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हत्या के दो दोषियों को उम्र कैद
ब्यूरो,अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 05 Jan 2016 11:22 PM IST
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वृंदावन के दुसायत क्षेत्र में करीब 28 वर्ष पूर्व जमीन के विवाद में एक व्यक्ति की हत्या और दो अन्य पर जानलेवा हमले के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो दोषियों की उम्र कैद की सजा सुनाकर सेशन कोर्ट के निर्णय को बरकरार रखा है। इन दो आरोपियों में एक नगरपालिका का चतुर्थश्रेणी कर्मचारी भी है।
17 जून 1987 की शाम 3:30 बजे तेज सिंह बाजार जा रहे थे तभी नामजद तानो उर्फ तान सिंह, महावीर, ब्रजनंदन और शंकर ने उन पर बल्लम, लाठी और पिस्टल से जानलेवा हमला कर दिया।
जानकारी पर पहुंचे महीपाल सिंह, तरन सिंह और बीना देवी पर भी इन लोगों ने हमला कर दिया। इसमें तेज सिंह की मौत हो गई, तरन सिंह और बीना घायल हो गए थे।
सेशन कोर्ट में चले मुकदमे में सबूत के अभाव में तानों उर्फ तान सिंह को बरी कर दिया जबकि महावीर, ब्रजनदंन और शंकर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
इस निर्णय पर आरोपी पक्ष की ओर से 1988 में हाईकोर्ट में अपील दायर की गई। इसकी सुनवाई के दौरान एक आरोपी शंकर की भी हत्या हो गई।
लंबी बहस और बीते समय के बाद हाईकोर्ट की डबल बेंच ने 21 दिसंबर को आरोपी पक्ष की अपील खारिज करते हुए सेशन कोर्ट के निर्णय को बहाल रखा है। बता दें कि हत्या का एक आरोपी ब्रजनंदन नगर पालिका वृंदावन में चतुर्थश्रेणी कर्मचारी है।
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17 जून 1987 की शाम 3:30 बजे तेज सिंह बाजार जा रहे थे तभी नामजद तानो उर्फ तान सिंह, महावीर, ब्रजनंदन और शंकर ने उन पर बल्लम, लाठी और पिस्टल से जानलेवा हमला कर दिया।
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जानकारी पर पहुंचे महीपाल सिंह, तरन सिंह और बीना देवी पर भी इन लोगों ने हमला कर दिया। इसमें तेज सिंह की मौत हो गई, तरन सिंह और बीना घायल हो गए थे।
सेशन कोर्ट में चले मुकदमे में सबूत के अभाव में तानों उर्फ तान सिंह को बरी कर दिया जबकि महावीर, ब्रजनदंन और शंकर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
इस निर्णय पर आरोपी पक्ष की ओर से 1988 में हाईकोर्ट में अपील दायर की गई। इसकी सुनवाई के दौरान एक आरोपी शंकर की भी हत्या हो गई।
लंबी बहस और बीते समय के बाद हाईकोर्ट की डबल बेंच ने 21 दिसंबर को आरोपी पक्ष की अपील खारिज करते हुए सेशन कोर्ट के निर्णय को बहाल रखा है। बता दें कि हत्या का एक आरोपी ब्रजनंदन नगर पालिका वृंदावन में चतुर्थश्रेणी कर्मचारी है।
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