहीं। चकबंदी कार्यालय का तो हाल और भी बुरा था। साढ़े दस बजे तो आफिस में झाड़ू लगनी शुरू हुई थी। तहसील प्रांगण में तहसीलदार का दफ्तर बंद मिला। कई दूसरे अधिकारी भी गायब थे। 
विज्ञापन


राजीव भवन में सीडीओ मनीष वर्मा तो थे लेकिन बाकी कोई अधिकारी नहीं मिला। एमवीडीए के अफसर भी निर्धारित समय के बाद ही पहुंचे। सीएमओ कार्यालय में भी सीएमओ थे, लेकिन कई लोग गायब थे। पुलिस अफसरों का भी यही हाल है, दफ्तरों में 11 बजे तक पहुंच रहे हैं। यदि समय से पहुंच भी रहे हैं तो बड़े अलसाये मन से। फरियादी आते हैं तो किसी की समस्या का समाधान नहीं होता। इस समय पुलिस अफसर कितने एक्टिव हैं इसका अंदाजा इसी ले लगा सकते हैं कि वारदातों का खुलासा बंद हो गया है। क्राइम का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


गौरतलब रहे कि भाजपा सरकार के गठन होने से पहले ही मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने सभी अफसरों को समय से कार्यालय पहुंचने के दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसके बावजूद स्थित चिंताजनक बनी हुई है। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि सोमवार को बोर्ड परीक्षा होने के कारण अधिकांश अफसर जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट के रूप में दायित्व निभा रहे थे।


वृंदावन में 11 बजे तक भी दफ्तर नहीं पहुंचे पालिकाकर्मी
सोमवार को नगर पालिका कार्यालय में कुछ कर्मचारियों के अलावा अधिकांश अधिकारी समय से नहीं पहुंचे। 11 बजे तक नगर पालिका वृंदावन के निर्माण विभाग के जेई की कुर्सी खाली पड़ी थी, जबकि कई अन्य कर्मचारी समय से कार्यालय में आ चुके थे। एक कर्मचारी ने बताया कि जेई साहब आगरा से आते हैं इस लिए देर हो जाती है। जेई सुरेश लवानिया ने कहा कि हमारा काम आफिस में बैठने का नहीं है। वहीं पालिका के जलकल विभाग के जेई दुष्यंत कुमार वत्स के दफ्तर का दरवाजा 11 बजे तक ही नहीं खुला। वहीं पालिका के ईओ के दफ्तर का भी दरवाजा 11 बजे तक बंद रहा। इधर नगर के सौ शैया संयुक्त जिला अस्पताल में चिकित्सक सुबह समय से अपनी ड्यूटी पर पहुंच गए। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed