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जलकर-गृहकर तय करेगी अधिकारी-पार्षदों की समिति

Sat, 24 Oct 2020 12:00 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 24 Oct 2020 12:00 AM IST
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Meeting
फोटो 4 नगर निगम की बोर्ड बैठक में बोलते सहायक नगर आयुक्त राजकुमार मित्तल मंचासीन हैं महापौर डॉ मु? - फोटो : MATHURA
मथुरा। नगर निगम की बोर्ड बैठक में शुक्रवार को पार्षदों के विरोध के बीच नगर निगम ने जलकर और गृहकर के लिए पार्षदों और नगर निगम के अधिकारियों की समिति तैयार कर दी गई। समिति तय करेगी कि महानगर वासियों पर कितना जलकर और रहकर लगाया जाए। जानकारी रहे पिछले दिनों हुई बैठक में पार्षदों ने गृह कर और जलकर को कम करने की मांग की थी। बोर्ड बैठक में इसके अलावा अन्य कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी पार्षदों ने मुहर लगा दी।
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पिछले दिनों हुई बोर्ड बैठक में नगर निगम के अधिकारियों ने महानगर वासियों पर 900 रुपये प्रति वर्ष का वाटर टैक्स लगाने की बात रखी थी। इसका पार्षदों ने विरोध किया था इसके अलावा गृह कर को भी कम करने की मांग पार्षद ने उठाई थी। पार्षदों का कहना था कि मथुरा जनपद के निकट अन्य नगर निगमों में वाटर टैक्स और हाउस टैक्स बहुत कम है। इसके चलते मथुरा में भी जलकर व गृहकर कम किया जाना चाहिए। यही मुद्दा शुक्रवार की बैठक में हावी रहा। बोर्ड बैठक में महापौर मुकेश आर्यबंधु, नगर आयुक्त रविंद्र कुमार मांदड के अलावा पार्षद और अधिकारी आदि मौजूद थे।
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प्रस्ताव हुए खारिज
भाजपा के पार्षद राम दास चतुर्वेदी व अन्य पार्षदों के द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति से संबंधित स्तंभ बनाए जाने तथा नारायण पार्क में महाराजा सूरजमल की प्रतिमा लगाने संबंधी प्रस्ताव भी बोर्ड बैठक में पेश किया, जिसको बोर्ड ने एक सिरे से खारिज कर दिया। हालांकि इस संबंध में नगर निगम के द्वारा एक समिति तैयार कर ली गई है। सहायक नगर आयुक्त ने बताया कि यह समिति ही तय करेगी कि नगर में सड़कों और पार्कों आदि को किन-किन महापुरुषों के नाम से बनाया जाना चाहिए या नहीं।
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किराएदार 31 मार्च 2021 तक ले सकेंगे लाभ
नगर निगम की संपत्तियों पर काबिज किरायेदारों के लिए सर्किल रेट 30 परसेंट कीमत को लेकर पूर्व में नगर निगम के द्वारा 31 मार्च 2020 तक की तिथि दी गई थी। कोरोना काल के चलते किरायेदारों को इसका लाभ नहीं मिल सका। पार्षदों के द्वारा जब नगर निगम की बोर्ड बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव रखा गया तो नगर निगम के अधिकारियों ने इसे एक साल तक और बढ़ा दिया है। अब किराएदार 31 मार्च 2021 तक इसका लाभ ले सकेंगे।

अधिवक्ताओं का मानदेय का प्रस्ताव भी खारिज
पार्षदों ने नगर निगम के पैनल के अधिवक्ताओं को मानदेय देने संबंधी प्रस्ताव रखा था, जिसे बोर्ड ने सिरे से खारिज कर दिया। अधिकारियों का कहना था कि नगर निगम में अधिवक्ताओं को काम के हिसाब से पैसे दिए जाएंगे।
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