{"_id":"585436a74f1c1b310e64a117","slug":"liquer-shops-are-going-to-be-cashless-in-mathura","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब प्रदेश के मयखाने भी होंगे कैशलेस ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब प्रदेश के मयखाने भी होंगे कैशलेस
ब्यूरो अमर उजाला
Updated Sat, 17 Dec 2016 12:17 AM IST
विज्ञापन
cashless
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोटबंदी के बाद से बड़ा घाटा झेल रहे आबकारी विभाग ने सभी देशी, विदेशी और बीयर शॉप पर स्वाइप मशीन लगाने का फैसला किया है। आबकारी आयुक्त ने सभी जिला आबकारी अधिकारियों को पत्र भेजकर कहा है कि वह सभी दुकानों पर मशीन लगवाएं। शराब के ठेकेदारों पर भी इसके लिए दबाव बनाया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में शराब की 24,000 दुकानें। शराब से हर माह करीब 1100 करोड़ का राजस्व सरकार को प्राप्त होता है। लेकिन नोटबंदी के बाद से नवंबर माह में ही आबकारी विभाग का राजस्व पचास फीसदी घट गया। प्रदेश के कुछ जिलों में तो स्थिति और भी खराब निकली। पिछले दिनों हुई समीक्षा में सभी आबकारी अधिकारियों ने जो रिपोर्ट दी उसमें कहा गया कि करेंसी की किल्लत के चलते बिक्री आधी रह गई है।
मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर, बरेली, अलीगढ़, कानपुर, लखनऊ और गोरखपुर मंडल में बिक्री का ग्राफ सबसे नीचे चला गया। अगर कोई रास्ता नहीं निकाला गया तो बिक्री और भी प्रभावित हो सकती है।
विज्ञापन
मौजूदा हालातों को देखते हुए आबकारी विभाग ने भी शराब की बड़ी दुकानों पर स्वाइप मशीन लगाने का फैसला किया है। आबकारी आयुक्त भवनाथ सिंह ने प्रदेश के सभी जिला आबकारी अधिकारियों को पत्र भेजकर कहा है कि वह दुकानों पर स्वाइप मशीन लगवाएं।
शराब के जो भी ठेकेदार हैं उनसे कहा जाए कि सभी दुकानों पर स्वाइप मशीन लगवाई जाए। ताकि बिक्री में आ रही गिरावट को रोका जा सके। सभी जिलाधिकारियों को भी इस आशय का पत्र भेजा गया है। सभी डीएम से कहा गया है कि वह अपने यहां चेक कराते रहें कि निर्देशों का पालन हो रहा है या नहीं। बार में भी यह व्यवस्था की जाए। ताकि करेंसी की किल्लत में बिक्री का ग्राफ कम न हो।
...तो ठेकों पर कौन सी मशीन लगेगी
अंग्रेजी शराब और बीयर शॉप पर तो स्वाइप मशीन लगाने का आदेश हो गया है लेकिन देसी शराब की दुकानों पर कौन सी मशीन लगाई जाएगी। प्रदेश में पांच हजार से भी ज्यादा देसी शराब की दुकानें हैं। शौकीनों की एक बड़ा संख्या ऐसी है जो देसी शराब ही पीते हैं। लेकिन यहां ऐसे बहुत कम ही आते होंगे जो कार्ड का यूज करते हों। लिहाजा इन दुकानों पर न तो किसी स्वाइप मशीन का प्रयोग हो सकता है और न ही किसी दूसरे विकल्प का। मथुरा में ही देसी शराब की दुकानों की संख्या 22 है।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश में शराब की 24,000 दुकानें। शराब से हर माह करीब 1100 करोड़ का राजस्व सरकार को प्राप्त होता है। लेकिन नोटबंदी के बाद से नवंबर माह में ही आबकारी विभाग का राजस्व पचास फीसदी घट गया। प्रदेश के कुछ जिलों में तो स्थिति और भी खराब निकली। पिछले दिनों हुई समीक्षा में सभी आबकारी अधिकारियों ने जो रिपोर्ट दी उसमें कहा गया कि करेंसी की किल्लत के चलते बिक्री आधी रह गई है।
विज्ञापन
मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर, बरेली, अलीगढ़, कानपुर, लखनऊ और गोरखपुर मंडल में बिक्री का ग्राफ सबसे नीचे चला गया। अगर कोई रास्ता नहीं निकाला गया तो बिक्री और भी प्रभावित हो सकती है।
विज्ञापन
मौजूदा हालातों को देखते हुए आबकारी विभाग ने भी शराब की बड़ी दुकानों पर स्वाइप मशीन लगाने का फैसला किया है। आबकारी आयुक्त भवनाथ सिंह ने प्रदेश के सभी जिला आबकारी अधिकारियों को पत्र भेजकर कहा है कि वह दुकानों पर स्वाइप मशीन लगवाएं।
शराब के जो भी ठेकेदार हैं उनसे कहा जाए कि सभी दुकानों पर स्वाइप मशीन लगवाई जाए। ताकि बिक्री में आ रही गिरावट को रोका जा सके। सभी जिलाधिकारियों को भी इस आशय का पत्र भेजा गया है। सभी डीएम से कहा गया है कि वह अपने यहां चेक कराते रहें कि निर्देशों का पालन हो रहा है या नहीं। बार में भी यह व्यवस्था की जाए। ताकि करेंसी की किल्लत में बिक्री का ग्राफ कम न हो।
...तो ठेकों पर कौन सी मशीन लगेगी
अंग्रेजी शराब और बीयर शॉप पर तो स्वाइप मशीन लगाने का आदेश हो गया है लेकिन देसी शराब की दुकानों पर कौन सी मशीन लगाई जाएगी। प्रदेश में पांच हजार से भी ज्यादा देसी शराब की दुकानें हैं। शौकीनों की एक बड़ा संख्या ऐसी है जो देसी शराब ही पीते हैं। लेकिन यहां ऐसे बहुत कम ही आते होंगे जो कार्ड का यूज करते हों। लिहाजा इन दुकानों पर न तो किसी स्वाइप मशीन का प्रयोग हो सकता है और न ही किसी दूसरे विकल्प का। मथुरा में ही देसी शराब की दुकानों की संख्या 22 है।