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बिटिया की शादी में बेटी बचाओ... का संदेश
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 14 Feb 2016 11:50 PM IST
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छोटी कह सकते हैं पर अभिनव है ये पहल। बिटिया की शादी समारोह का आमंत्रण पत्र ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का संदेश भी पहुंचा रहा है। जो आमंत्रण पत्र पर छपे इस संदेश को पढ़ता है, आगे चार अन्य को दिखाता भी है। संदेश प्रसारित हो रहा है और संकल्प तक पहुंच रहा है।
‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के लिए सरकारी और गैरसरकारी संस्थाओं के प्रयासों में एक आयाम आम जन भी जोड़ रहे हैं। एक प्रयास मथुरा के परिवार ने भी किया है। उन्होंने अपनी बिटिया की शादी कार्ड पर ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का संदेश भी दिया है।
बिटिया की शादी 15 फरवरी को है। सैकड़ों की संख्या में कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। पिता ध्रुव घाट जनरल गंज निवासी धीरेंद्र कुमार कुलश्रेष्ठ बताते हैं कि समाचारपत्रों में लड़कों के सापेक्ष लड़कियों की संख्या लगातार गिरने के बारे में पढ़ते रहे हैं।
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बिटिया की शादी पर एक छोटी सी कोशिश की सोची। परिवार वाले मान गए और शादी की आमंत्रण पत्रिका पर ‘बेटी बचाओ...’ का संदेश छपवा दिया। सोचा नहीं था कि कोई अधिक ध्यान देगा। लेकिन सभी ने ध्यान दिया, सराहा भी। कई ने वजह भी पूछी लेकिन साथ ही ऐसा खुद भी करने की बात कहते हुए।
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‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के लिए सरकारी और गैरसरकारी संस्थाओं के प्रयासों में एक आयाम आम जन भी जोड़ रहे हैं। एक प्रयास मथुरा के परिवार ने भी किया है। उन्होंने अपनी बिटिया की शादी कार्ड पर ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का संदेश भी दिया है।
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बिटिया की शादी 15 फरवरी को है। सैकड़ों की संख्या में कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। पिता ध्रुव घाट जनरल गंज निवासी धीरेंद्र कुमार कुलश्रेष्ठ बताते हैं कि समाचारपत्रों में लड़कों के सापेक्ष लड़कियों की संख्या लगातार गिरने के बारे में पढ़ते रहे हैं।
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बिटिया की शादी पर एक छोटी सी कोशिश की सोची। परिवार वाले मान गए और शादी की आमंत्रण पत्रिका पर ‘बेटी बचाओ...’ का संदेश छपवा दिया। सोचा नहीं था कि कोई अधिक ध्यान देगा। लेकिन सभी ने ध्यान दिया, सराहा भी। कई ने वजह भी पूछी लेकिन साथ ही ऐसा खुद भी करने की बात कहते हुए।