फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   lovers were punished by ramvriksh in jawahar bagh

रामवृक्ष के आदेश पर प्रेमियों को मिलती थीं यातनाएं

Sun, 12 Jun 2016 11:51 PM IST
पुनीत शर्मा
पुनीत शर्मा Updated Sun, 12 Jun 2016 11:51 PM IST
विज्ञापन
lovers were punished by ramvriksh in jawahar bagh
जवाहर बाग - फोटो : अमर उजाला
बाबा जयगुरुदेव और सुभाष चंद्र बोस के नाम पर लोगों को बरगलाकर एक बड़ा संगठन बनाने और जवाहर बाग पर कब्जे का ख्वाब देखने वाला रामवृक्ष अपनी पंचायत लगाता था। ये पंचायत भी नक्सलियों की तर्ज पर लगती थी। जवाहर बाग में रहने वाले कब्जाधारी हों या उसके बाहर रह रहे समर्थक ये अपनी शिकायत लेकर थाने या चौकी नहीं, बल्कि उसकी पंचायत में जाते थे। प्रेमी जोड़ों को उसके आदेश पर यातनाएं दी जाती थीं। जवाहर बाग से बाहर भी जब कोई ऐसा मौका आता तो वह फोन पर हुक्म देता और गुर्गे उसका पालन कराते थे।
विज्ञापन


लंबे समय तक बाबा जयगुरुदेव का शिष्य रहने वाला रामवृक्ष गांवों में जाकर बड़ी बड़ी पंचायतें करता था। झारखंड, बिहार, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के कन्नौज, कुशीनगर, बरेली, बदायूं, अलीगढ़, देवरिया, बुलंदशहर, कानपुर, मुजफ्फरपुर, महोबा समेत कई जिलों के गांवों में उसके संगठन से जुड़े लोग थे। बताया जाता है कि उससे जुड़े लोग समस्याओं के लिए पुलिस के पास न जाकर उसके समक्ष पेश होते थे। वह बाकायदा पंचायत लगाता और फैसले सुनाता था। रामवृक्ष फोन पर भी फरमान जारी कर देता था। आपरेशन जवाहर बाग के बाद रामवृक्ष के कब्जे से छूटे लोग अब इस बारे में खुलकर बताते हैं।
विज्ञापन


यहां एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती झारखंड निवासी देवीदत्त ने बताया कि एक व्यक्ति की लड़की का प्यार गांव में ही पड़ोस के लड़के से हो गया था। रामवृक्ष तक बात पहुंची थी। रामवृक्ष ने अपने लोगों से कहा कि लड़की के बाल कटवा दो और लड़के का मुंह काला करो। उसके आदेश पर दोनों को सजा दी गई थी। एक साल तक जवाहर बाग में रहने वाले बिहार के सोहन सिंह भी ऐसी ही एक घटना का उल्लेख करते हैं। उन्होंने बताया कि जवाहर बाग में अपने पति को छोड़कर रह रही एक महिला के संबंध यहां एक पुुरुष से हो गए थे। रामवृक्ष ने दोनों को भरी पंचायत में पिटवाया और आर्थिक दंड भी परिवार वालों से वसूला था। कन्नौज के संजू दुबे ने बताया कि रामवृक्ष के हथियारबंद गुर्गे गांवों में जाकर बाकायदा रामवृक्ष का फरमान लोगों को सुनाते थे। जो नहीं मानता था उसके साथ दुर्व्यवहार किया जाता था। झारखंड के एक गांव में तो प्रेमी युगल के परिवार वालों को पीटा गया था। उनको गांव से निकाल दिया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


मुखालफत करने पर झूठे केस में बंद करा देता था
जो भी लोग रामवृक्ष की बात नहीं मानते थे, वह उन पर झूठे मुकदमे तक दर्ज करा देता था। इस प्रकार के मामले भी सामने आए हैं। स्थानीय हास्पिटल में भर्ती देवरिया के एक गांव निवासी रामो देवी ने बताया कि हमारी जमीन पर कब्जा कर लिया था गांव के लोगों ने। पुलिस में शिकायत की। रामवृक्ष के लोग आए और कहा कि उन्होंने झगड़े के बारे में क्यों नहीं बताया। हमने कह दिया कि पुलिस को बता दिया है। इस पर उन पर झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed