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मथुरा: ग्रामीण अभियंत्रण विभाग: एसई के खिलाफ धरने पर बैठीं एक्सईएन की पत्नी
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मथुरा। राजीव भवन में धरने पर बैठीं इंजीनियर वीके सिंह की धर्मपत्नी कीर्ति सिंह और उनके परिजन।
- फोटो : MATHURA
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मथुरा। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के टेंडरों को लेकर एसई और एक्सईएन के बीच शुरू हुई तकरार शुक्रवार को एक्सईएन की पत्नी के धरने में बदल गई। एक्सईएन की पत्नी कीर्ति सिंह ने पति वीके सिंह के कार्यालय के बाहर धरना दिया। उनका आरोप था कि एसई राजेश गोयल ने उनके पति के कार्यालय पर कब्जा कर लिया है और वह उत्पीड़न कर रहे हैं जिससे पति बीमार हो गए हैं। बाद में सीडीओ के आश्वासन पर इसे समाप्त कर दिया गया।
शुक्रवार सुबह दस बजे एसई के उत्पीड़न का विरोध करते हुए पत्नी कीर्ति सिंह राजीव भवन स्थित पति के कार्यालय के बाहर परिजन महिलाओं के साथ धरने पर बैठीं। धरने पर जेई देवेंद्र कुमार, सहायक अभियंता कन्हैया लाल, अपर अभियंता रामपाल सिंह, जनपद सचिव अशोक कुमार, वित्त सचिव हरिश्चंद्र, मंडल सचिव संतोष कुमार के अलावा वीके गोस्वामी, प्रमोद कुमार, मनोज कुमार, धीरेंद्र कुमार, राहुल शर्मा, शिवरत्न, धनपाल वशिष्ठ आदि मौजूद थे। सीडीओ डॉ. नितिन गौड़ ने बताया कि उन्होंने जांच करने का आश्वासन एक्सईएन की पत्नी को दिया है। इसके बाद वह धरने से हट गईं।
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में सब गोलमाल है
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में एक्सईएन पद पर वीके सिंह कार्यरत हैं। विगत माह 18 फरवरी को 48 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली ग्रामीण सड़कों और पुल आदि के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ हुई। ऑनलाइन प्रक्रिया में करीब 62 ठेकेदारों ने आवेदन किया। मैनुअल प्रक्रिया में हार्ड कापी जमा करने की जिम्मेदारी एसई राजेश गोयल ने एक्सईएन को दी। वीके सिंह का आरोप है कि इस मैनुअल प्रक्रिया में कुछ ठेकेदारों की हार्ड कापी रोकने के लिए एसई ने कहा। जिसके लिए उन्होंने मना कर दिया। जब अधिक दबाव बनाया तो वह तनाव में आ गए और तबियत खराब होने पर 18 फरवरी से 25 फरवरी तक अवकाश पर चले गए। अब जब वह आए तो एसई राजेश गोयल मथुरा आकर उनके कार्यालय पर प्रतिदिन बैठने लगे।
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मुझ पर आरोप निराधार
वह 15 मार्च को बलदेव विधायक पूरन प्रकाश के कहने पर साइट पर गए थे। उसके बाद कार्यालय में बैठकर काम किया। एक्सईएन के आरोप निराधार हैं। उन्होंने किसी को कोई परेशान नहीं किया। वह काम में विश्वास रखते हैं। ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया में कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता है।
- राजेश गोयल, एसई ग्रामीण अभियंत्रण
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शुक्रवार सुबह दस बजे एसई के उत्पीड़न का विरोध करते हुए पत्नी कीर्ति सिंह राजीव भवन स्थित पति के कार्यालय के बाहर परिजन महिलाओं के साथ धरने पर बैठीं। धरने पर जेई देवेंद्र कुमार, सहायक अभियंता कन्हैया लाल, अपर अभियंता रामपाल सिंह, जनपद सचिव अशोक कुमार, वित्त सचिव हरिश्चंद्र, मंडल सचिव संतोष कुमार के अलावा वीके गोस्वामी, प्रमोद कुमार, मनोज कुमार, धीरेंद्र कुमार, राहुल शर्मा, शिवरत्न, धनपाल वशिष्ठ आदि मौजूद थे। सीडीओ डॉ. नितिन गौड़ ने बताया कि उन्होंने जांच करने का आश्वासन एक्सईएन की पत्नी को दिया है। इसके बाद वह धरने से हट गईं।
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ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में सब गोलमाल है
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में एक्सईएन पद पर वीके सिंह कार्यरत हैं। विगत माह 18 फरवरी को 48 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली ग्रामीण सड़कों और पुल आदि के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ हुई। ऑनलाइन प्रक्रिया में करीब 62 ठेकेदारों ने आवेदन किया। मैनुअल प्रक्रिया में हार्ड कापी जमा करने की जिम्मेदारी एसई राजेश गोयल ने एक्सईएन को दी। वीके सिंह का आरोप है कि इस मैनुअल प्रक्रिया में कुछ ठेकेदारों की हार्ड कापी रोकने के लिए एसई ने कहा। जिसके लिए उन्होंने मना कर दिया। जब अधिक दबाव बनाया तो वह तनाव में आ गए और तबियत खराब होने पर 18 फरवरी से 25 फरवरी तक अवकाश पर चले गए। अब जब वह आए तो एसई राजेश गोयल मथुरा आकर उनके कार्यालय पर प्रतिदिन बैठने लगे।
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मुझ पर आरोप निराधार
वह 15 मार्च को बलदेव विधायक पूरन प्रकाश के कहने पर साइट पर गए थे। उसके बाद कार्यालय में बैठकर काम किया। एक्सईएन के आरोप निराधार हैं। उन्होंने किसी को कोई परेशान नहीं किया। वह काम में विश्वास रखते हैं। ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया में कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता है।
- राजेश गोयल, एसई ग्रामीण अभियंत्रण